आगरालीक्स…आज से भाद्रपद मास शुरू, 29 दिनों का महीना जानें तारीख. पहले दिन रहा त्रिपुष्कर योग. जन्माष्टमी, राधाष्टमी, गणेश चतुर्थी सहित ये तिथियां और पर्व होंगे खास
रक्षाबंधन यानी श्रावण पूर्णिमा के साथ भगवान शिव के प्रिय माह सावन का समापन हो गया। ज्योतिषाचार्य पं. हृदय रंजन शर्मा जी के अनुसार उसके बाद हिंदू कैलेंडर का छठा माह भाद्रपद का प्रारंभ हुआ है। भाद्रपद को आम बोलचाल में भादों भी कहा जाता है। पंचांग के अनुसार, भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि 28 अगस्त शुक्रवार सुबह 09:48 से प्रारंभ हो गई थी जो कि आज 29 अगस्त शनिवार को सुबह 09:56 तक रही। उदयातिथि के आधार पर भाद्रपद का शुभारंभ आज शनिवार से हो गया। पूर्णिमा के दिन पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र होने की वजह से इस माह का नाम भाद्रपद पड़ा है।
इस साल यह महीना 29 दिनों का होगा और इसका समापन 26 सितंबर शनिवार को भाद्रपद पूर्णिमा के साथ होगा। पूर्णिमा तिथि 25 सितंबर रात 11:06 से शुरू होकर 26 सितंबर रात 10:18 तक रहेगी।
पहले ही दिन त्रिपुष्कर योग
इस साल भाद्रपद के पहले ही दिन त्रिपुष्कर योग रहा है, जो अत्यंत शुभ फलदायी माना जाता है। मान्यता है इस योग में किए गए शुभ कार्यों का तीन गुना फल प्राप्त होता है।
भाद्रपद में किन देवताओं की पूजा करें
पंचांग के अनुसार भाद्रपद माह के अधिपति देव हृषिकेश हैं, जो भगवान विष्णु के ही एक स्वरूप हैं। इस माह में भगवान विष्णु के हृषिकेश रूप, भगवान श्रीकृष्ण और प्रथम पूज्य भगवान गणेश जी की पूजा प्रमुख रूप से करनी चाहिए। भाद्रपद में ही श्रीकृष्ण जन्माष्टमी और गणेश चतुर्थी मनाई जाती है। इनकी कृपा से संकट दूर होते हैं और मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
भाद्रपद मास 2026 के प्रमुख व्रत-त्योहार
ज्योतिषाचार्य हृदय रंजन शर्मा ने बताया की पंचांग के अनुसार –
29 अगस्त शनिवार – भाद्रपद मास प्रारंभ
31 अगस्त सोमवार – कजरी तीज / बहुला चतुर्थी
2 सितंबर बुधवार – हल षष्ठी / बलराम जयंती
4 सितंबर शुक्रवार – श्रीकृष्ण जन्माष्टमी
5 सितंबर शनिवार – जाहरवीर गोगा नवमी
7 सितंबर सोमवार – अजा एकादशी
11 सितंबर शुक्रवार – भाद्रपद अमावस्या
14 सितंबर सोमवार – हरतालिका तीज और गणेश चतुर्थी, गणेशोत्सव प्रारंभ
19 सितंबर – राधा अष्टमी
22 सितंबर – परिवर्तिनी / पार्श्व एकादशी
23 सितंबर – वामन जयंती
25 सितंबर – अनंत चतुर्दशी, गणेश विसर्जन
26 सितंबर शनिवार – भाद्रपद पूर्णिमा, मास समापन और पितृ पक्ष का प्रारंभ
भाद्रपद का महत्व
भाद्रपद माह में भगवान श्रीकृष्ण और विघ्नहर्ता श्री गणेश जी का जन्म हुआ था। इस कारण यह महीना चातुर्मास का दूसरा सबसे पवित्र महीना माना गया है। इसमें स्नान, दान, पूजा, पाठ, जप और तप से पाप मिटते हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है।