आगरालीक्स…इन्फ्लूएंजा, निमोनिया और हर्पीज के लिए एडल्ट वैक्सीनेशन जरूरी. आगरा के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. एके गुप्ता दूसरी बार एपीआई गवर्निंग बॉडी के मेंबर निर्वाचित हुए
एपीआई द्वारा भारत सरकार, मेडिकल काउंसिल आफ इंडिया और आईसीएमआर से संपर्क कर बच्चों की भांति युवा और बुजुर्गों के लिए भी वैक्सीनेशन उपलब्ध कराने पर विचार किया जा रहा है। इसमें इन्फ्लूएंजा, निमोनिया और हर्पीज रोग से बचाव के लिए वैक्सीनेशन शामिल है। यह बात आगरा के वरिष्ठ फिजीशियन और एसएन मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के पूर्व अध्यक्ष डॉक्टर एके गुप्ता ने कही। डॉक्टर एके गुप्ता ने कहा कि एपीआई भारत मेडिसिन के डॉक्टरों की सबसे बड़ी संस्था है। इसमें लगभग 28 हजार सदस्य हैं। इसकी गवर्निंग बॉडी के चुनाव हाल ही में सम्पन्न हुए। लगभग 8500 लोगों ने बैलेट भेजकर अपना मत दिया। लगभग 6500 मत मिले। डॉक्टर एके गुप्ता दूसरी बार भारी बहुमत से गवर्निंग बॉडी के मेंबर बने। इससे पहले 2023 में भी डा. एके गुप्ता विजयी हुये थे।
आगरा में इससे पहले डा.एमपी महरोत्रा, डा.एमसी गुप्ता, डा पीके वाहल, डा.एमएम सिंह सदस्य चुने जा चुके है। डा.एमएम सिंह 1996 में इसमें चुने गए थे। इनके 27 साल बाद वह 2023 में पहली बार और अब लगातार 2026 में दूसरी बार मेम्बर बने हैं। डा एके गुप्ता आगरा में एसएन मेडीकल कालेज में 1985 में जीएसवीएम मेडीकल कालेज कानपुर से स्थानान्तरित होकर आये थे और 2013 में एस. एन.मेडिकल कालेज के विभागाध्यक्ष मेडिसिन विभाग से रिटायर हये। रिटायरमेन्ट के बाद डॉ. गुप्ता विजय नगर कॉलोनी में अपने निवास पर मरीजों को परामर्श देते हैं। उन्होंने बताया कि एपीआई का उद्देश्य देशभर के शहरों में सीएमई का आयोजन कर चिकित्सकों को ज्ञानवर्धन कराना है। डॉ एके गुप्ता के द्वारा गत माह में झांसी, फिरोजाबाद, बुलंदशहर, फर्रुखाबाद, रायबरेली, देहरादून, ग्वालियर सहित कई अन्य शहरों में सीएमई के माध्यम से व्याख्यान दिया गया है। चिकित्सकों को आधुनिक उपचार और नवीन तकनीकियों के प्रयोग की जानकारी उपलब्ध कराना ही संस्था का लक्ष्य है। उन्होंने संस्था के अन्य उद्देश्यों और कार्यों से भी अवगत कराया।
सार्क देशों में की जाएंगी सीएमई
डॉ एके गुप्ता ने बताया कि सार्क देशों जिसमें दुबई, बांग्लादेश, थाईलैंड, सिंगापुर मलेशिया और श्रीलंका आदि देशों में सीएमई का आयोजन करने पर मंथन किया जा रहा है। चिकित्सकों को आधुनिक चिकित्सा पद्धति से अवगत कराना भी संस्था का प्रमुख उद्देश्य है।
केयर, सिंपैथी और एंपैथी प्रमुख मंत्र
डॉ एके गुप्ता के अनुसार केयर, सिंपैथी और एंपैथी यह तीनों सफल चिकित्सा प्रणाली के मूल मंत्र है। मरीज की परवाह करना, सहानुभूति रखना और समानुभूति (दर्द को खुद महसूस करना)। यह मंत्र चिकित्सक और मरीज के बीच आपसी तालमेल और सामंजस बनाए रखने के लिए आवश्यक है।
28 देश में दे चुके व्याख्यान
डॉ एके गुप्ता अब तक 28 देश की यात्रा कर वहां आयोजित कार्यशाला में विभिन्न रोगों के संदर्भ में अपने व्याख्यान प्रस्तुत कर चुके हैं। इसमें डायबिटीज, थायराइड और फैटी लीवर सहित अन्य रोग शामिल है।