आगरालीक्स…आगरा में ताज के साये में हुआ ‘वंडरफुल जैनिज्म’. ताज खेमा में संतों को सुनने उमड़ा युवाओं का सैलाब…
आगरा में रविवार को ताजमहल स्थित ताज खेमा में में जैन धर्म पर आधारित शानदार सत्र ‘वंडरफुल जैनिज्म’ आधिकारिक रूप से शुरू हो गया है। इस पहल का उद्देश्य युवा सोच को प्रेरित करना और जैन दर्शन, मूल्यों, आध्यात्मिकता तथा आत्म-विकास के मार्ग की गहरी समझ प्रदान करना है। संत चर्या शिरोमणी पट्टाचार्य आचार्य भगवन श्री 108 विशुद्ध सागर जी” महामुनिराज जी के तीन अनमोल रत्न परम् प्रभावक सुयोग्य शिष्य जगत् विख्यात “गूगल बाबा श्रमण मुनि श्री 108 समत्व सागर महाराज जी” श्रमण मुनि श्री 108 शील सागर महाराज जी” श्रमण मुनि श्री 108 सुप्रभात सागर महाराज जी” ससंघ के सानिध्य में युवा एवं युवतियों और पुरुष एवं महिलाओं को वंडरफुल जैनिज़्म के बारे में जानकारी दी गई।
विशिष्ट अतिथि के रूप में पर्वतारोही यशी जैन, विंग कमांडर कुलदीप जैन, स्क्वाड्रन लीडर नूपुर जैन, अक्षय जैन निदेशक, एमिटी विश्वविद्यालय, सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी एसके जैन (पूर्व पुलिस महानिदेशक, चंडीगढ़) रिटायर्ड कमिश्नर गाजियाबाद एसके जैन, डिप्टी सीएम. डॉ. पीयूष जैन, ले. रोहित जैन (कर्नल), रिटार्ड (नासा) अनन्त रॉय जैन को श्रुत मंथन वर्षायोग समिति ने सम्मान किया गया।

आज ऊर्जा, उत्साह और सकारात्मकता से भरपूर यह सत्र इतना प्रभावशाली था कि सभागार आगरा के युवाओं से खचाखच भरा हुआ था। प्रवचनों से जैन संतों ने कहा कि जब यह पकड़ाया जाता है, मैं तो जितने गेस्ट हैं उनसे भी बोलना चाहूंगा। सबसे पहले जब आप किसी भी चीज़ का अचीव करते हैं, यदि किसी फाइट में आपने विजय प्राप्त की है, अगर आपको देश में विजय प्राप्त करने की बात हो या एवरेस्ट पर चढ़ने की बात हो, तो सबसे पहले गर्व से कोई उठाता है तो अपना तिरंगा उठाता है, क्यों? वो गर्व का विषय है कि अभी-अभी आपने याशी जी नुपूर जी से सुना कि गर्व की बात है कि मैं तिरंगे से लिपट के जाऊंगी, अरे गर्व की बात है कि तुम्हारे सिर पर बजरंग है और तुम बजरंगे के साथ जीवन जियो। बहुत सारे बच्चे सोचते हैं कि क्या यह हम लोग अगर (संगीत) भाई साहब, आई कैरी।
”यह ग्रैंड सेशन ऑफ़ वंडरफुल जैनिज़्म, प्राउड टू बी अ जैन! दिस इज़ द सिटी ऑफ़ ताज एंड यू आर एबल टू सी द ताज। बिहाइंड मी यू कैन सी ताज।आई एम नॉट एबल टू सी द ताज, बट स्टिल आई एम सीइंग ताज। आप सबको मेरे पीछे ताजमहल दिखाई दे रहा है, लेकिन मुझे मेरे सामने बैठे लोगों के सिर पर ताज दिखाई दे रहा है। पीछे एक ताजमहल है और यहाँ जितने सिर हैं, आज उनके सिर पर ताज है। आर यू रियली टायर्ड? आई डोन्ट थिंक सो कि यू कैन बी टायर्ड। आप क्या सच में थक गए? थक गए हैं कि जाग गए हैं? जागे हुए लोगों की आवाज़ें ऐसी नहीं होतीं। बहुत दिनों से आप इस वंडरफुल जैनिज़्म की सीरीज़ को सुनते आए, सेशंस को सुनते आए, 1 से लेकर 9 तक सेशन सुने।

