आगरालीक्स….आगरा में 17 अगस्त 1666 को छत्रपति शिवाजी ने औरंगजेब को याद दिला दिया था छठी का दूध, लेकिन हिंदू वीर योद्धाओं के शौर्य को नहीं पढ़ाया गया. आगरा में हुआ शिव चातुर्य दिवस
17 अगस्त 1666 को महाराज छत्रपति शिवाजी अपनी कार्यकुशलता, युद्ध क्षमता, और वीरता के बल पर औरंगजेब की कैद से मुक्त होकर आगरा से निकले थे। शिवाजी के सेनापतियों के 14वें वंशज इस दिन को स्मृति दिवस के रूप में मनाते हुए आगरा से राजगढ़ तक 1253 किलोमीटर लंबी गरुड़ उड़ान यात्रा पिछले 7 वर्षों से अनवरत निकाल रहे हैं। लाल किला के सामने शिवाजी प्रतिमा स्थल से शुरू होने वाली इस यात्रा में 1000 धावक 100 साइकिल सवार सम्मिलित होते हैं । इस संदर्भ में शिव चातुर्य दिवस के अवसर पर कार्यक्रम का आयोजन आगरा कॉलेज के गंगाधर शास्त्री भवन में किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, महाराष्ट्र सरकार के कैबिनेट मंत्री भरत सेठ गोगावले, शिवसेना प्रमुख जुन्नार महाराष्ट्र योगेश बाबू पाटे, महाराष्ट्र सरकार के मंत्री एवं छत्रपति शिवाजी महाराज स्मारक आगरा के समन्वयक जयकुमार रावल, आगरा कॉलेज के प्राचार्य डॉक्टर सी के गौतम, एमटीडीसी के डायरेक्टर नीलेश गटनी ने छत्रपति शिवाजी और भारत माता की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर संयुक्त रूप से किया । इस अवसर पर श्री समर्थ गुरु रामदास एवं छत्रपति शिवराय प्रतिष्ठान आगरा के द्वारा सभी अतिथियों का महाराष्ट्र एवं उत्तर प्रदेश की संस्कृति के अनुरूप साफा पहनाकर एवं स्मृतिचिनह भेंटकर किया गया।
इस मौके पर कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि छत्रपति शिवाजी को लेकर इतिहासकारों के शोध के बाद कोठी मीना बाजार स्थित राम सिंह की कोठी को संग्रहालय और स्मारक के रूप में विकसित किया जा रहा है । यह भव्य संग्रहालय पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनेगा । इस मौके पर उन्होंने छत्रपति शिवाजी की युद्ध कौशलता, वीरता और राष्ट्रीय एकता की भावना का भी स्मरण किया । उन्होंने कहा छत्रपति शिवाजी महाराज ने 17 अगस्त 1666 को औरंगजेब को उस समय छठी का दूध याद दिला दिया होगा जब हजारों सैनिकों की निगरानी की आंखों में धूल झोंक कर अपनी कार्य कुशलता से छत्रपति शिवाजी महाराज अपने पुत्र के साथ आगरा से निकले थे। उन्होंने कहा पिछली सरकारों ने हिंदू शासको और साम्राज्यों की शौर्य गाथा को छुपा कर मुगलों की कहानियों का गुणगान किया। योगेंद्र उपाध्याय ने कहा हमारे शिवाजी महान हमारे राणा महान यह सब हमें किताबों में क्यों नहीं पढ़ाया गया।
महाराष्ट्र सरकार कैबिनेट मंत्री भरत सेठ गोगावले ने कहा औरंगजेब जैसे क्रूर शासक ने छत्रपति शिवाजी महाराज को अपमानित एवं बंदी बनाने का काम किया लेकिन उन्होंने अपनी युद्ध कौशल कला और कार्य क्रियान्वयन की क्षमता से औरंगजेब के मुंह पर तमाचा मार कर हिंदवी स्वराज्य के लिए काम किया। उन्होंने कहा उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने छत्रपति शिवाजी स्मारक के लिए 9 करोड रुपए की राशि देकर महाराष्ट्र और मराठी समाज को सम्मान देने का काम किया है। इस मौके पर महाराष्ट्र सरकार के मंत्री जयकुमार रावल ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज ने हमेशा अन्याय के खिलाफ अपनी आवाज को बुलंद कर संकट में धैर्य और हिंदुत्व को जागृत करने का काम किया। महाराष्ट्र सरकार शिव चातुर्य दिवस को आनंद दिवस के रूप में मनाने का काम करेगी।
गरुड़छेप पुस्तक एवं पोर्टल का हुआ विमोचन
आगरा कॉलेज के गंगाधर शास्त्री भवन में आयोजित भव्य कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय एवं महाराष्ट्र सरकार के कैबिनेट मंत्री एवं अन्य अतिथियों की मौजूदगी में गरुड़क्षेप मुहिम की गरुड़ क्षेप पुस्तक एवं पोर्टल का विमोचन किया गया। गरुड़ क्षेप संस्था पिछले 7 वर्षों से आगरा किला से लेकर पुणे रायगढ़ तक पैदल यात्रा निकालकर छत्रपति शिवाजी महाराज की शौर्य गाथा को नमन करती आ रही है।
