आगरालीक्स…आगरा आए कवि डॉ. कुमार विश्वास बोले—केवल शब्दों की रचना नहीं, बल्कि संवेदना, संस्कार और सामाजिक उत्तरदायित्व की अभिव्यक्ति. युवा कवियों के लिए कहा—हिंदी कविता का भविष्य सुरक्षित…
हिंदी कविता की नई पीढ़ी को संबल और सुनहरा भविष्य देने के लिए उन्हें सुनियोजित प्रशिक्षण प्रदान करने के उद्देश्य से ताज होटल एवं कन्वेंशन सेंटर में आयोजित केवी शाला 2.0 का दूसरा राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर शुक्रवार को भव्य समापन के साथ संपन्न हुआ। सात दिनों तक चले इस आवासीय प्रशिक्षण शिविर में देशभर से चयनित युवा रचनाकारों ने कविता, मंचीय प्रस्तुति, भाषा, अभिव्यक्ति और व्यक्तित्व विकास के विविध आयामों पर कविता, संवाद एवं संगीत के क्षेत्र से आए विभिन्न विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण प्राप्त किया।
कार्यशाला में भाग लेने के लिए वरिष्ठ कवियों की चयन समिति को देशभर से हजारों वीडियो प्रविष्टियाँ प्राप्त हुई थी। उन सभी प्रविष्टियों के बारीक विश्लेषण के बाद चयन समिति ने इस आवासीय प्रशिक्षण शिविर के लिए 21 प्रतिभाशाली युवा रचनाकारों का चयन किया। सात दिनों तक चले इस प्रशिक्षण के दौरान उन्हें युग-कवि डॉ कुमार विश्वास के मार्गदर्शन में विभिन्न विशेषज्ञों द्वारा कविता लेखन, काव्य-पाठ, मंच संचालन, भाषा एवं उच्चारण, रचना-संपादन, मंचीय अनुशासन, श्रोताओं से संवाद और प्रस्तुति कौशल का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। विशेषज्ञ प्रशिक्षकों के तौर पर काव्य-जगत के वरिष्ठ कवि सुरेंद्र शर्मा, विनीत चौहान और प्रियांशु गजेंद्र, सरिता शर्मा, रमेश मुस्कान, कुलदीप अंगार, सुदीप भोला, ज्ञान प्रकाश आकुल, अंकिशा श्रीवास्तव आदि सहित संवाद और संगीत-जगत की अनेक हस्तियां भी शामिल हुई। सभी विशेषज्ञों ने अपने निर्धारित सत्रों के अतिरिक्त प्रतिभागियों को व्यक्तिगत मार्गदर्शन भी प्रदान किया।
समापन समारोह में हिंदी कविता के प्रतिष्ठित हस्ताक्षर डॉ. कुमार विश्वास द्वारा प्रशिक्षण प्राप्त युवा रचनाकारों के काव्य-कौशल को मंच देने के लिए आगरा शहर के साहित्यप्रेमियों एवं आमंत्रित श्रोताओं के समक्ष कवि-सम्मेलन का कार्यक्रम रखा गया। कार्यक्रम के लिए चयनित दस युवा कवि-कवयित्रियों को डॉ कुमार विश्वास जी ने स्वयं मंच पर प्रस्तुत किया तथा सभी युवा कवि-कवयित्रियों ने अपनी प्रभावशाली प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनकी रचनाओं और मंचीय प्रस्तुति को श्रोताओं द्वारा खूब सराहा गया तथा पूरा सभागार देर तक तालियों की गड़गड़ाहट से गूंजता रहा। इस संकल्पना के सर्जक डॉ. कुमार विश्वास ने अपने उद्बोधन में कहा कि कविता केवल शब्दों की रचना नहीं, बल्कि संवेदना, संस्कार और सामाजिक उत्तरदायित्व की अभिव्यक्ति है। उन्होंने युवा कवियों को निरंतर अध्ययन, लेखन और मंचीय अनुशासन बनाए रखने का संदेश देते हुए कहा कि हिंदी कविता का भविष्य नई पीढ़ी के समर्पित और संवेदनशील रचनाकारों के हाथों में सुरक्षित है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने युवा रचनाकारों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि हिंदी साहित्य की समृद्ध परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए इस प्रकार के प्रशिक्षण शिविर अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने केवी शाला की इस अभिनव पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह मंच देश की नई साहित्यिक प्रतिभाओं को दिशा और अवसर प्रदान कर रहा है। यह केवी शाला का दूसरा राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर था। प्रथम शिविर के अनेक प्रतिभागी आज देश-विदेश के प्रतिष्ठित काव्य मंचों पर अपनी विशेष पहचान बना चुके हैं। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए दूसरे संस्करण ने भी अनेक नई प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान बनाने का अवसर प्रदान किया।
इस राष्ट्रीय आयोजन के सफल संचालन में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, उत्तर प्रदेश, इंडियन ऑयल, न्यूट्रिका, विश्वास ट्रस्ट, डिजिटल खिड़की, ताज आगरा होटल, ब्लूबर्ड इवेंट्स प्रा. लि., ट्रूआरई (ओरियाना पावर लिमिटेड) तथा इनवर्जी सहित अनेक संस्थाओं का महत्वपूर्ण सहयोग प्राप्त हुआ। आयोजकों ने सभी सहयोगी संस्थाओं, साहित्यप्रेमियों, आमंत्रित श्रोताओं और मीडिया प्रतिनिधियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सामूहिक सहयोग से ही हिंदी साहित्य की नई पीढ़ी को राष्ट्रीय स्तर पर इतना बड़ा मंच और व्यवस्थित रूप से मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा सकता है।