आगरालीक्स…इस बार का सावन बहुत खास…अगस्त में सूर्य ग्रहण भी और चंदग्रहण भी, लेकिन ग्रहण की बाधा से दूर रहेगा सावन. सावन संग आएंगे खुशियों के त्योहार. जानिए सावन के चार सोमवार, चार मंगला गौरी व्रत सहित पूरी जानकारी…
सनातन धर्म में सबसे पवित्र माना जाने वाला सावन का महीना इस बार 30 जुलाई से शुरू हो रहा है और 28 अगस्त तक चलेगा। ज्योतिषाचार्य पंडित हृदय रंजन शर्मा जी के अनुसार इस बार का सावन आध्यात्मिक, धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से बेहद खास रहने वाला है। एक तरफ पूरे महीने भगवान शिव की आराधना की गूंज रहेगी, तो दूसरी तरफ त्योहारों की झड़ी भी लगी रहेगी। सबसे अच्छी बात यह है कि इस दौरान पड़ने वाले सूर्यग्रहण और चंद्रग्रहण का असर भारत में नहीं होगा, इसलिए त्योहारों पर सूतक का कोई साया नहीं पड़ेगा।इस बार सावन में होंगे चार सोमवार -
इस वर्ष सावन मास में कुल चार सोमवार पड़ेंगे, जिन्हें सावन सोमवार व्रत के रूप में मनाया जाएगा। ज्योतिषाचार्य पं. हृदय रंजन शर्मा जी ने बताया की मान्यता है कि सावन के सोमवार को व्रत रखकर शिवलिंग पर जल, बेलपत्र, धतूरा और भस्म अर्पित करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
पहला सावन सोमवार - 3 अगस्त
दूसरा सावन सोमवार - 10 अगस्त
तीसरा सावन सोमवार - 17 अगस्त
चौथा सावन सोमवार - 24 अगस्त
मंगला गौरी व्रत से मिलेगा अखंड सौभाग्य का वरदान -
भगवान शिव की तरह ही माता पार्वती को भी सावन का महीना अत्यंत प्रिय है. ज्योतिषाचार्य पं. हृदय रंजन शर्मा जी ने बताया की सावन के महीने में जहाँ सोमवार को शिवजी की पूजा होती है, वहीं हर मंगलवार को मंगला गौरी व्रत रखा जाता है. ज्योतिषाचार्य पं. हृदय रंजन शर्मा जी ने बताया की इस बार सावन में 4 सोमवार के साथ-साथ 4 मंगला गौरी व्रत भी होंगे, जो सुहागिन महिलाओं को अखंड सौभाग्य और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्रदान करेंगे. भक्त इस पूरे महीने कांवड़ यात्रा निकालकर भोलेनाथ का गंगाजल से रुद्राभिषेक भी करते हैं. इस माह पड़ने वाले प्रत्येक मंगलवार को मंगला गौरी व्रत किया जाता है.
पहला मंगला गौरी व्रत - 4 अगस्त
दूसरा मंगला गौरी व्रत - 11 अगस्त
तीसरा मंगला गौरी व्रत - 18 अगस्त
चौथा मंगला गौरी व्रत - 25 अगस्त
इन तिथियों पर मनेंगे बड़े पर्व -
11 अगस्त, मंगलवार - सावन शिवरात्रि: सावन मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को सावन शिवरात्रि मनाई जाती है। इस दिन शिवालयों में दिन-रात जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और महामृत्युंजय जाप का विशेष महत्व है।
15 अगस्त, शनिवार - हरियाली तीज: श्रावण शुक्ल तृतीया को हरियाली तीज का पर्व मनाया जाएगा। सुहागिन महिलाओं के लिए यह सबसे बड़ा पर्व माना जाता है। इस दिन महिलाएं पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रखती हैं और भगवान शिव-पार्वती की पूजा करती हैं। इस बार स्वतंत्रता दिवस और हरियाली तीज एक ही दिन होने से उत्साह दोगुना रहेगा।
17 अगस्त, सोमवार - नाग पंचमी: सावन के तीसरे सोमवार को ही नाग पंचमी का पर्व भी है। सोमवार और नाग पंचमी का संयोग अत्यंत दुर्लभ और फलदायी माना जा रहा है। इस दिन नाग देवता की पूजा से कालसर्प दोष से मुक्ति मिलती है।
28 अगस्त, शुक्रवार - रक्षाबंधन: 28 अगस्त को सावन पूर्णिमा के दिन रक्षाबंधन का पावन पर्व मनाया जाएगा। इसी दिन सावन मास का समापन भी होगा। भाई-बहन के प्रेम का यह त्योहार पूरे देश में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा।
इस बार सावन में दो ग्रहण पड़ रहे हैं, जिससे लोगों में भ्रम की स्थिति थी, लेकिन ज्योतिषाचार्य हृदय रंजन शर्मा जी ने स्पष्ट किया है कि दोनों ही ग्रहण भारत में दृश्यमान नहीं होंगे।
12 अगस्त को सूर्यग्रहण: यह खग्रास सूर्यग्रहण होगा, लेकिन यह मुख्य रूप से आर्कटिक, ग्रीनलैंड, आइसलैंड, स्पेन और पुर्तगाल में दिखाई देगा। भारत में न दिखने के कारण इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा।
28 अगस्त को चंद्रग्रहण: रक्षाबंधन वाले दिन ही आंशिक चंद्रग्रहण लगेगा। यह ग्रहण अमेरिका, यूरोप और अफ्रीका के क्षेत्रों में दिखेगा, भारत में नहीं। इसलिए राखी बांधने के शुभ मुहूर्त पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा।
ज्योतिषाचार्य हृदय रंजन शर्मा जी के अनुसार, चूंकि दोनों ग्रहण भारत में नहीं दिखेंगे, इसलिए मंदिरों के कपाट बंद नहीं होंगे और पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार अपने निर्धारित शुभ मुहूर्त में बिना किसी रुकावट के संपन्न होंगे।