पता है? कई बार हम लोग अपनी वैल्यू ज़ीरो (0) की तरह देखते हैं। यू नो, एवरीवन थिंक्स वी आर ज़ीरो। अभी कुछ यहाँ पर हमारे साथ में जो गेस्ट्स थे, उन्होंने कहा— “हम भी वैसे ही थे जैसे आप थे”। लेकिन पता है, वो ज़ीरो वो ज़ीरो यदि किसी नंबर के पीछे लग जाए न, तो उसकी वैल्यू 10x बढ़ा देता है! ये सारे गेस्ट्स अभी मेरे साथ में हैं, ये भी आपके जैसे थे, समझते थे कि हम कुछ नहीं कर सकते हैं। लेकिन 9th सेशन के बाद यह ‘ग्रैंड सेशन’ क्या कह रहा है? वो 10 की वैल्यू ऊपर आ चुका है और आज दिखाई दे रहा है कि आपको वो 10x वैल्यू दिखाई दी।
मैंने अभी तक बहुत सारे लोगों का, इन सबका नाम लिया था। आप मुझ पर विश्वास ज़्यादा नहीं करते। हाँ समटाइम्स इट हैपेंस लाइक— “ओके, महाराज जी बोल रहे हैं वो तो बोलते ही रहते हैं।” आधे तो मेरे को सुनने ही नहीं आते। कुलदीप जी, कई बार तो ऐसे लोग यहाँ पर मिल जाएँगे, जो मुझे देखने नहीं आते। पहले ये मेरे बैकग्राउंड से प्रभावित होकर आते हैं—”आई वोर्क्ड फॉर…” (हेलो मोट)फॉर गूगल और आई वोर्क्ड फॉर मोटोरोला।” तो लोग समझते हैं कि महाराज बड़े महाराज हैं। लेकिन बड़े महाराज के आगे बड़े-बड़े लोग आज दर्शन करने आए हैं। यू कैन सी हियर। अगर मैं किसी फ़ील्ड का होता भी न, तो शायद ये लोग मेरे पास न होते। अचीवमेंट्स इनके बहुत बड़े-बड़े हैं, यह बात बिल्कुल सही है। और मनोज जी ने इस बार आज एक बहुत अच्छी चीज़ की इन्होंने मुझे ‘गूगल बाबा’ नहीं कहा। यह हमेशा जब भी मुझे कहीं पे इंट्रोड्यूस करते हैं, तो कहते हैं— “गूगल बाबा”। तो मैं सोचता हूँ, बड़ा छोटा नाम ले लिया। जैसे आप वंडर्स देखते हैं, ताजमहल को देखने पूरी दुनिया आ रही है, लेकिन आज ताज के सामने आप जैन धर्म के वंडर्स को देखने के लिए इकट्ठे हुए हैं, यह सबसे बड़ी बात है। देखने के लिए बोला मैंने, सुनने के लिए नहीं बोला इसलिए। आप बिलीव कर सकते हैं? जो इस ताज की सिक्योरिटी हो, या प्राइम मिनिस्टर की सिक्योरिटी हो, या बड़े-बड़े लेवल पर एस.के. जैन सर आपको लगता है कि वो केवल बोलने के लिए जैन नहीं हैं। जितने गेस्ट आए, मुझे नहीं पता था। मैं भी कुछ से तो इनमें मिला हुआ था, लेकिन कुछ से नहीं मिला था। लेकिन मैं हमेशा इनकी चर्चा और इनका नाम ज़रूर लेता था कि जैनिज़्म की वैल्यू के साथ ऊँचाइयाँ अधिक मिलती हैं। क्या वह जज़्बा है आपके अंदर? कि जिन धर्म का पचरंगा पहले से ही बहुत ऊँचा है, क्या आपके अंदर है?”
मंच संचालन मनोज जैन बाकलीवाल ने किया।
इस मौके पर श्रुत मंथन वर्षायोग समिति के राजीव जैन (कपड़ा), चक्रेश जैन, विवेक जैन,गौरव जैन (कांटे वाले) सनी जैन, विनीत जैन, संभव जैन, युग जैन, हितेश जैन, मीडिया प्रभारी राहुल जैन समस्त मंडल एवं सकल जैन मौजूद था।