आगरालीक्स…कार्तिक मास 26 अक्टूबर से हो रहा शुरू. करवाचौथ, अहोई अष्टमी, दीपोत्सव, देवोत्थान एकादशी जैसे पर्व इसी महीने में. जानिए कार्तिक मास के नियम
कार्तिक मास 26 अक्टूबर सोमवार से शुरू हो रहा है जो कि 24 नवंबर मंगलवार तक चलेगा. इस मास में करवाचौथ, अहोई अष्टमी, दीपोत्सव, देवोत्थान एकादशी जैसे त्योहार हैं. कार्तिक मास का धार्मिक महत्व काफी अधिक है और इस महीने के कोई नियम भी हैं.
सुबह जल्दी उठकर स्नान अदि नित्यकर्म करके मगला आरती करे घर पर या मंदिर पास हो तो वह जाए मंगला आरती में से अपना दिन शुरू करे.
ब्रह्म महुर्त सुबह 5:00 से 7:00 बजे तक अधिकतम माला का जप करे!
प्रतिदिन हरे कृष्णा महमंत्र की कम से कम 16 माला का जप करे ! एकादशी के दिन ज्यादा से ज्यादा माला का जप करे कार्तिक माह में भी रोज 16 से ज्यादा से ज्यादा जप करें!
प्रतिदिन तुलसी पूजा करे जल चढ़ाये और परिक्रमा करे और शाम को एक दीप प्रज्वलित करें पूरे कार्तिक मास में
चाय काफी प्याज लहसुन आदि का सेवन न करे !
केवल कृष्ण प्रसाद ही ग्रहण करे !
विशेषत: दामोदर लीला एव गोवर्धन लीला गजेंद्र मोक्ष कथा पढ़े (भागवतम स्कन्द 8)!
भगवान दामोदर की तस्वीर अपने घर में अवश्ये रखे !
दमोदराषटकम का प्रतिदिन शाम को पाठ करते हुए दिप लगाए|
भगवान दामोदर को प्रतिदिन दीपदान करे !
कार्तिक मास में उड़द दाल का निषेद करे !
पूरा महीना ब्रह्मचरिये व्रत का पालन करे
शुद्ध भक्तो को दान दे
स्कन्द पुराण में लिखा है कि जो भी कार्तिक माह में रोज कृष्ण के सामने शाम को दिप लगता है तुलसी जी मे और नदी तालब गोशाला में उसके कई जन्मों के पाप नष्ट हो जाते हैं और वो राधा कृष्ण का प्रिय होता है उस जीव को कृष्ण अपने निज धाम गोलोकधाम ले जाते हैं| जो पूरे कार्तिक माह में दीप लगता है उसकी 21 पीढ़ी के पितृ तर जाते हैं उनको भगवान स्वर्ग मै स्थान देते है।
प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य परमपूज्य गुरुदेव पंडित ह्रदय रंजन शर्मा अध्यक्ष श्री गुरु ज्योतिष शोध संस्थान गुरू रत्न भंडार पुरानी कोतवाली सर्राफा बाजार अलीगढ़ यूपी व्हाट्सएप नंबर-9756402981,8272809774