आगरालीक्स… आगरा में आवारा व पालतू जानवरों के घायल या बीमार होने पर ऑन द स्पॉट इलाज हो सकेगा। इसके लिए फिआपो (फैडरेशन ऑफ इंडियन, एनीमल प्रोटेक्शन ऑर्गनाइजेशन) व कैस्पर्स होम के संयुक्त तत्वावधान में एक ट्रेनिंग वर्कशॉप का आयोजन किया गया। जिसमें 23 वोलेन्टियर को फर्स्ट एड किड प्रदान कर जानवरों के इलाज की ट्रेनिंग दी गई। जो फोन कॉल आने पर जानवरों के इलाज के लिए अपनी सेवाएं देंगे।
कैस्पर्स होम आगरा की निदेशक विनीता अरोड़ा ने कहा कि वोटेन्टियर को ट्रेनिंग देने का उद्देश्य शैल्टर होम का लोड कम करना व अमूक जानवरों को उसी स्थान पर इलाज उपलब्ध कराना है, जहां से अलग होकर वह अधिक सम्भवतः उदास और बीमार हो जाते हैं। मथुरा वैटेनरी कॉलेज के असिस्टेंट प्रो. व सर्जन डॉ. मुकेश श्रीवास्तव ने जानवरों के घाव होने, बाल झड़ने, दुर्घटना होने, फूड प्वाइजन होने आदि की स्थिति में इलाज व दवाओं के बारे में जानकारी दी। श्वानों में किल्ली की समस्या से छुटकारा पाने के लिए नारियल के तेल में कपूर डालकर प्रयोग कर सकते हैं। कहा कि जिस तरह इंसानों में दवाओं के असंतुलित खुराक से दवाओं के प्रति प्रतिरोधकता पैदा हो रही, वहीं स्थिति जानवरों में भी है। इसलिए जिसकी आवश्यकता हो, दवा की उतनी ही खुराक जानवर को दें।
डॉ. संजीव नेहरू ने कहा कि इलाज करते समय वीडियो अवश्य बनाएं और उसे सोशल मीडिया पर अपलोड करें। जिससे अन्य लोगों में भी अमूक जानवरों के देखरेख करने के प्रति जागरूकता पैदा हो। फिआपो संस्था के तोसीफ अहमद ने संस्था के बारे में जानकारी दी। डॉग हैंडलर हितेश अमननानी ने डेमो देकर घायल व बीमार श्वान को पकड़ने की ट्रेनिंग दी। इस अवसर पर गोकुलपुरा की निवर्तमान पार्षद प्रेमा वर्मा ने 5100 रुपए का चैक कैस्पर्स होम को श्वानों की स्वानों के लिए प्रदान किया।