आगरालीक्स...आगरा में चल रही थी धर्म परिवर्तन की सभा. लोगों को एकत्रित कर धर्म परिवर्तन के लिए लालच दिया जा रहा था. पुलिस ने चार लोगों को पकड़ा…सोशल मीडिया पर इनके कई ग्रुप्स. टारगेट पूरा करने पर होती थी फंडिंग…
आगरा में एक सनसनीखेज और चौंकाने वाला खुलासा पुलिस ने किया है. थाना सैंया व साइबर आपरेशन एंड काउंटर इंटेजीलेंस टीम ने सैंया में एक घर में चल रही धर्म परिवर्तन की सभा का भंडाफोड़ किया है. पुलिस ने चार आरोपियों को अरेस्ट किया है. ये आरोपी लोगों को धर्म परिवर्तन के लिए लालच देते थे और उनको शिक्षा प्रसार के जरिए उकसाते थे. इनके कई ग्रुप सोशल मीडिया पर भी मिले हैं जिसमें इन्हें धर्म परिवर्तन के लिए टारगेट दिया जाता था और टारगेट पूरा होने पर फंडिंग की जाती थी. पुलिस इस पूरे गिरोह की कुंडली खंगाल रही है.
जन्मदिन के बहाने चल रही थी धर्मपरिवर्तन की सभा
थाना पुलिस व इंटेलीजेंस को सूचना मिली कि थाना सैंया के गांव जोधपुरा में धर्मपरिवर्तन की सभा चल रही है. यहां जन्मदिन पार्टी के बहाने महिला और पुरुषों को एकत्रित कर धर्म परिवर्तन के लिए उकसाया जा रहा है. पुलिस ने यहां पहुंचकर चार आरोपियों को अरेस्ट कर लिया. जांच में सामने आया कि ये लोग बीमारी दूर करने, आर्थिक सहायता एवं अन्य लाभ का प्रलोभन देकर लोगों को धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित कर रहे थे.
पकड़े गए आरोपियों के नाम
विनीत वेदी पुत्र करीमन वेदी निवासी राजविहार कॉलोनी मीनावाला सिरसी रोड़ जयपुर राजस्थान।
बंटू उर्फ डोंगर सिंह पुत्र ओमप्रकाश निवासी चहलपुर, सहपऊ धौलपुर राजस्थान।
मुखराज पुत्र कल्याण सिंह निवासी मितावली थाना खेरागढ़ आगरा।
प्रताप सिंह पुत्र गिरिराज कुशवाह निवासी ग्राम जोधपुर, थाना सैंया आगरा।
लालच देकर उकसाया जा रहा था धर्म परिवर्तन के लिए
पुलिस जांच में पता चला कि आरोपियों द्वारा गांव के एक व्यक्ति के घर को संपर्क स्थल के रूप में प्रयोग करते हुए महिला एवं पुरुषों को एकत्र किया जाता था. वहां धर्म परिवर्तन से सम्बन्धित शिक्षाओं के बारे में जानकारी दी जाती थी तथा लोगों को धार्मिक गतिविधियों से जोड़ने का प्रयास किया जाता था. पहले व्यक्तिगत, पारिवारिक, आर्थिक एवं स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से परेशान व्यक्तियों एवं परिवारों से संपर्क स्थापित किया जाता था. प्रार्थना एवं सहायता के माध्यम से विश्वास कायम करने के बाद आर्थिक सहायता, बीमारी ठीक होने अथवा अन्य लाभ की बात कहकर उन्हें धार्मिक गतिविधियों से जोड़े जाने तथा आगे धार्मिक सभाओं से जोड़ने की प्रक्रिया सामने आयी.
सोशल मीडिया पर टारगेट और फिर फंडिंग
जांच के दौरान यह तथ्य प्रकाश में आया है कि उपरोक्त अभियुक्तगण विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर संचालित अनेक ग्रुप्स से जुड़े हुए थे. उक्त ग्रुप्स के माध्यम से उन्हें निरंतर नए व्यक्तियों को संपर्क में लाने एवं धार्मिक गतिविधियों से जोड़ने संबंधी लक्ष्य (Target) एवं दिशा-निर्देश प्राप्त होते थे. प्राप्त लक्ष्यों की प्रगति एवं पूर्ति के आधार पर संबंधित व्यक्तियों को आर्थिक सहायता/ फंडिंग उपलब्ध कराये जाने की जानकारी सामने आई है.
अभियुक्तों की कार्यप्रणाली –
लक्षित व्यक्ति/ परिवार की पहचान → संपर्क स्थापित करना → समस्या / बीमारी में प्रार्थना एवं सहायता विश्वास कायम करना → आर्थिक/ अन्य लाभ का प्रलोभन → धार्मिक सभा से जोड़ना → धार्मिक शिक्षाएं देना → धर्म परिवर्तन हेतु प्रेरित करना → नए व्यक्तियों को जोड़ने के लिए तैयार करना।