आगरालीक्स पीएनसी इंफ्राटेक पर एनएचएआई ने तीन साल के लिए लगाई रोक। शेयर में 20 प्रतिशत तक की गिरावट, मीडिया रिपोर्टस के अनुसार, कानपुर लखनऊ एक्सप्रेस वे धंसने पर कंपनी को तीन साल के लिए डिबार किया गया है। इस अवधि में कंपनी एनएचएआई की नई परियोजनाओं में भाग नहीं ले सकेगी।
लखनऊ से कानपुर तक 63 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेस वे का निर्माण हाईब्रिड एन्युटी मॉडल के तहत पीएनसी इन्फ्राटेक ने किया था, 13 जुलाई को एक्सप्रेस वे का लोकार्पण किया गया, इसके करीब 12- 13 दिन बाद बारिश में एक्सप्रेस वे की सड़क धंस गई। कंपनली को नॉन परफार्मर घोषित करने के लिए कारण बताओ नोटिस देने के साथ ही निर्माण से संबंधित एनएचएआई के इंजीनियरों व कंसल्टेंट पर कार्रवाई की गई थी। अब कंपनी को तीन साल के लिए डिबार कर दिया गया है।
25 सितंबर से खुल जाएगी एक लेन, मरम्मत तक टोल वसूली बंद
एक्सप्रेस वे पर टोल वसूली रोक दी गई है। सड़क की मरम्मत और सुरक्षा संबंधी सभी कमियां दूर होने तक टोल नहीं लिया जाएगा। साथ ही एक्सप्रेस वे कानपुर से लखनऊ की एक लेन 25 सितंबर से शुरू कर दील जाएगी।
पीएनसी के शेयरों में 20 प्रतिशत तक की गिरावट
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पीएनसी द्वारा 14 सितंबर 2026 को सेबी रेगुलेशन के तहत बीएसई और एनएसई को सूचना दी गई कि एनएचएआई ने 11 सितंबर 2026 को उसकी सहयोगी कंपनी अवध एक्सप्रेस वे प्राइवेट लिमिटेड पर प्रतिबंध को पीएनसी इन्फ्राटेक तक विस्तारित करते हुए तीन साल का प्रतिबंध लगा दिया है। इस कार्रवाई से पीएनसी के शेयरों में मंगलवार को 20 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई।