आगरालीक्स….जीवनशैली से जुड़ी बीमारियां बढ़ी हैं। कमर, जोड़ों के दर्द, स्पांइंडलाइसेस की समस्या से लेकर मोटापा और मधुमेह का इलाज फिजियोथेरेपी, नेचुरोपैथी में है। शास्त्रीपुरम आगरा के रूपरानी हैल्थ केयर्स के निदेशक डॉ अभिनव चतुर्वेदी ने बताया कि फिजियोथेरेपी, नेचुरोपैथी को कम आंकने की गलती न करें, इनमें न केवल कम्प्लीट फिटनेस है बल्कि असाध्य रोगों से भी बाहर लाने की क्षमता है, रूपरानी हैल्थ केयर पर 4 घण्टे में 68 लोग लाभान्वित
आगरा में लोग फिट रहने और साधारण-असाधारण रोगों से दूर रहने, ठीक होने के लिए फिजियोथेरेपी और नेचुरोपैथी को आजमा रहे हैं। इसके फायदे भी दिख रहे हैं। रूपरानी हैल्थ केयर्स के निदेशक डॉ अभिनव चतुर्वेदी ने बताया कि इन दोनों ही विधियों को कम आंकने की गलती न करें। सेंटर पर हजारों लोग अब तक इनसे लाभान्वित हो चुके हैं।
10 जुलाई को शास्त्रीपुरम, सिकंदरा रोड स्थित रूपरानी हैल्थ केयर्स पर फिजियोथेरेपी और नेचुरोपैथी का निशुल्क परामर्श शिविर लगा। सुबह 8.30 से दोपहर 1 बजे तक चले इस शिविर का लाभ 68 लोगों ने उठाया। इसके साथ ही रियायती दरों पर शुगर, बीपी, कोलेस्ट्रॉल, हीमोग्लोबिन, न्यूरोपैथी, बीएमआई जांचों की सुविधा दी गई। शिविर में डॉ अभिनव के साथ ही डॉ अजय सिंह यादव ने सेवाएं प्रदान कीं।
फिजियोथेरेपी के फायदे

डॉ अभिनव ने बताया कि फिजियोथेरेपी एक चिकित्सा उपचार है जो चोट की रोकथाम, पुनर्वास, समग्र फिटनेस और स्थायी चिकित्सा का एक संयोजन है। फिजियो ज्यादातर अंगों की गतिविधियों पर केंद्रित होता है। किसी अंग को विकलांगता की अवस्था से कैसे निकाला जाय या उसका कम काम करने वाला अंग कैसे फिर से ठीक से काम करने लगे। गतिशीलता को पुनः प्राप्त करने के लिए व्यायाम और मालिश की विधि अपनाई जाती है।
मांसपेशियों की ऐंठन, गलत मुद्रा, मांसपेशियों में खिंचाव इत्यादि को ठीक करने के लिए किसी बाहरी कारण से बचने के लिए जो उनके दर्द का कारण बन सकते हैं। फिजियो रोगी का दर्द दूर करता है और आगे भी बेहतर तरीके से जीने में मदद करता है।
नेचुरोपैथी के फायदे
नेचुरोपैथी यानी प्राकृतिक चिकित्सा उपचार के लिए पंच तत्वों आकाश, जल, अग्नि, वायु और पृथ्वी को आधार मानकर चिकित्सा सम्पन्न की जाती है। प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति मिट्टी, पानी, धूप, हवा व आकाश पर आधारित है। डॉक्टर से सलाह लेकर घर पर ही इलाज संभव है। इसके अंतर्गत जोड़ों का दर्द, ऑर्थराइटिस, स्पॉन्डलाइटिस, सियाटिका, पाइल्स, कब्ज, गैस, एसिडिटी, पेप्टिक अल्सर, फैटी लीवर, कोलाइटिस, माइग्रेन, मोटापा, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, श्वांस रोग, दमा, ब्रॉनकाइटिस, सीओपीडी (क्रॉनिक, ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज) व त्वचा संबंधी रोगों का सफलतम उपचार होता है।
इन समस्याओं से बचने के लिए सेंटर और शिविर में आएं
पैरालाइसिस, नसों का दर्द, ज्वाइंट पेन, पोस्ट फ्रेक्चर स्टिफनेस, शोल्डर पेन, मस्कुलर पेन, एड़ी का दर्द, बैक पेन, सेरिब्रल पैल्सि, डिस्क प्रोलेप्स, सियाटिका, डायबिटीज, मेंस्ट्रुअल डिसऑर्डर, ल्यूकोरिया, थायराइड, हाइपरटेंशन, ओबेसिटी, इंसोनमिया, डिप्रेशन, माइग्रेन, कोलेस्ट्रॉल, क्रोनिक कॉन्स्टिपेशन, गैस्ट्राइटिस, एसिडिटी, अस्थमा आदि।