Friday , 5 December 2025
Home हॉट न्यूज़ Ashok Dhyan chand speak, I have no hope of Bharat Ratna for Major Dhyan Chand
हॉट न्यूज़

Ashok Dhyan chand speak, I have no hope of Bharat Ratna for Major Dhyan Chand

dhyanchand
आगरालीक्स….. अपनी स्टिक से गेंद के साथ खिलाडियों को नचाने वाले मेजर ध्यान चंद भारत रत्न के हकदार थे, इसका दुनिया भर के खिलाडी समर्थन कर रहे हैं, लेकिन उन्हें भारत रत्न नहीं दिया गया। आगरा में रविवार को योग दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए मेजर ध्यानचंद के बेटे और हॉकी खिलाडी अशोक ध्यानचंद ने कहा कि गरीबी के चलते दादा ध्यानचंद को भारत रत्न नहीं दिया गया।

अशोक ध्यानचंद  अंतरराष्ट्रीय योग दिवस आयोजन समिति द्वारा आगरा कॉलेज मैदान पर कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। इसके बाद होटल मोती पैलेस में प्रेसवार्ता में बोले कि दादा ध्यानचंद के जन्मदिन पर खेल दिवस मनाया जाता है। उनके नाम से अवार्ड दिया जाता है। यह सब भाजपा शासनकाल में हुआ। मगर अफसोस है कि उन्हें भारतरत्न नहीं दिया गया। हॉकी की स्थिति पर उनका कहना था कि हर छोटे मैदानों की बजाए एकेडमी से खिलाड़ी निकल रहे हैं। हॉकी पहले कलात्मक थी, अब ताकत वाली हो गई है। हॉकी इंडियन लीग का लाभ कुछ ही खिलाडिय़ों को मिल रहा है। हॉकी के खिलाड़ी को 150 रुपये प्रतिदिन डाइट के मिलते हैं, तो वह क्या खेलेगा और कोई अपने बच्चे को इस खेल में क्यों भेजेगा।

योग पर कहा कि जिस तरह खेलों का कोई धर्म नहीं होता, वैसे ही योग का कोई धर्म नहीं है। योग को जानती तो पूरी दुनिया पहले से थी, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उसके महत्व को नई दिशा दी है।
भारतीय  हॉकी के पूर्व कप्तान मेजर ध्यानचंद सिंह को भारत एवं विश्व हॉकी के क्षेत्र में सबसे बेहतरीन खिलाडियों में शुमार किया जाता है। वे तीन बार ओलम्पिक के स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय हॉकी टीम के सदस्य रहे हैं जिनमें 1928 का एम्सटर्डम ओलोम्पिक, 1932 का लॉस एंजेल्स ओलोम्पिक एवं 1936 का बर्लिन ओलम्पिक शामिल है। उनकी जन्म तिथि 29 अगस्त वर्ष 1905 को भारत में “राष्ट्रीय खेल दिवस” के तौर पर मनाया जाता है।
ध्यानचंद को फुटबॉल में पेले और क्रिकेट में ब्रैडमैन के समतुल्य माना जाता है। गेंद इस कदर उनकी स्टिक से चिपकी रहती कि प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ी को अक्सर आशंका होती कि वह जादुई स्टिक से खेल रहे हैं। यहाँ तक हॉलैंड में उनकी हॉकी स्टिक में चुंबक होने की आशंका में उनकी स्टिक तोड़ कर देखी गई। जापान में ध्यानचंद की हॉकी स्टिक से जिस तरह गेंद चिपकी रहती थी उसे देख कर उनकी हॉकी स्टिक में गोंद लगे होने की बात कही गई। ध्यानचंद की हॉकी की कलाकारी के जितने किस्से हैं उतने शायद ही दुनिया के किसी अन्य खिलाड़ी के बाबत सुने गए हों। उनकी हॉकी की कलाकारी देखकर हॉकी के मुरीद तो वाह-वाह कह ही उठते थे बल्कि प्रतिद्वंद्वी टीम के खिलाड़ी भी अपनी सुधबुध खोकर उनकी कलाकारी को देखने में मशगूल हो जाते थे। उनकी कलाकारी से मोहित होकर ही जर्मनी के रुडोल्फ हिटलर सरीखे जिद्दी सम्राट ने उन्हें जर्मनी के लिए खेलने की पेशकश कर दी थी। लेकिन ध्यानचंद ने हमेशा भारत के लिए खेलना ही सबसे बड़ा गौरव समझा। वियना में ध्यानचंद की चार हाथ में चार हॉकी स्टिक लिए एक मूर्ति लगाई और दिखाया कि ध्यानचंद कितने जबर्दस्त खिलाड़ी थे।

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

आगराटॉप न्यूज़फिरोजाबादबिगलीक्समैनपुरीयूपी न्यूजसिटी लाइवहॉट न्यूज़

Native of Kasganj Arun Maurya killed Atiq & Ashraf, Known about Lavlesh & sunny Family #lucknow

लखनऊलीक्स… अतीक और अशरफ की हत्या करने वाला अरुण मौर्य कासगंज का...

फिरोजाबादबिगलीक्सयूपी न्यूजहाथरसहॉट न्यूज़​क्राइम

Video News : Bride Harsh Firing on wedding stage video goes viral #hathras

आगरालीक्स… वरमाला के बाद स्टेज पर बेटी दुल्हन ने रिवाल्वर से चार...

आगराबिगलीक्सहॉट न्यूज़​क्राइम

Agra Police shock after listen 9th standard girl fake story of 16 girl hostage in house in Agra #agranews

आगरालीक्स …..(Agra News 28th February 2022 )..आगरा में एक कान्वेंट स्कूल की...

आगराटॉप न्यूज़हॉट न्यूज़

We Indians are at number four in spending the most time on mobile

ग्लोबललीक्स…जरा सा खाली हुए और लग गए मोबाइल देखने में. मोबाइल पर...

error: Content is protected !!