आगरालीक्स …आगरा में मरीज की मौत के मामले में बड़े हॉस्पिटल के संचालक सहित तीन डॉक्टरों पर गैर इरादत हत्या का मुकदमा। मौत के बाद आईसीयू में रखने का आरोप।

आगरा के सरकार नर्सिंग होम में जींगना, मैनपुरी निवासी जवर सिंह ने अपने भाई वेदराम को पेट में चुभन की समस्या होने पर 15 सितंबर 2022 को एमजी रोड राजा की मंडी स्थित डॉ. रोहित गुप्ता को ओपीडी में दिखाया। उन्होंने सरकार नर्सिंग होम, दिल्ली गेट में भर्ती करा दिया। 18 सितंबर को सीटी स्कैन कराया गया, डॉक्टर ने आंतों में जख्म बताते हुए आपरेशन कराने की सलाह की। आरोप है कि डॉ. रोहित गुप्ता ने डॉ. शरद गुप्ता से आपरेशन कराने के लिए कहा जबकि परिजन अन्य डॉक्टर से आपरेशन कराना चाहते थे। दोपहर में आपरेशन कर दिया गया, इसके बाद जनरल वार्ड में मरीज को शिफ्ट कर दिया।
मौत के बाद आईसीयू में रखने का आरोप
आरोप है कि आपरेशन के बाद मरीज की तबीयत बिगड़ गई, डॉक्टर बुलाने के लिए कहा लेकिन कोई डॉक्टर नहीं आए। आरोप है कि हॉस्पिटल के संचालक प्रबंधक डॉ. देवाशीष सरकार ने लात मारकर गेट से बाहर निकला दिया, वार्ड में मरीज तड़पता रहा और 19 सितंबर की सुबह नौ बजे मौत हो गई। मौत होने के बाद आईसीयू में
डॉक्टर के पैनल ने की जांच
सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने एसएन के गेस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट सहित तीन डॉक्टरों का पैनल गठित किया। पैनल ने अपनी रिपोर्ट में आपरेशन के बाद तबीयत बिगड़ने पर सुपर स्पेशियिलिस्ट को न बुलाने की बात रखी। इस मामले में पैनल की रिपोर्ट के आधार पर थाना हरीपर्वत में सरकार नर्सिंग होम के संचालक प्रबंधक डॉ. देवाशीष सरकार, डॉ. रोहित गुप्ता और डॉ. शरद गुप्ता के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। इस मामले में डॉ. देवाशीष सरकार का मीडिया से कहना है कि मरीज का इलाज किसी अन्य डॉक्टर ने किया था, आपरेशन करने वाले डॉक्टर को ही सही जानकारी होगी।