आगरालीक्स…आगरा के बोन हॉस्पिटल में असम और महाराष्ट्र की दो महिलाओं को मिली हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी से नई जिंदगी, 12 घंटे बाद ही अपने पैरों पर खड़ी हुईं… वर्षों से चलने-फिरने में हो रही थी परेशानी
आगरा के प्रतापपुरा स्थित बोन हॉस्पिटल में हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी के बाद असम और महाराष्ट्र की रहने वाली दो महिलाओं के जीवन में नई उम्मीद जगी है। दोनों महिलाएं कई वर्षों से कूल्हों के जोड़ खराब होने के कारण गंभीर दर्द और चलने-फिरने में परेशानी का सामना कर रही थीं। आधुनिक चिकित्सा तकनीक से की गई सर्जरी के बाद दोनों मरीजों को महज 12 घंटे बाद ही अपने पैरों पर खड़ा कर दिया गया। लंबे समय से दर्द से परेशान महिलाओं के लिए यह पल बेहद भावुक करने वाला रहा।
अस्पताल में जाने-माने ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. डीवी शर्मा के पुत्र एवं ज्वाइंट रिप्लेसमेंट सर्जन डॉ. डीपी शर्मा आधुनिक तकनीकों के माध्यम से हड्डियों और जोड़ों से संबंधित बीमारियों का उपचार कर रहे हैं। बोन हॉस्पिटल में आगरा के साथ ही देश के विभिन्न राज्यों और विदेशों से भी मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं।
वर्षों से दर्द झेल रही थीं दोनों महिलाएं
असम और महाराष्ट्र की रहने वाली दोनों महिलाओं के कूल्हों के जोड़ गंभीर रूप से खराब हो चुके थे। इसके चलते उन्हें उठने-बैठने, चलने-फिरने और रोजमर्रा के काम करने में काफी परेशानी हो रही थी। लंबे समय से दर्द झेलने के कारण उनके सामान्य जीवन पर भी असर पड़ रहा था। दोनों महिलाएं ऑपरेशन को लेकर आशंकित थीं। सर्जरी के बाद होने वाली संभावित जटिलताओं के डर से वे लंबे समय तक उपचार कराने का निर्णय नहीं ले पा रही थीं। बाद में उन्हें आगरा के बोन हॉस्पिटल में ज्वाइंट रिप्लेसमेंट सर्जन डॉ. डीपी शर्मा के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद उन्होंने अस्पताल पहुंचकर परामर्श लिया और चिकित्सकीय जांच के बाद हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी कराई।
12 घंटे बाद अपने पैरों पर खड़ी हुईं, खुशी से भर आईं आंखें
हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी के लगभग 12 घंटे बाद ही दोनों महिलाओं को अपने पैरों पर खड़ा कर दिया गया। वर्षों से दर्द और चलने-फिरने में परेशानी का सामना कर रही महिलाओं के लिए यह अनुभव बेहद खास था। अपने पैरों पर खड़े होने के बाद उन्होंने उपचार करने वाले चिकित्सक के प्रति आभार व्यक्त किया और दर्द से राहत मिलने पर खुशी जताई।
डॉक्टर साहब, आपने जादू कर दिया, हमारे जीवन से दर्द को भगा दिया”
डॉ. डीपी शर्मा से दोनों महिलाओं ने भावुक होकर कहा, “आपने जादू कर दिया, हमारे जीवन से दर्द को भगा दिया। मरीजों के ये शब्द उनके वर्षों के दर्द, परेशानी और सर्जरी के बाद मिली राहत को बयां करते हैं। लंबे समय तक ऑपरेशन को लेकर आशंकित रहने के बाद महज 12 घंटे में अपने पैरों पर खड़ा होना उनके लिए किसी सपने के सच होने जैसा था। दोनों महिलाओं ने डॉक्टर और अस्पताल की टीम के प्रति आभार जताया।
हिप रिप्लेसमेंट से बेहतर जीवन की उम्मीद
डॉ. डीपी शर्मा के अनुसार, कूल्हे के जोड़ गंभीर रूप से खराब होने पर मरीजों को चलने, बैठने और रोजमर्रा के काम करने में कठिनाई हो सकती है। ऐसे मामलों में मरीज की स्थिति और चिकित्सकीय जांच के आधार पर हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी की सलाह दी जा सकती है। कई मरीज ऑपरेशन के डर से उपचार टालते रहते हैं, जबकि समय पर विशेषज्ञ से परामर्श लेने से उपलब्ध उपचार विकल्पों की जानकारी मिल सकती है।