आगरालीक्स…आगरा की यूनिवर्सिटी को मिला 20 करोड़ रुपये का अनुदान. पीएम उषा योजना के तहत मिले अनुदान से होंगे ये काम. लाइव हुआ प्रसारण
डॉ भीमराव आम्बेडकर विश्वविद्यालय आगरा को प्रतिष्ठित प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान (पीएम-उषा) योजना के अन्तर्गत 20 करोड़ रुपये का अनुदान प्राप्त हुआ है। देश के राज्य विश्वविद्यालयों से प्रतिस्पर्धा स्तर पर आगरा विश्वविद्यालय को यह अनुदान पीएम- उषा योजना के ग्रांटस टू स्ट्रेनथेन यूनिवर्सिटी के अंतर्गत प्राप्त हुआ है। इस श्रेणी में देश के मात्र 52 विश्वविद्यालयों को अनुदान प्राप्त हुआ है जिसमें आगरा विश्वविद्यालय ने अपनी जगह बनाई है। इस दौरान पीएम मोदी का लाइव प्रसारण भी देखा गया।
इस विशेष उपलब्धि पर कुलपति प्रो आशु रानी को विश्वविद्यालय के शिक्षकों ने बधाई दी है। कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय निरंतर आगे बढ़े इसलिए हम सब मिलकर कार्य करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय को अनुदान मिलना शिक्षा में उत्कृष्टता और नवाचार के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को दर्शाता है इससे शोध को और गति मिलेगी. उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान से जुड़ना गौरव की बात है।
उन्होंने बताया कि पीएम-उषा योजना के तहत यूनिवर्सिटी को 20 करोड़ रुपये का अनुदान मिला है. इसका उपयोग राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के अनुरूप विश्वविद्यालय को अंतरविषयक शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में उत्कृष्ट एवं विश्वस्तरीय विश्वविद्यालय के रूप में विकसित करने के लिए किया जाएगा। साथ ही विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के स्नातक, परास्नातक प्रयोगशालाओं को उन्नयन किया जाएगा जिससे विश्वविद्यालय में प्रभावी रूप से शिक्षण एवं शोध कार्यों को बढ़ावा मिलेगा | आगरा विश्विधालय में अनुदान से कार्य किये जायेंगे…. सोलर पार्क, मिनी स्टेडियम, लब के लिए इक्विपमेंट, पुरानी ईमारतो का जिर्णोधार, wi fi परिसर, I C T इंस्ट्रूमेंट (कम्प्यूटर सम्बंधित)।
कुलसचिव डॉ राजीव कुमार ने कहा कि विश्वविद्यालय का लक्ष्य अनुसंधान और नवाचार के लिए विश्वस्तरीय माहौल बनाना है, जिससे विश्वविद्यालय और उसके संबद्ध कॉलेजों दोनों को लाभ हो सके । विश्वविद्यालय द्वारा अनुदान का उपयोग ऑनलाइन / डिजिटल शिक्षा के लिए बुनियादी ढांचे को विकसित करने के लिए भी किया जाएगा, जिससे सामाजिक रूप से वंचित समुदायों के लिए उच्च शिक्षा के अवसर सुनिश्चित होंगे। साथ ही साथ रोजगारपरक पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे जिससे की छात्रों का समुचित विकास हो एवं रोजगार को बढ़ावा मिले|