आगरालीक्स…आगरा में सावन के गलीतों पर महिलाओं ने बांधा समां. बोदला टैक्स क्लब ने धूमधाम से मनाया हरियाली तीज महोत्सव, ममता द्विवेदी बनीं ‘तीज क्वीन’. पारंपरिक प्रतियोगिताओं में दिखा भारी उत्साह
ताजनगरी में कलवारी स्थित राधा मोहन रिसॉर्ट में बोदला कर अधिवक्ता परिवार की ओर से दाल-बाटी उत्सव और हरियाली तीज महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। यह पारिवारिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम बेहद हर्षोल्लास और धूमधाम के साथ संपन्न हुआ। इस गरिमामयी समारोह में शहर के जाने-माने कर अधिवक्ताओं और उनके परिवारजनों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। सभी ने अपनी व्यस्त दिनचर्या से समय निकालकर आपसी सौहार्द, प्रेम और अपनी समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं का अद्भुत परिचय दिया। हरियाली तीज के इस पावन पर्व पर महिलाओं के लिए कई विशेष और पारंपरिक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया था।
ममता द्विवेदी के सिर सजा ‘तीज क्वीन’ का ताज
समारोह के दौरान सावन के मल्हार और लोकगीतों की गूंज के बीच महिलाओं ने खूब उत्साह दिखाया। इस शानदार सांस्कृतिक छटा के बीच ममता द्विवेदी ने अपनी उत्कृष्ट वेशभूषा, गजब के आत्मविश्वास और बेहतरीन प्रतिभा के बल पर ‘तीज क्वीन’ का प्रतिष्ठित खिताब अपने नाम किया। जब उनकी ताजपोशी हुई, तो पूरा हॉल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। इस कड़ी प्रतियोगिता में द्वितीय स्थान पर श्रीमती सरिता वार्ष्णेय रहीं, जबकि तृतीय स्थान श्रीमती शालिनी जैन ने प्राप्त किया।
बच्चों की प्रस्तुतियों ने मोहा मन
इस भव्य कार्यक्रम का एक अन्य मुख्य आकर्षण बोदला कर अधिवक्ता परिवार के बच्चों द्वारा दी गई मनमोहक प्रस्तुतियां रहीं। बच्चों ने अपनी कला से मंच पर ऐसा जादू बिखेरा कि हर कोई मंत्रमुग्ध रह गया। नन्हे-मुन्ने कलाकारों ने देशभक्ति गीतों, सावन के पारंपरिक लोकगीतों और विभिन्न मनोरंजक धुनों पर एक से बढ़कर एक डांस और नाटक पेश कर वहां मौजूद सभी लोगों का दिल जीत लिया। बच्चों की इन शानदार प्रस्तुतियों को दर्शकों ने खूब सराहा।
अधिवक्ताओं का सम्मान और दाल-बाटी का स्वाद
समारोह को सफल, सुव्यवस्थित और यादगार बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले वरिष्ठ कर अधिवक्ताओं को मंच पर सम्मानित भी किया गया। इनमें प्रमुख रूप से अनिल आदर्श जैन, राजेन्द्र शर्मा, मनोज शर्मा, कृष्ण नारायण द्विवेदी, जीएस कुशवाहा और संजय भटनागर शामिल रहे। रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के पश्चात सभी अतिथियों और परिवारजनों ने जायके से भरपूर पारंपरिक दाल-बाटी के भोज का जमकर आनंद लिया।
कार्यक्रम के अंत में वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने सभी को हरियाली तीज की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि व्यावसायिक व्यस्तता और भागदौड़ के बीच ऐसे आयोजनों से न केवल मानसिक सुकून मिलता है, बल्कि परिवारों में आपसी प्रेम, एकजुटता और सांस्कृतिक मूल्यों को भी काफी मजबूती मिलती है। इस खास मौके पर भुवनेन्द्र वार्ष्णेय, सीताराम छावड़ा, मुकेश खंडेलवाल, सौरभ खंडेलवाल, स्वतंत्र कुमार कुलश्रेष्ठ और सौरभ बंसल सहित कई अन्य गणमान्य लोग विशेष रूप से उपस्थित रहे।