आगरालीक्स…अच्छी खबर, आगरा में ताज पूर्वी गेट से आईएसबीटी तक 80 किमी प्रति घंटा से दौड़ी मेट्रो ट्रेन. फाइनल इंटीग्रेटेड टेस्टिंग रही सक्सेसफुल. स्पीड एवं ब्रेकिंग टेस्ट भी देखे…जल्द होगा आईएसबीटी तक मेट्रो का सफर
आगरा मेट्रो कॉरिडोर-1 (ताज ईस्ट गेट – सिकंदरा) के अंतर्गत बैलेंस सेक्शन (मनकामेश्वर – आईएसबीटी) पर मेट्रो रेल संरक्षा आयुक्त (सीएमआरएस) श्री नीलाभ्र सेनगुप्ता एवं उनकी पांच सदस्यीय टीम द्वारा निरीक्षण एवं मूल्यांकन किया गया। निरीक्षण के दूसरे दिन स्टेशन निरीक्षण, सिग्नलिंग प्रणाली की व्यापक जांच, हाई-स्पीड रन तथा अन्य प्रमुख तकनीकी परीक्षण सफलतापूर्वक संपन्न किए गए। इसके साथ ही कॉरिडोर-1 पर आईएसबीटी तक फाइनल इंटीग्रेटेड टेस्टिंग भी पूरी हो गई है, जिसके बाद मेट्रो सेवाएं कल से पुनः अपने निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार संचालित होंगी।
निरीक्षण के पहले दिन बुधवार को सीएमआरएस एवं उनकी टीम ने मोटर ट्रॉली के माध्यम से मनकामेश्वर से आरबीएस रैंप तक मेट्रो ट्रैक का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सभी स्टेशन (एस एन मेडिकल कॉलेज,आगरा कॉलेज, राजा की मंडी, आरबीएस कॉलेज एवं ISBT) का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान प्रत्येक स्टेशन पर यात्री सुरक्षा से संबंधित व्यवस्थाओं एवं प्रावधानों का गहन परीक्षण किया गया। तकनीकी कक्षों, स्टेशन कंट्रोल रूम, एस्केलेटर, लिफ्ट, फायर अलार्म सिस्टम तथा प्लेटफॉर्म के बुनियादी ढांचे सहित विभिन्न सुविधाओं का सूक्ष्मता से निरीक्षण एवं मूल्यांकन किया गया।
दूसरे दिन निरीक्षण में सीएमआरएस ने मनकामेश्वर स्टेशन से मेट्रो ट्रेन द्वारा निरीक्षण प्रक्रिया की शुरुआत की। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी) के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में ट्रेन के विभिन्न तकनीकी पहलुओं का परीक्षण करते हुए अधिकारियों का दल नवनिर्मित सेक्शन के अंतिम स्टेशन आईएसबीटी तक पहुंचा। इस दौरान UPMRC के MD, श्री सुशील कुमार, निदेशक अवसंरचना श्री सीपी सिंह, निदेशक रोलिंग स्टॉक श्री नवीन कुमार, परियोजना निदेशक श्री अरविन्द राय भी मौजूद थे.

ताज ईस्ट गेट से आईएसबीटी तक की इंटीग्रेटेड टेस्टिंग
आगरा मेट्रो के अंतर्गत वर्तमान में संचालित सेक्शन (ताज ईस्ट गेट – मनकामेश्वर) तथा नवनिर्मित शेष सेक्शन (मनकामेश्वर से आईएसबीटी) की समग्र (इंटीग्रेटेड) फाइनल टेस्टिंग सफलतापूर्वक पूरी की गई। इस परीक्षण के दौरान पूरे कॉरिडोर को एकीकृत रूप से संचालित कर सिग्नलिंग, टेलीकॉम, विद्युत आपूर्ति, ट्रैक तथा ट्रेन संचालन से जुड़ी सभी प्रमुख प्रणालियों का समन्वित परीक्षण किया गया।
सिग्नलिंग प्रणाली का परीक्षण
सीएमआरएस एवं उनकी टीम ने सिग्नलिंग प्रणाली से जुड़े सभी महत्वपूर्ण मानकों का विस्तृत परीक्षण किया। उल्लेखनीय है कि अत्याधुनिक तकनीक से लैस आगरा मेट्रो ट्रेनें ऑटोमेटिक ट्रेन ऑपरेशन (एटीओ) मोड में कम्युनिकेशन बेस्ड ट्रेन कंट्रोल (सीबीटीसी) सिग्नलिंग प्रणाली के माध्यम से संचालित होती हैं। इस उन्नत प्रणाली में संचालन संबंधी अधिकांश प्रक्रियाएं स्वचालित होती हैं, जिससे मानवीय त्रुटि की संभावना अत्यंत कम हो जाती है। सीएमआरएस की उपस्थिति में इस संपूर्ण सिग्नलिंग प्रणाली का परीक्षण करने के लिए कॉलिजन टेस्ट भी किया गया। इस दौरान दो ट्रेनों को आमने-सामने लाकर टक्कर जैसी परिस्थिति निर्मित को गई। निर्धारित दूरी तक पहुंचते ही ट्रेन ऑपरेटर के किसी हस्तक्षेप के बिना ट्रेन में स्वतः ब्रेक लग गए। इसके अतिरिक्त मेट्रो ट्रेन को उसकी अधिकतम निर्धारित गति 80 किमी प्रति घंटा पर चलाकर परीक्षण किया गया। इस दौरान स्पीड एवं ब्रेकिंग टेस्ट भी किया गया, जिसके अंतर्गत अधिकतम गति पर ट्रेन संचालित कर ब्रेकिंग सिस्टम की कार्यक्षमता का मूल्यांकन किया गया।

उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीएमआरसी) के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने इस अवसर पर कहा,”सीएमआरएस निरीक्षण प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा मानकों के अनुरूप हाई-स्पीड टेस्ट, स्पीड एवं ब्रेकिंग टेस्ट जैसे परीक्षणों का अत्यंत सावधानीपूर्वक और वैज्ञानिक ढंग से विश्लेषण किया जाता है। यात्री सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ये परीक्षण नव-निर्मित सेक्शन की तकनीकी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।आगरा मेट्रो ने निर्माण के दौरान अनेक चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना करते हुए शहर के इतिहास में एक उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की है। हमारा मेट्रो कॉरिडोर शहर के सबसे व्यस्त क्षेत्रों से होकर गुजरता है, जिससे आने वाले समय में शहर के अंदर यात्रा अधिक सुरक्षित, सुगम, तेज एवं सुविधाजनक हो जाएगी।”