Monday , 19 October 2026
Home आगरा Nag Panchami 2026: After 23 years, Nag Panchami and Sawan Monday will coincide amidst eight auspicious alignments
आगरा

Nag Panchami 2026: After 23 years, Nag Panchami and Sawan Monday will coincide amidst eight auspicious alignments

169

आगरालीक्स….नाग पंचमी और सावन का तीसरा सोमवार कल. 23 साल बाद 8 शुभ संयोग में एक साथ पड़ेंगे नाग पंचमी और सावन सोमवार, जानिए क्यों है खास –

देवों के देव महादेव का अतिप्रिय श्रावण मास इस बार एक अद्भुत और दुर्लभ महासंयोग लेकर आया है। सावन का तीसरा सोमवार और नाग पंचमी एक ही दिन पड़ रहे हैं। यह संयोग 23 वर्ष बाद बना है, जो धार्मिक दृष्टि से अत्यंत फलदायी माना जा रहा है। ज्योतिषाचार्य पं. हृदय रंजन शर्मा जी के अनुसार इससे पहले वर्ष 2003 में नागपंचमी सोमवार को पड़ी थी और अब फिर 17 अगस्त 2026 को यही योग बन रहा है। सोमवार का दिन स्वयं भगवान शिव को समर्पित है और नाग देवता शिव के गले का हार हैं, इसलिए इस दिन का महत्व कई गुना बढ़ जाता है। इस दिन पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 5 बजकर 51 मिनट से सुबह 8 बजकर 29 मिनट तक रहेगा. यानी श्रद्धालुओं को पूजा के लिए करीब 2 घंटे 37 मिनट का शुभ समय मिलेगा।

तीसरे सावन सोमवार पर बनेंगे 08 शुभ संयोग –
ज्योतिषाचार्य पं. हृदय रंजन शर्मा जी ने बताया की 17 अगस्त को सावन सोमवार के साथ शुभ योग, रवि योग, नाग पंचमी, सिंह संक्रांति, स्कंद षष्ठी, कर्क राशि में त्रिग्रही योग, हंसराज योग और बुधादित्य योग जैसे कई महत्वपूर्ण संयोग बन रहे हैं। इनका संयोग इस दिन की धार्मिक महत्ता को और बढ़ा रहा है।

शुभ योगः तीसरे सावन सोमवार की शुरुआत शुभ योग से होगी। यह योग 18 अगस्त की रात 3 बजकर 29 मिनट तक प्रभावी रहेगा। इसके बाद शुक्ल योग प्रारंभ हो जाएगा। शुभ योग में पूजा-पाठ, धार्मिक अनुष्ठान और नए कार्यों की शुरुआत करना मंगलकारी माना जाता है।

रवि योगः 17 अगस्त को सुबह 5 बजकर 51 मिनट से रवि योग शुरू होगा और सुबह 8 बजकर 4 मिनट तक रहेगा। ज्योतिष में रवि योग को बाधाओं और नकारात्मक प्रभावों को दूर करने वाला शुभ योग माना जाता है।

सिंह संक्रांतिः तीसरे सोमवार के दिन सुबह 8 बजकर 3 मिनट पर सूर्य कर्क राशि से निकलकर सिंह राशि में प्रवेश करेंगे। इसी समय सिंह संक्रांति होगी। इसका पुण्यकाल सुबह 5 बजकर 51 मिनट से 8 बजकर 4 मिनट तक रहेगा। इस अवधि में स्नान, दान और धार्मिक कार्य करने से पुण्य प्राप्त होने की मान्यता है।

स्कंद षष्ठीः 17 अगस्त को शाम 5 बजे के बाद षष्ठी तिथि शुरू होगी। प्रदोष काल में स्कंद षष्ठी की पूजा की जाती है। इस अवसर पर भगवान शिव के पुत्र कार्तिकेय की आराधना होती है। सावन सोमवार और स्कंद षष्ठी का संयोग शिव परिवार की पूजा के लिहाज से विशेष माना जा रहा है।

हंसराज योगः इस समय देवगुरु बृहस्पति अपनी उच्च राशि कर्क में स्थित हैं। गुरु की इस स्थिति के कारण हंसराज योग का निर्माण हो रहा है। ज्योतिषीय मान्यताओं में इसे ज्ञान, उन्नति, सफलता और शुभ परिणाम देने वाला योग माना जाता है।

बुधादित्य योगः कर्क राशि में सूर्य और बुध की युति से बना बुधादित्य योग 17 अगस्त को सुबह 8 बजकर 3 मिनट तक रहेगा। इसके बाद सूर्य के सिंह राशि में प्रवेश करने के साथ यह योग समाप्त हो जाएगा।

