आगरालीक्स…….. आगरा के रौनक जैन सीपीएमटी की रौनक बन गए हैं। उन्होंने सीपीएमटी में टॉप किया है। तीन भाई बहनों में सबसे बडे रौनक के पिता सुभाष जैन की सेनेटरी की दुकान है, वे विजय नगर कॉलोनी में दो कमरों के किराए के मकान में रहते थे। मध्यमवर्गीय परिवार के सुभाष जैन के घर जब रौनक ने जन्म लिया तो उनकी मां पफूलवती के पहले शब्द थे कि यह डॉक्टर बनेगा। बस अपनी स्वर्गीय मां के सपने को पूरा करने के लिए आर्थिक तंगी के बाद भी उन्होंने अपने बेटे को गायत्री पब्लिक स्कूल और उसके बाद वनस्थली स्कूल से वर्ष 2014 में इंटरमीडिएट कराई, इसके साथ पीएमटी की तैयारी कराई। पिछले साल रौनक की 1300 वीं रैंक थी, इस बार उम्मीद थी कि 100 वीं रैंक आ सकती है, लेकिन उन्होंने टॉप कर दिया। सुभाष जैन ने बताया कि रौनक, छोटी बेटी स्मति और बेटे संकेत जैन को पढाने में कोई कमी नहीं छोडी, 3500 रुपये पर किराए के मकान के साथ अपने सुख संसाधनों बच्चों की पढाई के खर्चे के लिए कमी करते गए और उसका फल सामने है।
मयंक कुमार की 18 वीं रैंक है, बलूनी क्लासेज से तैयार करने वाले मयंक का कहना है कि वे न्यूरो सर्जन बनेंगे। टीडीआई मॉल में सुपरवाइजर अत्येद्र पाल सिंह और नीलम सिंह की वह अकेली संतान हैं। मध्यमवर्गीय परिवार के मयंक ने इसी वर्ष इंटरमीडिएट किया है।
आशुतोष गर्ग की 19 वीं रैंक है, एडवोकेट राजीव कुमार गर्ग और नगीना गर्ग के बेटे आशुतोष केजीएमसी से एमबीबीएस करना चाहते हैं। मध्यवर्गीय परिवार के आशुतोष आर्थिक रुप से कमजोर मरीजों को सप्ताह में एक दिन निशल्क देखा करेंगे।
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