आगरालीक्स.. सुशांत सिंह राजपूत की कुंडली और ग्रह के अनुसार सुशांत सुसाइड नहीं कर सकता, हत्या हुई है, रिया की कुंडली सुशांत के साथ दगाबाजी के संकेत दे रही है।
ज्योतिषाचार्य अंशु पारीक के अनुसार, सुशान्त का जन्म 21 जनवरी को रात 12 बजे पटना में हुआ। सुशान्त सिंह राजपूत की जन्म कुण्डली पर नजर डालें तो उसमें उपस्थित ग्रह भी आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या की कहानी कह रहे हैं। साथ ही रिया चक्रवर्ती की कुण्डली सुशान्त के साथ दगाबाजी और आदित्य ठाकरे के ग्रह नक्षत्र इस मामले से जुड़े होने के संकेत दे रहे हैं।
-सुशान्त की कुण्डली के हिसाब से उसकी आत्मा (सूर्य) और मन यानि मनोस्थिति (चन्द्रमा) दोनों मजबूत थे। यानि वो बड़ी परेशानियों में भी टूटने वाले व्यक्ति नहीं थे। कभी आत्महत्या नहीं कर सकते।
-आयु भाव में बैठा वृश्चिक राशि का शनि दर्शाता है कि यदि वह खुद आत्महत्या करने का प्रयास भी करते तो भी शनि उन्हें मौत के मुंह से निकाल लाता।
- कर्मेश में चार ग्रहों की उपस्थिति और मंगल व शनि की दृष्टि ने उन्हें कई क्षेत्रों में पारंगत बनाया। कर्मेश पर शनि की दृश्टि ने उन्हें इंजीनियरिंग में प्रवेश दिलवाया, वहीं उच्च के शुक्र ने फिल्म इंडस्ट्री में एंट्री करवाई। मगर मकर राशि का सूर्य दशम भाव में होने के कारण उन्हें उतनी प्रसिद्धि नहीं मिली जिसके वो हकदार थे।
-दशम भाव में सूर्य होने के कारण बेशक उनकी पिता से पटती नहीं थी, लेकिन साथ में बुध होने के कारण वह अपने माता-पिता का बेहद सम्मान करते थे। दशम भाव में बुध और गुरु की उपस्थिति उनके छल कपट से दूर रहने और धार्मिक होने की मनोवृति को दर्शाती है।
-धनभाव में वृष राशि तो चंद्रमा पर मंगल की दृष्टि ने उन्हें खूब आर्थिक लाभ कराया। सामान्य परिवार से होने के बाद भी वह ऊंचाईयों की ओर बढ़ रहे थे।
यह थी कुंडली में दिक्कत
-कुण्डली में जो दिक्कत है वह सप्तम और छठे भाव में है। लग्नेश और अष्टमेश (मंगल ग्रह) नींच का होकर सप्तम यानि पत्नी भाव में बैठा है। यानि सुशान्त जिसे अपना जीवन साथी बनाना चाहते थे, उसी ने उनके साथ दगा किया। लग्न और अष्टमेष दोनों आयु का प्रतिनिधित्व करते हैं, इसलिए दगा का प्रभाव उन्हें जीवन से हाथ धोकर चुकान पड़ा।
-वहीं छठे भाव में कन्या राशि है। ऐसे लोग वीर साहसी होने के साथ कामुक भी होते हैं। ऐसे लोगों को हल्के स्तर की लड़कियों के सम्पर्क में रहने से आर्थिक हानि उठानी पड़ती है।
अक्टूबर तक रिया के ऊपर है संकट
-लग्नेश के दशमेश में होने के कारण रिया चक्रवर्ती के आय के कई साधन होने चाहिए। लेकिन चौथे भाव में राहु व दशम भाव में केतू की उपस्थिति दर्शाती है कि आय के तरीके गलत ही होंगे। ऐसे लोग तिकड़मबाजी से धन एकत्र करते हैं।
-वहीं धनु राशि का राहू दर्शाता है कि वह मित्रों को धोखा देने और झूठ बोलने में माहिर हैं।
-दशम भाव में कर्क राशि के बुध का होना उनके चरित्र पर भी संदेह दर्शाता है।
-दशम भाव में सिंह राशि होने से रिया के सिर पर जेल जाने का खतरा है। विशेषकर अक्टूबर माह तक उनके सिर पर खतरा अधिक है।