आगरालीक्स…(31 July 2021 Agra News) आगरा में आधी रात को 71 डॉगी चीखने चिल्लाने लगे, चारों तरफ से बारिश के पानी में फंस गए. उन्हें रेस्क्यू किया गया, दर्द सुनिए, जो इन डॉगी को जिंदगी दे रही हैं उनका
आगरा में शुक्रवार को हुई भारी बारिश हर ओर जलभराव कर दिया. शहर के मुख्य मार्गों की सड़कें हों या फिर कॉलोनियों व गली मोहल्ले. हर जगह बस पानी ही पानी नजर आ रहा था. बारिश का पानी कई जगह तो दो—दो फुट तक भरा हुआ था, लेकिन जरा सोचिए अगर आप चारों तरफ बारिश के पानी से घिर जाएं और बचने का कोई उपाय नजर नहीं आए तो क्या करेंगे. कुछ ऐसा ही हुआ एक शेल्टर होम में रहने वाले 71 डॉगी के साथ. आइए जानते हैं कि शुक्रवार रात को इनपर क्या बीती.
कैस्पर श्वान शेल्टर होम में थे 71 डॉगी
टेढ़ी बगिया के नारायच स्थित गौशाला में बने कैस्पर श्वान शेल्टर होम में आधी रात को 71 डॉगी तेज आवाज में चीखने चिल्लाने लगे. शेल्टर होम में इनकी देखभाल को रह रहे दो लड़कों ने जब यहां का नजारा देखा तो उनकी आंखें फटी रह गईं. इन्होंने देखा कि बारिश का पानी गोशाला में पूरी तरह से भर गया था और गोशाला की बाउंड्री को क्रॉस करते हुए शेल्टर होम में घुस रहा था. दोनों ने किसी तरह कुछ डॉगी को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाना शुरू कर दिया, लेकिन जब हालात ज्यादा बिगड़ने लगे तो उन्होंने रात करीब ढाई बजे इसकी जानकारी शेल्टर होम की चीफ ट्रस्टी विनीता अरोरा को दी. उन्होंने बारिश के कारण डूब रहे शेल्टर होम के बारे में बताया तो विनीता अरोरा ने तुरंत वहां पहुंचकर डॉगीज को रेस्क्यू करना शुरू कर दिया.
रात को ही किया सभी को रेस्क्यू
विनीता अरोरा ने बिना देर किए अपने सभी साथियों को इसकी सूचना दी जो कि मौके पर रात को ही पहुंच गए. उन्होंने रात को एक—एक कर सभी डॉगीज को पुराने शेल्टर होम में पहुंचाना शुरू कर दिया. गौशाला और श्वान शेल्टर में 6 फुट से भी ज्यादा पानी भर गया था. हालत ये थी कि गौशाला तालाब जैसी नजर आ रही थी और उसमें शेल्टर होम भी डूबा हुआ था.
अलर्ट नहीं रहते तो मुश्किल था हालात पर काबू पाना
विनीता अरोरा का कहना है कि दो दिन पहले भी हुई भारी बारिश का पानी भी शेल्टर होम में भर गया था. इसकी जानकारी उन्होंने नगर निगम अधिकारियों को दी और पानी निकासी का समुचित इंतजाम करने को कहा, लेकिन वहां से इस पर कुछ भी नहीं हुआ. ऐसे में विनीता अरोरा ने ही सभी को पहले से ही अलर्ट रखा हुआ था. उनका कहना है कि अगर हमारे लड़के और सभी साथी पहले से अलर्ट नहीं होते तो शुक्रवार रात को हालात पर काबू पाना बहुत मुश्किल होता.
दर्द: जानवर के जीवन का कोई मोल नहीं
विनीता अरोरा का कहना है कि आज तो हद ही पार हो गई. एक जानवर के जीवन का कोई मोल नहीं है, आज देख लिया. वर्षो तक आगरा नगर निगम से गुहार लगाने के बावजूद जल निकासी का कोई उचित समाधान नहीं निकला. करोड़ों रुपये की गौशाला बना दी गई है लेकिन यहां के हालात इतने बदतर हैं कि यहां नालियां तक नहीं बनी है. उन्होंने कहा कि हमारा शेल्टर जो कि बेज़ुबान जानवरो की मदद के लिए बनाया गया था. इसके लिए हमने 30 लाख रुपये खर्च किए हैं वो आज डूब गया.
लीगल एक्शन लेने की तैयारी
विनीता अरोरा का कहना है कि शनिवार को इसकी जानकारी नगर निगम को दी गई लेकिन काफी देर तक तो कोई आया नहीं. फिर तीन लोगों की टीम आई. विनीता अरोरा ने जब अपनी परेशानी उनको बताई तो उनका कहना है कि जिस जगह शेल्टर होम बना है वह स्थान ब्लूप्रिंट में तालाब का है. इस पर विनीता अरोरा ने उनसे कहा कि अगर यहां तालाब था तो उन्हें कैसे ये अलॉट किया गया, कैसे एमओयू साइन किया गया. जिस पर नगर निगम की टीम ने कन्नी काट ली. विनीता अरोरा का कहना है कि हम इसको लेकर अब लीगल एक्शन लेंगे.
करोड़ों की गौशाला में पानी निकासी का साधन नहीं
टेढ़ी बगिया के नरायच स्थित गौशाला बनाई गई है. यह गौशाला करोड़ों रुपये में बनाई गई है लेकिन यहां हालात ऐसे हैं कि यहां पानी निकासी के लिए नाली तक नहीं बनाई गई है.
रातभर रोती रहीं ‘मदर आफ डॉग्स’
कैस्पर शेल्टर होम की चीफ ट्रस्टी को लोग ‘मदर आफ डॉग्स’ भी कहते हैं. यह पिछले कई से बेसहारा डॉग की देखभाल कर रही हैं. शेल्टर होम में सड़कों पर घूमने वाले व घायल बेसहारा श्वानों की देखभाल और रहने की उचित व्यवस्था होती है. ये डॉग की मदद के लिए दिन-रात काम कर रही हैं. लेकिन रात को जब इन्होंने अपने सभी डॉगीज को तड़पता हुआ देखा तो इनका हृदय कांप गया. रात भर रोते हुए इन्होंने सभी डॉगीज को अपने पुराने शेल्टर होम में पहुंचाया. इनका कहना है कि अगर उनके पास अपना ये पुराना शेल्टर होम नहीं होता तो रात को न जाने क्या होता.
