आगरालीक्स…आगरा के माही इंटरनेशनल स्कूल की विज्ञान प्रदर्शनी में दिखी नवाचार की उड़ान, 576 विद्यार्थियों ने प्रदर्शित किए 192 कार्यशील मॉडल
माही इंटरनेशनल स्कूल के माही साइंस क्लब द्वारा भव्य विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इसमें कक्षा तृतीय से बारहवीं तक के 576 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए 192 कार्यशील मॉडल एवं परियोजनाएं प्रस्तुत कीं। प्रदर्शनी का अवलोकन करने पहुंचे चार हजार से अधिक अभिभावक, अतिथि एवं दर्शक विद्यार्थियों की वैज्ञानिक प्रतिभा, कल्पनाशक्ति और अभिनव सोच से अत्यंत प्रभावित हुए।
प्रदर्शनी में भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान, गणित, स्पेस टेक्नोलॉजी, कंप्यूटर साइंस एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से संबंधित आकर्षक मॉडल प्रदर्शित किए गए। विद्यार्थियों ने अपने मॉडलों के माध्यम से वैज्ञानिक सिद्धांतों, तकनीकी समाधानों एवं भविष्य की संभावनाओं को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। प्रदर्शनी ने उनकी रचनात्मकता, तार्किक सोच, व्यावहारिक ज्ञान एवं समस्या-समाधान क्षमता का उत्कृष्ट परिचय दिया।

वरिष्ठ वर्ग में कक्षा नौवीं के भानु कुशवाह, आराध्या एवं चांदनी की टीम ने ‘स्मार्ट एग्रीकल्चर’ के कार्यशील मॉडल के लिए प्रथम पुरस्कार प्राप्त किया। द्वितीय पुरस्कार संयुक्त रूप से कक्षा बारहवीं के भानु प्रताप को ‘दृष्टि दोष’ मॉडल तथा कक्षा ग्यारहवीं के गौरी, अनुष्का, शिवम एवं साहिल की टीम को ‘फ्यूचर ऑफ रिजेनेरेटिव मेडिसिन’ परियोजना के लिए प्रदान किया गया। कक्षा ग्यारहवीं की हिमांशी, दीक्षा एवं जैस्मिन की टीम ने ‘डाई एक्सट्रैक्शन’ मॉडल के लिए तृतीय स्थान प्राप्त किया।
कनिष्ठ वर्ग में कक्षा आठवीं के दिव्यांश एवं नव्या की टीम ने ‘स्मार्ट इरिगेशन सिस्टम’ के कार्यशील मॉडल के लिए प्रथम पुरस्कार जीता। कक्षा आठवीं के विदित द्वारा तैयार ‘ऑटोमैटिक बम डिफ्यूजन मॉडल’ को द्वितीय तथा नव्यांश एवं विष्णु की टीम के ‘स्मार्ट ब्लाइंड ग्लासेस’ मॉडल को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया। इसके अतिरिक्त उत्कृष्ट प्रयासों एवं नवाचारी प्रस्तुतियों के लिए विद्यार्थियों को 50 सांत्वना पुरस्कार भी दिए गए।
विद्यालय के चेयरमैन संजय अग्रवाल एवं मैनेजिंग ट्रस्टी मंजरी अग्रवाल ने विद्यार्थियों तथा उनके मार्गदर्शक शिक्षकों के समर्पण, परिश्रम और रचनात्मक प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसी अनुभवात्मक गतिविधियां विद्यार्थियों में रचनात्मकता, आलोचनात्मक चिंतन, व्यावहारिक ज्ञान, टीमवर्क, समन्वय, संवाद कौशल और समस्या-समाधान क्षमता विकसित करती हैं तथा उन्हें वास्तविक जीवन की चुनौतियों का आत्मविश्वास के साथ सामना करने के लिए तैयार करती हैं।