आगरालीक्स…पेट्रोल—डीजल का उपयोग कम करें. एक साल तक सोना नहीं खरीदें. कोरोना काल की तरह वर्क फ्रॉम होम करें. पीएम मोदी ने की देशवासियों से अपील..जानिए और क्या—क्या कहा
देश की बड़ी खबर सामने आई है और वो है प्रधानमंत्री मोदी की ओर से. पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ऊर्जा संकट के बीच उन्होंने देशवासियों से अपील की है कि पेट्रोल डीजल का उपयोग कम करें. विदेशी मुद्रा बचाने के लिए लोगों से एक साल तक सोने के गहने न खरीदने का आहृवान भी किया है. पीएम ने कहा कि कोरोना काल की तरह वर्क फ्रॉम होम और आनलाइन मीटिंग्स फिर से शुरू हों, ताकि देश युद्ध के आर्थिक प्रभावों से सुरक्षित रह सके.जानिए विस्तार से
दुनिया में लगातार बढ़ते ऊर्जा संकट और पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की जनता से एक बहुत ही बड़ी और अहम अपील की है. उन्होंने देशवासियों से पेट्रोल और डीजल जैसे उत्पादों का बहुत ही सोच समझकर और संयम के साथ इस्तेमाल करने को कहा है. इसके साथ ही उन्होंने सोने की खरीद को भी एक अपील की है. उनहोंने कहा है कि देशहित में लोगों को कम से कम एक साल तक सोने के गहने नहीं खरीदने चाहिए. चाहे घर में कोई फंक्शन या शादी ही क्यों न हो. पीएम मोदी ने साफ कहा है कि इस संकट की घड़ी में देश का पैसा यानी विदेशी मुद्रा बचाना ही हमारी असली देशभक्ति है.
उन्होंने कहा कि भारत बहुत बड़ी मात्रा में पेट्रोल और डीजल बनाने वाला कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है. ऐसे में अगर देश के लोग बिना जरूरत के या जरूरत से ज्यादा पेट्रोल, डीजल या गैस का इस्तेमाल करेंगे्र तो इसका सीधा और बहुत बुरा असर देश की पूरी अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा. दुनिया इस वक्त एक बहुत ही भयंकर ऊर्जा संकट का सामना कर रही है और पश्चिम एशिया में जो तनाव चल रहा है, उसने इस चिंता को कई गुना बढ़ा दिया है. इसीलिए पीएम मोदी ने हर नागरिक से अपील की है कि वे अपनी जिम्मेदारी समझें और पेट्रोलियम उत्पादों का उपयोग बहुत ही सोच समझकर करें. उन्होंने भरोसा जताया कि युद्ध के कारण पैदा हुए वैश्विक संकट का बुरा असर भी भारत पर बहुत कम पड़ेगा.
कोरोना काल की तरह करें वर्क फ्रॉम होमपीएम मोदी ने कहा कि कोरोना काल के दौरान जो वर्क फ्रॉम होम यानी घर से काम की व्यवस्था शुरू हुई थी, उसे देशहित में फिर से शुरू करें और उसे प्राथमिकता दें. यात्रा करने और पेट्रोल फूंकने की बजाय आनलाइन मीटिंग्स और वीडियो कांफ्रेंसिंग का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करें. खेती में सरकार द्वारा दी जा रही सस्ती खाद का इस्तेमाल करें. क्योंकि जो खाद पूरी दुनिया में 3000 में बिक रही है वो भारत सरकार अपने किसानों को 300 रुपये से भी कम कीमत में उपलब्ध करा रही है. खाने के तेल को भी इस्तेमाल कम करें. अगर हर परिवार अपने भोजन में खाने के तेल का इस्तेमाल थोड़ा कम कर दे तो इससे आयात में जाने वाली विदेशी मुद्रा भी बचेगी.