आगरालीक्स…महानवमी कल सोमवार को सुबह 10 बजकर 51 मिनट पर होगी शुरू. 20 अक्टूबर को मंगलवार दोपहर 12 बजकर 50 मिनट तक रहेगी. जानिए दोनों दिन कन्या पूजन का अभिजीत मुहूर्त
साल 2026 में शारदीय नवरात्रि का समापन बेहद खास संयोग में होने जा रहा है। ज्योतिषाचार्य हृदय रंजन शर्मा के अनुसार, इस साल महानवमी और दशहरा एक साथ मनाए जाएंगे। कई वर्षों बाद बन रहा यह संयोग धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, महानवमी के दिन मां दुर्गा की विधि-विधान से उपासना करने से सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है और देवी मां की विशेष कृपा बनी रहती है। साथ ही इस दिन कन्या पूजन किया जाता है, जो बेहद खास होता है। वहीं, दशहरा बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है, जिसे पूरे देश में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। ऐसे में यह संयोग भक्तों के लिए और भी खास होने वाला है।
नवमी और दशहरा 2026 का महासंयोग
साल 2026 में आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि 19 अक्तूबर 2026 को सुबह 10 बजकर 51 मिनट पर शुरू हो रही है। इस तिथि का समापन 20 अक्तूबर को दोपहर 12 बजकर 50 मिनट पर होगा। अब चूंकि नवमी तिथि 19 अक्तूबर 2026 को सुबह 10 बजकर 51 मिनट पर शुरू होगी…इसलिए 19 अक्तूबर को सुबह 10 बजकर 52 मिनट से आप नवमी कन्या पूजन कर सकते हैं। यह तिथि 20 अक्तूबर के दिन दोपहर 12 बजकर 50 मिनट तक प्रभावी रहेगी। ऐसे में आप इस समय भी कन्या पूजन कर सकते है।
नवमी पर कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त –
नवमी पर कन्या पूजन करने वाले भक्त 19 अक्तूबर को अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 49 मिनट से दोपहर 12 बजकर 34 मिनट तक पूजा कर सकते हैं। वहीं, 20 अक्तूबर को अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 43 मिनट से दोपहर 12 बजकर 28 मिनट तक बताया जा रहा है।
वहीं, दशमी तिथि 20 अक्तूबर को दोपहर 12 बजकर 51 मिनट पर शुरू होकर 21 अक्तूबर को दोपहर 2 बजकर 11 मिनट पर समाप्त होगी। ज्योतिषाचार्य पं. हृदय रंजन शर्मा जी ने बताया की दशहरा मनाने के लिए दशमी तिथि पर प्रदोष काल का संयोग महत्वपूर्ण होता है। इसलिए 20 अक्तूबर को ही दशहरा मनाया जाएगा।
रावण दहन शुभ मुहूर्त –
दशहरा के दिन शाम 5 बजकर 47 मिनट के बाद रावण दहन का शुभ मुहूर्त प्रारंभ हो रहा है से 08:30 तक रहेगा।
विजय मुहूर्त : दोपहर 1:59 बजे से 2:45 बजे तक
अपराह्न पूजा का समय : दोपहर 1:14 बजे से शाम 3:30 बजे तक
प्रदोष काल की शुरुआत : शाम 5:47 बजे
श्रवण नक्षत्र प्रारंभ : 19 अक्तूबर, शाम 3:38 बजे
श्रवण नक्षत्र समाप्त : 20 अक्तूबर, शाम 6:02 बजे
निशिता मुहूर्त : रात 11:41 बजे से 12:31 बजे तक