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साहित्य

Renu Anshul’s ‘Lamho ke Daaman Mein’ will soon be released# Agra News

आगरालीक्स….रेनू ‘अंशुल’ की नवीन काव्य कृति ‘लम्हों के दामन में’ को मिली व्यापक सराहना. महशूर गीतकार संतोष आनंद ने भी सराहा, शीघ्र होगा विमोचन.. नए प्रयास के प्रयोगों का परिचय ह…

Good Friday procession in Agra

आगरालीक्स ….आगरा के गिरजाघरों में गुड फ्राइडे पर प्रभु ईसामसीह की सलीब (क्रूस) पर कष्टदायी मृत्यु की यादगारी पारंपरिक शोक में मनाई गई। गिरजाघरों में विशेष प्रार्थना सभाएं हुईं। गुड फ्राइडे पर मस…

Gopal Das Neeraj & Annu Kapoor to inaugurate TLF 3rd edition in Agra

आगरालीक्स ….आगरा में होने जा रहे ताज साहित्य उत्सव (ताज लिटरेचर फेस्टिवल- टीएलएफ) तृतीय का काउंट डाउन शुरू हो गया है। गीतकार गोपाल दास नीरज और कलाकार अन्नू कपूर टीएलएफ का शुभारंभ करेंगे। यह 26, …

TLF, Agra pay tribute to noted lyricist Nida Fazli

आगरालीक्स ….निदा फाजली को प्यार ने शायर बनाया था। उनके निधन पर टीएलएफ, आगरा ने श्रदृधांजलि दी, कॉलेज में निदा फाजली के आगे की पंक्ति में एक लड़की बैठा करती थी। उससे उन्‍हें लगाव महसूस होने लगा थ…

Noted poet Nida Fazli is no more

आगरालीक्स…यक़ीन चाँद पे, सूरज में ऐतबार भी रख मगर निगाह में थोड़ा सा इंतज़ार भी रख ख़ुदा के हाथ में मत सौंप सारे कामों को बदलते वक़्त पे कुछ अपना इख़्तियार भी रख ये ही लहू है शहादत, ये ही लहू पा…

रीढ़ रहत सब आत है

आगरालीक्स….. इंसान की रीढ़ भी गजब की चीज़ होती है। हो तो मुसीबत। न हो तो मुसीबत। कहते हैं कि रीढ़ के कारण इंसान तन कर सीधा खड़ा रहता है। पर बिना रीढ़ के वह जमीन पर रेंगने वाला कीड़ा बन जाता है। जहा…

नोटा वाले ताऊ

आगरालीक्स…. आजकल मैं जब भी ताऊजी की पेशानियों पर बल देखता हूँ, न जाने क्यों मुझे टोबा टेक सिंह की याद आने लगती है। अरे वही मंटो की मशहूर कहानी वाले सरदार बिशन सिंह। और याद आने लगता है, उसका वह अ…

मंगू का हिस्सा

आगरालीक्स.…. हालाॅंकि ये कहानी मैंने किसी पे्ररित होकर नहीं लिखी, लेकिन चूॅंकि इससे मामूली मिलती जुलती कहानी मैं खुद पढ़ चुका हूॅं इसलिये मैं किसी भी आलोचना के लिये तैयार हूॅं । सत्य यही है कि म…

मेढकों का भी अब कोई अपना मौसम नहीं रहा

आगरालीक्स…. मेढकों का भी एक खास मौसम हुआ करता था. गर्मीं शुरू होते ही ये नज़र आते थे और बरसात आते-आते हर तरफ तादात में उछलने, कूदने और टर्राने लगते थे. पर इधर जब से ओज़ोन की परत में छेद हुआ है, तब…

न कोई गारंटी, न कोई वारंटी

आगरालीक्स..(व्यंग्य)…. आज कल बाज़ार का ज़माना है। और वह भी कोई लोकल या देशी नहीं, अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार के तामझाम वाला बाजारू ज़माना। चीन, जापान, अमेरिका, जर्मनी, आस्ट्रेलिया, रूस और कोरिया के खुले …