आगरालीक्स…आगरा के दयालबाग में परम पुरुष पूरन धनी हुजूर स्वामीजी महाराज के जन्मदिवस पर हुआ पावन भंडारा. आरती, कृषि सेवा, विशेष पाठ, कव्वाली एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का हुआ आयोजन
राधास्वामी मत के आद्य प्रवर्तक, संस्थापक एवं प्रथम संत सतगुरु परम पुरुष पूरन धनी हुजूर स्वामीजी महाराज के पावन जन्म दिवस /जन्माष्टमी के अवसर पर शुक्रवार को दयालबाग में उनका पावन भंडारा परम श्रद्धा, प्रेम, सेवा और आध्यात्मिक उल्लास के वातावरण में मनाया गया। भंडारा दिवस पर प्रातः एवं सायंकाल दोनों शिफ्टों में फलबाग में निर्धारित कृषि कार्य एवं सेवा के साथ क्रमशः आरती और पावन भंडारा कार्यक्रम आयोजित हुए। दयालबाग एवं आसपास के क्षेत्रों के साथ-साथ देश-विदेश की विभिन्न अनुमत शाखाओं से आए बड़ी संख्या में सतसंगी भाई-बहनों एवं बच्चों ने पूरे उत्साह और सहभागिता के साथ कार्यक्रम में भाग लिया।

खेतों में पधारने के पश्चात सर्वप्रथम परम पूज्य गुरु महाराज प्रोफेसर प्रेम सरन सतसंगी साहब एवं परम आदरणीय रानी साहिबा जी ने परम पुरुष पूरन धनी हुजूर स्वामीजी महाराज तथा परम गुरु हुजूर डॉ. एम. बी. लाल साहब के पावन स्वरूपों के समक्ष माथा टेका। प्रातःकालीन आरती के अवसर पर तीन विशेष पाठ आयोजित हुए, जिनमें प्रथम पाठ में परम आदरणीय रानी साहिबा जी की भी सहभागिता रही। इसके साथ संत सुपरह्यूमन योजना के बच्चों द्वारा दो अत्यंत आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी गईं। निर्धारित कार्यक्रम के अंतर्गत पी.टी., आत्मरक्षा एवं सुरक्षा-सावधानियों से संबंधित प्रस्तुतियाँ भी हुईं। सभी सतसंगी भाई-बहनों एवं बच्चों को आरती के प्रसाद के रूप में इलायची दाना एवं मुरमुरे का प्रसाद वितरित किया गया।
सायंकाल पावन भंडारा कार्यक्रम के दौरान दो विशेष प्रस्तुतियाँ हुईं—एक विशेष पाठ तथा एक विशेष कव्वाली। दोनों प्रस्तुतियों में परम आदरणीय रानी साहिबा जी की भी सहभागिता रही। सतसंगी भाई-बहनों के समूह द्वारा प्रस्तुत विशेष कव्वाली— “पन्नी गली से हुआ तुलू, सच्चे खुदा का आफताब…” पावन जन्म दिवस के अवसर पर विशेष आकर्षण रही।
प्रातः एवं सायंकाल कृषि सेवा सांस्कृतिक एवं विभिन्न निर्धारित कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में उपस्थित सतसंगी भाई-बहनों और बच्चों की सक्रिय सहभागिता रही। देश-विदेश से आए सतसंगियों की उपस्थिति से पूरे फलबाग क्षेत्र में श्रद्धा, सेवा और उल्लास का वातावरण बना रहा।
प्रातः एवं सायंकाल दोनों ही कार्यक्रमों के पश्चात परम पूज्य गुरु महाराज ईवी से अपने निवास की ओर प्रस्थान करते समय मार्ग में उपस्थित सभी सतसंगी भाई-बहनों एवं बच्चों को अपनी दृष्टि से भावविभोर करते चले।
पावन भंडारा कार्यक्रम का सजीव प्रसारण ई-कैस्केड के माध्यम से देश-विदेश की लगभग 580 सतसंग शाखाओं में किया गया