आगरालीक्स…आगरा के लॉयर्स कॉलोनी राधाकृष्ण मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में गूंजी श्रीकृष्ण जन्म की लीला, आचार्य नरोत्तम शास्त्री ने बताया आसक्ति से मुक्ति का मार्ग
आगरा के राधा कृष्ण मंदिर, लॉयर्स कॉलोनी में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के चौथे दिन आज श्रीकृष्ण के जन्म की लीला हुई। आचार्य नरोत्तम शास्त्री ने जीवन के छह प्रमुख शत्रुओं—काम, क्रोध, लोभ, मोह, ईर्ष्या और द्वेष पर विजय प्राप्त करने का महत्व समझाया था में दृष्टांतों के माध्यम से समझाया गया है कि संसार में सच्चा प्रेम केवल परमात्मा से करना चाहिए, क्योंकि सांसारिक संबंध नश्वर हैं. व्यासपीठाधीश्वर ने भरती जी के प्रसंग के माध्यम से समझाया आसक्ति मनुष्य को जीवन मरण के खेल में बार-बार घसीटती है जिसकी वजह से उसे पुनर्जन्मों के कष्टों को झेलना पड़ता है. नरोत्तम शास्त्री ने कथा सुनाई कि भागवत पुराण के अनुसार, भगवान ऋषभदेव के ज्येष्ठ पुत्र महाराज भरत एक प्रतापी और धर्मनिष्ठ राजा थे। राज्य त्यागकर वे वन में तपस्या करने लगे, लेकिन एक दिन उन्हें एक हिरण के शावक से अत्यधिक स्नेह हो गया। धीरे-धीरे उनका मन भगवान की भक्ति से हटकर उस हिरण की चिंता में लग गया। मृत्यु के समय भी उनका स्मरण हिरण में ही था, जिसके कारण अगले जन्म में उन्हें हिरण योनि प्राप्त हुई। यह कथा सिखाती है कि अत्यधिक आसक्ति मनुष्य की आध्यात्मिक प्रगति में बाधा बनती है और मोक्ष के मार्ग से भटका सकती है। आज की कथा में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के अवसर पर भक्त गहरे प्रेम, श्रद्धा और आनंद से भाव-विभोर हो उठे। नंदोत्सव मनाकर प्रसाद वितरित किया गया। मुख्य आयोजक सीए अशोक दीक्षित और आस्था दीक्षित के साथ आज विधायक जीएस धर्मेश, बीजेपी महानगर अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता, बीजेपी के शहर महामंत्री महेश शर्मा ने व्यासपीठाधीश्वर का स्वागत किया।