zapya for pc, happy birthday auntie

साहित्य

आपकी मूंछ में चावल फंसा है

मुल्‍ला नसरूदीन ने एक बार अपने पुराने मित्र सरदार विचित्‍तर सिंह को दावत पर बुलाया। खाना-पीना हो गया था कि एकाएक चावल का एक दाना नसरूदीन की मूँछों में फंस गया। नसरूदीन के नौकर बल्ले खां को यह दिखाई दे…

राजस्त्री एक खेत है, जहां राजनीति का संवर्धन होता है

आगरालीक्स……. ‘राजा होना सुखी होने का मार्ग नहीं।’ चाणक्य के किरदार में फिल्म अभिनेता मनोज जोशी ने बुधवार शाम सूरसदन प्रेक्षागृह में इन संवादों की दमदार प्रस्तुति दी तो दर्शक रोमांचित हो उठ…

सरकार का जादू : जादू की सरकार

आगरालीक्स…..जादूगर मंच पर आकर खड़ा हो गया। वह एयर इंडिया के राजा की तरह झुका और बोला, ”देवियो और सज्जनो, हम जो प्रोग्राम आपके सामने पेश करने जा रहे हैं, वह इस मुलुक का, इस देश का प्रोग्राम…

Draupadi – Flamenco & Kathakali near Tajmahal

आगरालीक्स …….आगरा में ताज के साए में स्पेन और हिंदुस्तान की संस्कृति-संगीत का मिलन हुआ। ताज के गुंबद के ठीक पीछे सूरज डूबने को था, तो इधर ताज नेचर वॉक में स्पेन की फ्लेमेंको और केरल के कथक…

Be a global citizen & tell Everyone

आगरालीक्स ……’live local, Think Global’ … अमेरिका के शहर लॉस एंजिल्स    (39 लाख जनसंख्या)  और ताजमहल के शहर आगरा की जनसंख्या ( 40 लाख)  लगभगर बराबर ही है। यहां भी गरीबी, व…

अजनबी शहर के अजनबी रास्ते

अजनबी शहर के अजनबी रास्ते, मेरी तन्हाई पर मुस्कुराते रहे मैं बहुत देर तक यूं ही चलता रहा, तुम बहुत देर तक याद आते रहे ज़हर मिलता रहा ज़हर पीते रहे, रोज़ मरते रहे रोज़ जीते रहे ज़िंदगी भी हमें आज़माती …

आदमी और जानवर

मैंने अपने पिछले खत में लिखा था कि आदमी और जानवर में सिर्फ अक्ल का फर्क है। अक्ल ने आदमी को उन बड़े-बड़े जानवरों से ज्यादा चालाक और मजबूत बना दिया जो मामूली तौर पर उसे नष्ट कर डालते। ज्यों-ज्यों आदमी …

मैं शुद्ध नहीं, ‘अशुद्ध’ बेवकूफ हूँ

22  अगस्त को हरि शंकर परसाई के  जन्मदिन पर विशेष  बिना जाने बेवकूफ बनाना एक अलग और आसान चीज है। कोई भी इसे निभा देता है। मगर यह जानते हुए कि मैं बेवकूफ बनाया जा रहा हूँ और जो मुझे कहा जा रहा है, वह सब…

Heartfelt Condolences on the Sad Dismiss of Khalifa Phool Singh In Agra

आगरालीक्स……. ….. आगरा में भगत लोक नाटय कला को नई जिंदगी दे रहे खलीफा फूल सिंह यादव का आज मंगलवार सुबह 9 45 बजे निधन हो गया। वे 94 साल के थे। तबीयत बिगडने पर सुबह उन्हें एसएन मेडिकल क…

मुंशी प्रेमचंद जयंती विशेष; जब मैंने उसकी सूरत देखी तो मेरा खून सूख गया

आज (31 जुलाई) ही के दिन 1880 मुंशी प्रेमचंद का जन्म बनारस से 12 किलोमीटर दूर लमही गाँव में हुआ था। उनके पिता अजायब राय डाकखाने में नौकरी करते थे। मुंशी प्रेमचंद का विवाह 15 साल की उम्र में हो गया था, …