आगरालीक्स…रक्षाबंधन पर भाई को बांधे वैदिक राखी. जानिए क्या होती है वैदिक राखी. क्या है इसका धार्मिक महत्व और भाई के लिए क्यों हैं शुभ –
ज्योतिषाचार्य पं. हृदय रंजन शर्मा ने बताया की इस बार रक्षाबंधन का पर्व 28 अगस्त शुक्रवार को मनाया जाएगा। रक्षाबंधन का त्योहार बेहद खास होता है। इस दिन बहन अपने भाई को राखी बांधती। साथ ही, उसकी लंबी आयु की कामना करती हैं। इसलिए यह त्योहार काफी खास होता है। इस साल की राखी केवल एक धागा नहीं, बल्कि संस्कार, संरक्षण और सद्भाव का सूत्र बना सकती हैं। इसलिए इस बार आप वैदिक राखी के तौर पर बना सकते हैं।
क्या होती है वैदिक राखी ?
वैदिक राखी का पहले के समय में काफी इस्तेमाल की जाती थी। दूर्वा याने घास, अक्षत, चंदन, सरसों और केसर को मिलाकर जो राखी बनाई जाती है, उसे ही वैदिक राखी कहते हैं। ऐसा कहा जाता है कि इसमें कई सारे तत्वों को मिलाकर एक रक्षा सूत्र बनाया जाता है, जो भाई के लिए बेहद खास होता है।
वैदिक राखी नें इस्तेमाल हुई चीजों का अर्थ क्या है ?
वैदिक राखी में दूर्वा का इस्तेमाल किया गया है, जो जीवन में स्थिरता, दीर्घायु और विघ्ननाश का कारक होती है।
अक्षत जिसे अखंड का प्रतीक माना जाता है। इसका इस्तेमाल भी वैदिक राखी में होता है।
केसर वैदिक राखी की ऊर्जा को और ज्यादा बढ़ाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि इसे अग्नि तत्व कहा जाता है।
चंदन मन को शांति देता है। साथ ही, विवेक शुद्ध बुद्धि को बढ़ाता है। इसलिए इसका इस्तेमाल भी वैदिक राखी में किया जाता है।
सरसों के दाने शनि दोष से सुरक्षा, दुष्ट दृष्टि से बचाव करता है। इससे वैदिक राखी और खास हो जाती है।
वैदिक राखी को कैसे बांधे ?
एक शुद्ध लाल या पीला धागा (कलावा) लें।
ऊपर दिए गए तत्वों को श्रद्धा और मंत्र के साथ रक्षा-सूत्र में जोड़ें या स्पर्श कराएं।
भाई को तिलक लगाकर आरती करे।
राखी बांधते समय यह रक्षा मंत्र बोलें
“येन बद्धो बली राजा दानवेन्द्रो महाबलः ।
तेन त्वामभिबध्नामि रक्षेअगस्त ल मा चल ।।”
वैदिक राखी भाई के लिए क्यों हैं शुभ ?
इस बार आप वैदिक राखी को बनाकर अपने भाई को पहनाएं। इससे उसकी आयु और पॉजिटिव एनर्जी बढ़ेगी। साथ ही, जीवन में आने वाली समस्याएं दूर हो जाएंगी। इसलिए आप भाई को वैदिक राखी को बांधे।