आगरालीक्स… सुख-स्वास्थ्य और शांति का संगम आध्यात्म है। आगरा के रेनबो हॉस्पिटल में प्रजापित ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की स्थानीय शाखा द्वारा गुरुवार को रेनबो हॉस्पिटल में एक आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें ब्रह्मकुमारी बहन अश्विना ने डॉक्टर्स, पैरामेडिकल स्टॉफ और मरीजों के तीमारदारों को इस भागमभाग भरी जिंदगी में सुख और शांति का समन्वय बिठाने के लिए आध्यात्म का मार्ग अपनाने का संदेश दिया।
ब्रह्मकुमारी बहन अश्विना ने कहा कि धन, मान, शान, यश ही मानव जीवन का उद्देश्य नहीं है। जीवन में सुख-शांति, स्वास्थ्य और खुशी का आधार आध्यात्मक के जरिए परमात्मा से जुड़ाव है। उन्होंने कहा कि हम अपने मन, वचन, कर्म से सबको सुख शांति प्रदान करें न कि दुख और अशांति का कारण बनें। आज जीवन में संतोष नहीं है, इच्छाएं बहुत हैं। धन का प्राप्त करने की होड़ है, जिसके कारण मनुष्य अपने जीवन के उद्देश्य से भटक गया है, जिससे वह स्वयं से भी दूर होता जा रहा है और परमात्मा से भी दूर हो गया है।
रेनबो हॉस्पिटल के निदेशक डा. नरेंद्र मल्होत्रा ने कहा कि आज हम नकारात्मक विचारों से भरपूर हो गए हैं। यह सिर्फ जीवन में अशांति पैदा कर रहा है बल्कि बहुत सारे रोगों का जनक भी है। नकारात्मक विचार तनाव को जन्म देते हैं और तनाव ही बीमारियों की वजह बन जाता है। इसलिए अगर हमें खुश रहना है तो हमें पॉजिटिव रहना सीखना होगा। रेनबो आईवीएफ की निदेशक डा. जयदीप मल्होत्रा ने कहा कि अस्पतालों में बैठे हम आए दिन मरीजों से रूबरू होते हैं। इनमें तमाम ऐसे होते हैं जो तनाव में हैं। कई बार काम की अधिकता से चिकित्सक भी इसका शिकार हो जाते हैं। ऐसे में हम सभी को जीवन में सुख, शांति, आनंद का अनुभव करने के लिए सकारात्मक चिंतन की आवश्यकता है।
इस अवसर पर डा. आरएम मल्होत्रा, डा. निहारिका मल्होत्रा, डा. ऋषभ बोरा, डा. केशव मल्होत्रा, डा. राजीव लोचन शर्मा, राकेश आहूजा, लवकेश गौतम, अमृतपाल सिंह चड्ढा, सुदीप पुरी, तरुण मैनी, केशवेंद्र सिसौदिया, दीपक, जगमोहन, नवनीत, मनोज आदि मौजूद थे।