आगरालीक्स.. आगरा में 250 एकड में गारमेंट पार्क विकसित हो सकता है, इसके लिए आगरा गारमेंट ट्रेडर्स एंड मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन और आगरा होजरी मैन्युफैक्चरर्स एवंट्रेडर्स ऑर्गेनाइजेशन का प्रतिनिधिमंडल बुधवार को राज्यमंत्री चौधरी उदयभान सिंह और अपर मुख्य सचिव रमा रमन से लखनऊ में मिला।
यमुना एक्सप्रेस वे पर 1000 एकड जमीन थीम पार्क के लिए अधिग्रहित की गई थी, इस जमीन में से 250 एकड में गारमेंट पार्क विकसित किया जा सकता है। गारमेंट पार्क विकसित होने से बडी संख्या में रोजगार मिल सकेगा। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि गारमेंट्स एवं होजरी एसोसिएशन के द्वारा एक फॉर्म बनाकर आगरा में व्यापारियों से गारमेंट्स हब बनाने में सहभागिता रखने हेतु सर्वे किया गया तो 5 दिनों में लगभग 300 से अधिक व्यापारियों ने दिलचस्पी दिखाई है। संयुक्त प्रतिनिधि मंडल में गारमेंट एसोसिएशन की ओर से आर.के. नैयर (अध्यक्ष), गौरव जैन (सचिव), सुनील जैन (उपाध्यक्ष) एवं विजय मेहता रहे। होजरी ऑर्गेनाइजेशन की ओर से रवि प्रकाशअग्रवाल (संरक्षक), राकेश बंसल(अध्यक्ष), दिवाकर पंजवानी(मैन्युफैक्चरर सेल अध्यक्ष), आलोक जैन (महामंत्री), अतुल कुमारअग्रवाल (उपाध्यक्ष) एवं विकास कुमार उपस्थित उपस्थित रहे। बैठक मेंफर्रुखाबाद टैक्सटाइल पार्क के एमडी रोहित गोयल भी थे।
यूपी टेक्सटाइल पॉलिसी को अधिक आकर्षक बनाने के लिए दिए सुझाव
अन्य राज्यों की टेक्सटाइल पॉलिसी अधिक आकर्षक होने केकारण, आगरा से ही नहीं बल्कि समस्त उत्तर प्रदेश से, उद्यमी अन्य राज्योंमें अपनी इकाइयां लगा रहे हैं। इस परिस्थिति के समाधान हेतु वर्तमान में राज्य में ही स्थापित गारमेंट उद्योग को बढ़ावा देने के लिए मुख्य रूप से यूपी टेक्सटाइल पॉलिसी में कुछ मूलभूत परिवर्तन अतिआवश्यक है। ऐसे में यूपी टेक्सटाइल पॉलिसी को अधिक आकर्षक बनाने के लिए दिए सुझाव दिए गए, इसमें कैपिटल सब्सिडी में बढ़ोतरी, ब्याज दर मेंबेहतर सब्सिडी, एंप्लॉयमेंट जेनरेशन सब्सिडी के प्रावधानों में सुधार, पावर सब्सिडी, एक्सपोर्ट इंसेंटिव, आदि। यह प्रस्ताव अन्य राज्यों की टेक्सटाइल पॉलिसी के विस्तृत अध्ययन के उपरांत प्रस्तुत किए गए।