नाटक के माध्यम से कलाकारों ने दिखाई युद्ध कला
छत्रपति शिवाजी के सेनापतियों के 14वें वंशजों की मौजूदगी में आगरा कॉलेज की गंगाधर शास्त्री भवन में मराठी कलाकारों ने प्राचीन युद्ध कला का प्रदर्शन किया। यात्रा संयोजक मारुति आभा गोले ने बताया कि आज भी हम लोग शिवाजी महाराज से प्रेरणा लेकर उनके द्वारा दर्शाई और बताई गई युद्ध कौशल कला और करतब का अनुसरण करते हैं। इस मौके पर गोवा ओमिडा डांस एवं फिटनेस एकेडमी के कलाकारों द्वारा ‘शिव शौर्य’ नाटक की भव्य प्रस्तुति दी गई । इसके साथ ही पुणे के प्रसिद्ध संगीतकार विनायक सोनावने द्वारा हलगी वादन प्रस्तुति ने सैकड़ो वर्ष पुरानी कला को जीवंत कर दिया। सुप्रसिद्ध कलाकार शायली जोशी गोडबोले द्वारा राष्ट्र माता जीजाबाई नाटक प्रस्तुति देकर कलाकारों ने सभी दर्शकों को तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया। महिला कलाकारों ने भी युद्ध कला में तलवारबाजी, लाठी कला का प्रदर्शन लोगों के आकर्षण का केंद्र रहा।
कोठी मीना बाजार में बनेगा भव्य संग्रहालय
99 दिन तक मुगल शासक औरंगजेब की कैद में छल से रहने वाले शिवाजी महाराज की स्मृति में कोठी मीना बाजार में भव्य स्मारक बनाया जाएगा। कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय के मुताबिक़ ऐसे स्थल पर 100 फुट ऊंची छत्रपति शिवाजी की भव्य प्रतिमा भी लगाई जाएगी। ऐसा होने से उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के बीच आपसी सौहार्द के साथ पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। संग्रहालय में छत्रपति शिवाजी की वीरता कार्यकुशलता और युद्ध कौशल क्षमता से संबंधित दृश्यों को संग्रहित किया जाएगा। उत्तर प्रदेश सरकार ने इस कार्य के लिए 9 करोड रुपए की धनराशि जिला प्रशासन को अवमुक्त कर दी है।
चार राज्यों के 78 शहरों से निकलेगी यात्रा
गरुड़ क्षेप यात्रा के संयोजक मारुति आभा गोले ने बताया कि पहली बार इसयात्रा को पूरे होने में 35 दिन लगे थे और 22 किलो वजन कम हो गया था। इस बार यह यात्रा आगरा से लेकर राजगढ़ तक चार राज्यों 78 शहरों से गुजरती हुई जाएगी।
समर्थ गुरु रामदास छत्रपति शिवराय संस्थान ने किया भव्य स्वागत
छत्रपति शिवाजी महाराज गरुड़ झेप यात्रा का स्वागत समर्थ गुरु रामदास एवं छत्रपति शिवराय प्रतिष्ठान संस्था द्वारा मराठी परंपरा के अनुरूप भव्य रूप से किया गया। संस्था के अध्यक्ष डॉ वात्सल्य उपाध्याय ने बताया कि हिंदुत्व की प्रेरणा देने वाले महान वीर शासक शिवाजी महाराज की स्मृति को जोड़ने वाली इस यात्रा का स्वागत करना हमारा सौभाग्य है।
छत्रपति शिवाजी के सेनापति वंशजों ने भी दिखाई सहभागिता
कार्यक्रम में महाराष्ट्र से आए 100 सदस्य दल ने सहभागिता दिखाई। जिसमें छत्रपति शिवाजी के सेनापति के 14वें वंशज भी सम्मिलित हुए। गरुड़ उड़ान मुहिम के अध्यक्ष मारुति गोले, उपाध्यक्ष दिग्विजय सर जे राव सहित दर्जनों लोगों ने सहभागिता दिखाते हुए कहा कि यह उनके लिए गौरव का क्षण है जब वीर शिवाजी के नाम से भव्य संग्रहालय उत्तर प्रदेश में बनने जा रहा है।
इनकी रही मौजूदगी
महाराष्ट्र से आए वीर शिवाजी के सेनापति वंशजों के साथ कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय , महाराष्ट्र सरकार के कैबिनेट मंत्री भरत सेठ गोगावले, महाराष्ट्र सरकार के मंत्री जयकुमार रावल शिवसेना प्रमुख जुन्नार महाराष्ट्र योगेश बाबू पाटे, एमटीडीसी के डायरेक्टर नीलेथ गटनी, आगरा कॉलेज के प्राचार्य सी के गौतम , डॉ वात्सल्य उपाध्याय , डॉ सिमरन उपाध्याय , विजय गोयल के के भारद्वाज, दीप विनायक पटेल, एडवोकेट मंगल सिंह , विकास सिंह, करण सिंह धाकड़, देवेश पचौरी, राजेश प्रजापति, ललित शर्मा, दीप विनायक पटेल, समर्थ गुरु रामदास एवं छत्रपति शिवराय प्रतिष्ठान संस्था से जुड़े पदाधिकारी सहित बड़ी तादाद में कार्यकर्ता मौजूद रहे ।