मथुरालीक्स…शरद पूर्णिमा पर ठाकुर श्रीबांकेबिहारी जी ने दिए दिव्य दर्शन…रासेश्वर रूप धरकर बजाई बांसुरी. साल में सिर्फ आज ही के दिन होते हैं ऐसे दर्शन. भक्तों की उमड़ी भीड़
शरदोत्सव और शरद पूर्णिमा पर रविवार को वृंदावन के श्री ठाकुर बांकेबिहारी जी के दिव्य दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी. वर्षभर में एक दिन शरद पूर्णिमा के अवसर पर मुरली बजाते हुए आराध्य की एक झलक पाने के लिए सुबह से ही मंदिर में श्रद्धालुओं का तांता लग गया. ठाकुर जी ने श्वेत रंग की जड़ित पोशाक, मोरमुकुट ओर मुरली धारण कर रासेश्वर के रूप में अपने भक्तों को अलौकिक दर्शन दिए, जिन्हें पाकर श्रद्धालु आनंद से झूम उठे.
इस विशेष अवसर पर श्रीबांकेबिहारी मंदिर के जगमोहन को मनमोहक सफेद रंग की पिछवाई से सजाया गया था. मध्य भाग में ठाकुर रासेश्वर श्रीबांकेबिहारी सोने और चांदी से जड़ित सिंहासन पर विराजमान हुए. उनके दोनों ओर चांदी की गोपियां सुशोभित थीं. लता पताओं के मध्य गोपियों के साथ रास मुद्रा में विराजमान आराध्य के सिर पर मोरमुकुट, चांदी की मुरली और कमर पर लकुटी सुसज्जित थी.