आगरालीक्स…आगरा में 12वीं पास वीरू ने की सवा करोड़ की ठगी. बेरोजगार युवकों को करता था टारगेट. फिर ऐसे अपने जाल में फंसाता था कि आप भी चौंक जाएंगे…इसके कारनामे जान पुलिस भी रह गई सन्न
आगरा में 12वीं पास युवक वीरू अपने शातिर दिमाग के जरिए बेरोजगार युवकों को नौकरी के नाम पर फंसाता था. डीजीपी के पीआरओ का दोस्त बनकर रौब जमाता था और नौकरी के नाम पर लोगों से ठगी करता था. यह शातिर अब तक सवा करोड़ रुपये की ठगी कर चुका है. पुलिस ने जब इसको पकड़ा और पूछताछ की तो उसके कारनामे जानकर पुलिस भी सन्न रह गई. पुलिस अब इसके साथी की भी तलाश कर रही है. कोर्ट ने इसे जेल भेज दिया है.
शिक्षिका के बेटे की नौकरी के नाम पर लाखों ठगे
सदर के मुस्तफा क्वार्टर में अरविंद सक्सेना रहते हैं. इन्होंने बताया कि उनकी पत्नी सरकारी शिक्षक हैं. पत्नी की कुछ समय पहले बीएलओ के काम के दौरान रोहता में वीरू निवासी रौनक एंक्लेव शमसाबाद रोड से हुई. वीरू ने खुद को समाजसेवी बताया और लखनऊ में अधिकारियों से संबंध होने और खुद को डीजीपी यूपी के पीआरओ का करीबी दोस्त बताया. उसने शिक्षिका के बेटे द्वारा दी गई पुलिस विभाग में लिपिक की परीक्षा में सेटिंग कर नौकरी लगवाने का आश्वासन दिया और इसके नाम पर 13.25 लाख रुपये ले लिए.
आरोपी ने भरोसे में लेने के लिए डीजीपी का पीआरओ बताते हुए अपने साथी राज शर्मा से भी बात कराई थी. बाद में वाट्सएप पर परीक्षा के परिणाम की पीडीएफ भी भेजी लेकिन वह फर्जी थी. मामले में साइबर क्राइम थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की. पुलिस ने आरोपी वीरू को पकड़ लिया और उससे पूछताछ की. पुलिस के अनुसार वीरू रहन सहन दिखाकर लोगों को अपने जाल में फंसाता था. आरोपी ने यूपी और राजस्थान में 8 बेरोजगारों से सवा करोड़ से अधिक की ठगी की वारदात को कबूल लिया है. पुलिस अब इसके साथियों की तलाश कर रही है.