आगरालीक्स…शरद पूर्णिमा पर आगरा के प्रेमनिधि मंदिर में महारास के भाव में नजर आए ठाकुर जी तो खाटू श्याम मंदिर में रजत अलंकरण और पुष्पों के श्रृंगार में सजे खाटू श्याम बाबा…करें दर्शन
शरद पूर्णिमा के पावन अवसर पर नाई की मंडी स्थित श्री प्रेमनिधि मंदिर में प्रभु श्रीकृष्ण के महारास के भाव के साथ विशेष श्रृंगार एवं दर्शन का आयोजन किया गया। श्वेत डोरिया के वस्त्रों, सुनहरी-चांदी की जरी और हीरे-मोती के आभूषणों से सुसज्जित ठाकुरजी की छवि ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। प्रभु ने वैणु धारण कर भक्तों को मनोहारी दर्शन दिए। मंदिर में श्वेत सज्जा के बीच शरद पूर्णिमा की दिव्यता और पुष्टिमार्गीय सेवा परंपरा की झलक दिखाई दी। सेवायत हरिमोहन गोस्वामी और सुनीत गोस्वामी ने बताया कि पुष्टिमार्ग में शरद पूर्णिमा को रासोत्सव’ अथवा ‘रास पूनम’ के रूप में मनाया जाता है। यह पर्व भगवान श्रीकृष्ण के महारास की स्मृति और उनके दिव्य प्रेम के भाव को समर्पित है। इस दिन ठाकुरजी का विशेष श्रृंगार किया गया। श्वेत डोरिया के वस्त्र, जरी की कारीगरी, हीरे-मोती के आभूषण और विशेष मुकुट सेवा की परंपरा का हिस्सा हैं। आज के दिन ठाकुरजी वैणु धारण करते हैं और उनकी शयन सेवा नहीं होती है। उन्होंने बताया कि शरद पूर्णिमा पर मंदिर की सज्जा भी विशेष रूप से की जाती है। सेवा स्थल पर श्वेत वस्त्रों की सज्जा, द्वारों पर हल्दी से ड्योढ़ी तथा अशोक के पत्तों की बंदरवाल उत्सव की शोभा बढ़ाती है। महारास के भाव वाली पिछवाई से मंदिर का वातावरण कृष्णमय हो उठा। भोग सेवा में केसरयुक्त बासोदी यानी खीर, राजभोग और मनोर में फैनी, गुजिया, कचौरी, दही-बड़ा, पेड़ा, बर्फी, खट्टे-मीठे दही, दूध-पूरी, विभिन्न प्रकार के फल और तली हुई मेवा अर्पित की गई। वहीं, हवेली संगीत में रास के पदों के गायन से उत्सव की भक्ति और माधुर्य को अभिव्यक्ति दी गई। पुष्टिमार्गीय परंपरा के अनुसार इस दिन ‘मान’ एवं ‘पोढ़वे’ के पदों का गायन नहीं किया जाता। इस अवसर पर आशीष पचौरी, सरदार सिंह धाकड़, सोनू गुप्ता, श्यामजी शिवहरे, हर्ष गुप्ता, राजेश धाकड़, रानू पचौरी आदि उपस्थित रहे।
जीवनी मंडी मंदिर में दिव्य दर्शन कर भक्तों ने लिया बाबा का आशीर्वाद, विशेष श्रृंगार और राजभोग सेवा ने मोहा मन
शरद पूर्णिमा के पावन अवसर पर जीवनी मंडी स्थित श्री खाटू श्याम जी मंदिर में बाबा का रजत अलंकरण और श्वेत पुष्पों से मनोहारी श्रृंगार किया गया। श्वेत वस्त्रों और पुष्पों से सजे बाबा के दिव्य स्वरूप के दर्शन कर भक्त भावविभोर हो उठे। सुबह से ही मंदिर में दर्शन और बाबा का आशीर्वाद लेने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। मंदिर परिसर बाबा के जयकारों से गूंजता रहा और वातावरण भक्तिमय हो गया। श्री खाटू श्याम जी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष दिनेश चंद्र अग्रवाल ने बताया कि शरद पूर्णिमा के विशेष अवसर पर बाबा की श्रृंगार सेवा और संध्या भोग सेवा श्री खाटू श्याम जी मंदिर ट्रस्ट की ओर से की गई। पोशाक सेवा श्री श्याम प्रेमी सेवा परिवार, बोदला द्वारा संपन्न की गई, जबकि इत्र सेवा और राजभोग सेवा का दायित्व पीयूष गोस्वामी ने निभाया। विभिन्न सेवाओं के माध्यम से भक्तों ने बाबा के प्रति अपनी श्रद्धा और समर्पण अर्पित किया। इस अवसर पर हेमेन्द्र अग्रवाल, संजय अग्रवाल, विपिन बंसल, विकास गोयल, अमित गोयल सहित अनेक श्याम भक्त उपस्थित रहे।