आगरालीक्स…देखें वीडियो, आगरा में पति को किडनी दान देने वाली मीना की हालत स्थिर. वीडियो कॉल पर पति से की बात. ससुर ने कहा मेरी बहू देवी है…एसएन में हुआ था पहला सफल किडनी ट्रांसप्लांट
आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में हुए पहले सफल किडनी ट्रांसप्लांट में किडनी दाता 31 वर्षीय मीना अब पूरी तरह स्वस्थ और स्थित स्थिति में है. मीना ने अपने पति को किडनी देकर जीवनदान दिया है. डॉक्टरों की टीम मीना के भी स्वास्थ्य पर लगातार नजर बनाए हुए है. इलाज के दौरान मीना ने इस सफल ऑपरेशन और असाध्य रोग योजना के तहत मिले निःशुल्क इलाज के लिए माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तथा एसएनएमसी के प्राचार्य एवं डीन डॉ. प्रशांत गुप्ता एवं डॉक्टर्स की टीम का विशेष धन्यवाद व्यक्त किया.
वीडियो कॉल पर की पति से बात
संक्रमण के बचाव और मेडिकल गाइडलाइंस के कारण मीना अभी कुछ दिन अपने पति से सीधे तौर पर नहीं मिल सकती हैं, इसलिए अस्पताल प्रशासन की मदद से दोनों की वीडियो कॉल पर बात कराई गई. वीडियो कॉल के दौरान दोनों ने एक-दूसरे का हाल-चाल लिया. इस अवसर पर प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता जी ने कहा, “हमारी मेडिकल टीम मरीज और दाता दोनों के स्वास्थ्य की चौबीसों घंटे निगरानी कर रही है. दोनों की रिकवरी बहुत तेजी से हो रही है और वे पूरी तरह सुरक्षित हैं.
डेढ़ साल पहले पता चला दोनों किडनी हैं खराब
हाथरस के सिकंदराराऊ में रहने वाले महेंद्र कुशवाह निजी स्कूल में टीचर हैं. डेढ़ साल पहले दोनों किडनी खरबा होने की जानकारी मिली. लगातार डायलिसिस करा हरे थे लेकिन शरीर कमजोर होता जा रहा था. पत्नी मीना खुद पति की डायलिसिस कराने के लिए एसएन हॉस्पिटल लेकर आती थी. डॉक्टर ने किडनी ट्रांसप्लांट होने पर जान बचने की बात कही. निजी अस्प्ताल में खर्च अधिक होने पर पैसों का इंतजाम मुश्किल था. इसी बीच एसएन में ही किडनी ट्रांसप्लांट की जानकारी मिली तो मीना ने पति को दिखाकर पंजीकरण कराया.
पत्नी ने अपनी किडनी देने का किया फैसला
किडनी दान देने की बात आई तो पत्नी मीना ने ही सबसे पहले हामी भरी. उसने कहा कि जीवनसाथी है तो सबकुछ है. पति से बड़ा किडनी का मोल नहीं है. चिकित्सीय जांच में मीना की रिपोर्ट भी ठीक आई. शनिवार को महेंद्र का सफल किडनी ट्रांसप्लांट हुआ. किडनी रोग विभागाध्यक्ष डॉ. अपूर्व जैन ने बताया कि मरीज की हालत बिल्कुल ठीक है. महेंद्र एसएन में किडनी ट्रांसप्लांट कराने वाले पहले मरीज भी बन गए. मीना के ससुर पप्पू सिंह ने बताया कि बेटे के लिए पूरा परिवार दुखी था. लेकिन किडनी दान करने में बहू सबसे आगे आई. मेरी बहू देवी है.