त्रिग्रही योगः कर्क राशि में सूर्य, बुध और गुरु की मौजूदगी से त्रिग्रही योग बन रहा है। हालांकि सूर्य के सुबह 8 बजकर 3 मिनट पर सिंह राशि में प्रवेश करते ही यह संयोग समाप्त हो जाएगा।

नाग पंचमी का संयोगः तीसरे सावन सोमवार के आसपास नाग पंचमी का पर्व भी पड़ रहा है, जिससे सावन के इस धार्मिक क्रम की विशेषता और बढ़ जाती है। नाग देवता की पूजा और भगवान शिव की आराधना को इस अवधि में विशेष महत्व दिया जाता है।

इस दिन क्यों खास होती है भगवान शिव की पूजा ?
सनातन धर्म में नागों का भगवान शिव से विशेष संबंध माना गया है. ज्योतिषाचार्य पं. हृदय रंजन शर्मा जी के अनुसार भगवान शिव अपने गले में वासुकि नाग को धारण करते हैं, इसलिए नाग पंचमी के दिन शिव पूजा का महत्व और भी बढ़ जाता है. मान्यता है कि इस दिन शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और आक अर्पित करने से भगवान शिव जल्दी प्रसन्न होते हैं. कहा जाता है कि इस दिन श्रद्धा से पूजा करने वाले भक्तों पर शिव और नाग देवता दोनों की कृपा बनी रहती है.

तीसरा सावन सोमवार 2026 जलाभिषेक मुहूर्त –
17 अगस्त को ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 24 मिनट से 5 बजकर 8 मिनट तक रहेगा।
इसके बाद सुबह 5 बजकर 51 मिनट से 7 बजकर 30 मिनट तक अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त रहेगा।
वहीं शुभ-उत्तम मुहूर्त सुबह 9 बजकर 8 मिनट से 10 बजकर 47 मिनट तक है।
अभिजीत मुहूर्त दिन में 11 बजकर 59 मिनट से दोपहर 12 बजकर 51 मिनट तक रहेगा
।
इन शुभ अवधियों में भगवान शिव का जलाभिषेक और पूजा-अर्चना की जा सकती है। हालांकि धार्मिक मान्यता के अनुसार, भगवान शिव की पूजा या शिवलिंग पर जल चढ़ाने के लिए किसी विशेष मुहूर्त का इंतजार जरूरी नहीं होता। श्रद्धापूर्वक किसी भी समय शिव आराधना की जा सकती है।

Written by
Agraleaks Team

AgraLeaks is a prominent digital news platform dedicated to delivering timely and reliable news from Agra and the surrounding regions. Established over a decade ago, AgraLeaks has become a trusted source of local journalism, covering a wide range of topics including city news, politics, education, business, sports, health, and cultural events. Its mission is to keep citizens informed and connected with developments that directly impact their community. With a strong focus on hyperlocal reporting, AgraLeaks provides real-time updates on important incidents, civic issues, public events, and government initiatives. Over the years, it has built a reputation for fast reporting and comprehensive coverage, making it one of the most recognized local news portals in Agra. The platform also features regional, national, and international news to offer readers a broader perspective beyond the city. Driven by the principle “Apki Khabar Hamari Nazar” (Your News, Our Watch), AgraLeaks continues to serve as a vital voice of the city, empowering readers with accurate information and strengthening the local media ecosystem through digital journalism.

Related Articles

आगरा

Agra News: A grand Dandia Night was held in Sector-6, Awas Vikas, Agra…#agranews

आगरालीक्स…आगरा में डांडिया नाइट में झूमे लोग. आवास विकास सेक्टर-6 में हुआ...

आगरा

Agra News: Body of 4-year-old girl, who had gone missing from a Devi pandal, found in a well…#agranews

आगरालीक्स…आगरा में देवी पंडाल से गायब हुई 4 साल की बच्ची का...

आगरा

Agra News: Several episodes were poignantly staged during the Shri Manakameshwar Ramlila in Agra…#agranews

आगरालीक्स…आगरा की श्री मनःकामेश्वर रामलीला में हनुमान-सुग्रीव मिलन, बाली वध, लंका दहन...

आगरा

Devotees in Agra immerse themselves in devotion to Goddess Siddhidatri in Kaveri Mandir, Kamla Nagar, Agra

आगरालीक्स…आगरा में मां सिद्धिदात्री की भक्ति में झूमे श्रद्धालु, कमला नगर के...

error: Content is protected !!