आगरालीक्स…करवाचौथ इस बार अखंड सौभाग्य योग मे 29 अक्टूबर को मनाया जाएगा. जानिए पूजा मुहूर्त और कितने बजे होंगे चंद्रमा के दर्शन
हिंदू धर्म में करवा चौथ को प्रचलित प्रमुख व्रतों में एक माना जाता है। इस दिन सुहागिन महिलाएं पति की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और उत्तम भविष्य के लिए दिनभर निर्जला व्रत रखती हैं। गणेश जी की पूजा करने के रात को चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद जल और कुछ मीठा खाकर अपना व्रत खोलती हैं। हर साल कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को करवा चौथ का व्रत रखा जाता है। ज्योतिषाचार्य हृदय रंजन शर्मा जी के अनुसार, इस वर्ष करवा चौथ का पावन पर्व गुरुवार, 29 अक्टूबर को मनाया जाएगा.
पति की लंबी आयु और अखंड सौभाग्य की कामना के लिए महिलाएं सूर्योदय से लेकर चंद्रोदय तक निर्जला व्रत रखती हैं। यह व्रत सूर्योदय से लेकर चंद्रोदय तक रखा जाता है और शाम में शुभ मुहूर्त में विधि विधान पूजा करके इसकी पावन कथा सुनी जाती है। इस व्रत में करवा माता और शिव परिवार की पूजा का विधान है। साथ ही रात में चंद्र देव की पूजा की जाती है।
रात्रि 08:10 पर होंगे चन्द्रमा के दर्शन।
करवा चौथ पर भद्रा की टेंशन खत्म! 29 अक्टूबर को शाम 05:38 से शुरू होगा पूजा मुहूर्त –
ज्योतिषाचार्य पं. हृदय रंजन शर्मा जी ने बताया कि इस वर्ष करवा चौथ के दिन पूजा के समय भद्रा का कोई प्रभाव नहीं रहेगा –
भद्रा आरंभ : 28 अक्टूबर 2026, सुबह 05:31 बजे
भद्रा समाप्ति : 29 अक्टूबर 2026, सुबह 04:27 बजे
पंचांग के अनुसार, 29 अक्टूबर की सुबह 04:27 बजे ही भद्रा समाप्त हो जाएगी. इसके चलते सुबह सरगी ग्रहण करने और दिनभर के मांगलिक कार्यों में भद्रा का कोई व्यवधान नहीं पड़ेगा. शाम के पूजन के समय भी भद्रा मुक्त वातावरण रहेगा. धार्मिक मान्यताओं में भद्रा काल को शुभ कार्यों के लिए वर्जित माना जाता है, इसलिए भद्रा का न होना व्रतियों के लिए अत्यंत शुभ संकेत है.
इस दिन पूजा का शुभ मुहूर्त – शाम 05:38 बजे से शाम 06:56 बजे तक रहेगा।
करवा चौथ पर बन रहे हैं विशेष शुभ योग –
ज्योतिषाचार्य पं. हृदय रंजन शर्मा जी के अनुसार, सबसे अच्छा संयोग तो यह है कि इस बार करवा चौथ के दिन चंद्रमा अपनी उच्च राशि वृषभ में गोचर करेंगे जिसे ज्योतिष में बेहद पुण्यकारी और कल्याणकारी माना गया है। इसके अलावा इस दिन –
अखंड सौभाग्य योग – गुरुवार के दिन यह पर्व पड़ने से ‘अखंड सौभाग्य योग’ का निर्माण हो रहा है, जो दांपत्य जीवन के सभी कष्टों को दूर करने वाला माना जाता है।
लक्ष्मी नारायण राजयोग – तुला राशि में सूर्य, शुक्र और बुध के संचरण व युति से ‘लक्ष्मी नारायण योग’ तथा ‘त्रिग्रही योग’ का संयोग बन रहा है। इससे वैवाहिक जीवन में सुख, वैभव और आर्थिक उन्नति के योग बनते हैं।
नक्षत्र संयोग : दोपहर 3:32 बजे तक रोहिणी नक्षत्र रहेगा, इसके बाद मृगशिरा नक्षत्र लगेगा जिसके अधिष्ठाता देवता चंद्रमा (सोम) हैं। वृषभ राशि में चंद्रमा और रोहिणी नक्षत्र का साथ होना करवा चौथ पर बड़ा ही सुंदर संयोग माना गया है जो वैवाहिक जीवन में प्रेम की वृद्धि करने वाला है।
इस बार करवा चौथ संकष्टी चतुर्थी (भगवान गणेश की तिथि) पर पड़ रही है, और रोहिणी व्रत भी इसी दिन है, जिससे यह व्रत विशेष फलदायी माना जा रहा है।
करवा चौथ पर इस बार ग्रहों की एक दुर्लभ स्थिति बन रही है. हिंदू पंचांग के अनुसार, इस बार एकसाथ पांच ग्रह वक्री रहने वाले हैं. यानी पांच ग्रहों की चाल उल्टी रहेगी. मीन राशि में शनि वक्री हैं. जबकि तुला राशि में बुध और शुक्र भी वक्री चाल चल रहे हैं. इसके अलावा, सिंह राशि में केतु और कुंभ राशि में राहु उल्टी चाल चल रहे हैं.
इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग जो सभी कार्यों में सफलता देने वाला अत्यंत शुभ योग माना जाता है वे इस दिन सुबह 06:34 तक रहेगा। इसके बाद परिघ योग रात्रि 11:58 तक रहेगा। ज्योतिष शास्त्र में इन शुभ योगों को पूजा-अर्चना, तप और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए अत्यंत फलदायी और मंगलकारी माना गया है.