आगरालीक्स…आगरा में 24 दिन में 3.63 करोड़ की नकली, फिजीशियन सैंपल और सरकारी दवाएं जब्त. चार कारोबारियों पर मुकदमा. अवैध दवा गोदाम हुए सील..6 मेडिकल स्टोरों पर भी हुई कार्रवाई….पूरी जांच में पढ़ें क्या—क्या और कहां हुई कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) द्वारा औषधि 25 निरीक्षकों की विशेष टीमें गठित कर आयुक्त के नेतृत्व में आगरा के विभिन्न दवा बाजारों एवं अवैध परिसरों में नकली, फिजिशियन सैम्पल, सरकारी आपूर्ति की औषधियों के अवैध भण्डारण एवं क्रय-विक्रय पर एक व्यापक प्रवर्तन अभियान चलाया गया। 12 से 14 जून, 2026 को चली जांच में खिनी गली, फव्वारा, संजय प्लेस, कमला नगर सहित आगरा के प्रमुख दवा व्यापार केंद्रों पर 20 से अधिक फर्मों, गोदामों और आवासीय परिसरों की सघन जांच की गई। इस दौरान भारी मात्रा में अवैध दवाएं सीज की गईं, कोल्ड चेन के गंभीर उल्लंघन पाए गए तथा कार्यवाही में ₹63 लाख से अधिक मूल्य की नकली, फिजिशियन सैंपल और सरकारी सप्लाई की औषधियां जब्त करते हुये भारतीय न्याय संहिता (BNS) के अंतर्गत तीन (3) एफआईआर (FIR) भी दर्ज कराई गई हैं। इससे पहले 22-24 मई 2026 को चलाए गए अभियान में ज्योति ड्रग हाउस (₹2.5 करोड़) और श्री मेडिकल एजेंसीज (₹50 लाख) से कुल ₹3 करोड़ की अवैध दवाइयां जब्त की गई थीं, जिसमें 6 नामजद अभियुक्तों (नारायण दास हँसराजनी, किशोर मेहता, पुनीत कटार, सुरेन्द्र गुप्ता, मयंक गुप्ता, अन्नू अरोरा व संयम अरोरा) के खिलाफ कोतवाली में FIR दर्ज की गई थी।इन कारोबारियों पर हुई एफआईआर
ब्राइट फार्मा (मनीष पंजवानी उर्फ सन्नी का आवास)
एफएसडीए ने गोपनीय सूचना के आधार पर राहुल विहार, दयालबाग स्थित मनीष पंजवानी के आवास पर छापा मारा. यहां बिना किसी दवा लाइसेंस के अत्यंत संवेदनशील जीवन रक्षक दवाएं— Trinbelimab, Anti-D (Rho) Immunoglobulin Injection (सरकारी आपूर्ति की दवा) तथा Insulin Glargine Injection असुरक्षित तरीके से (Cold Chain Break की स्थिति में) भंडारित पाई गईं. आरोपी द्वारा सरकारी दवाओं पर री-लेबलिंग कर मूल्य री-प्रिंट किया जा रहा था. टीम ने मौके से ₹5,20,616 मूल्य की दवाएं सीज की गईं और दो संदिग्ध नमूने लिए गए. आरोपी मनीष पंजवानी के विरुद्ध थाना न्यू आगरा में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई गई है. इसके अलावा, इसकी नवबिया मार्केट स्थित थोक दुकान से भी 5 संदिग्ध औषधियों के नमूने लिए गए.
मेसर्स सी एफ इंटरप्रयसीस एवं गौरव मेडिको (खिन्नी गली)
जांच में पाया गया कि गौरव मेडिको के एक पंजीकृत गोदाम का लाइसेंस स्वतः निरस्त (Self-Expired) हो चुका था, जिसका उपयोग अवैध रूप से मेसर्स सी एफ इंटरप्रयसीस के प्रोपराइटर मोहम्मद शाहिद कुरेशी द्वारा किया जा रहा था. इस अवैध गोदाम से अनुमानित ₹40 लाख की समस्त औषधियां सीज कर दी गईं और जांच हेतु 3 नमूने लिए गए.
सुमित माधवानी का अवैध गोदाम (माहेश्वरी व जैन कॉम्प्लेक्स)
सुमित माधवानी के दो अवैध गोदामों से भारी मात्रा में 'फिजिशियन सैंपल्स' (Physician Samples Not For Sale) बरामद हुए। फिजिशियन सैंपल औषधि एवं प्रसाधन अधिनियम, 1940 व नियमावली, 1945 के अंतर्गत मेडिकल प्रोफेशनल्स को मुफ़्त (फ्री) में बांटी जाने वाली औषधियां हैं, जिन्हें किसी भी प्रकार से बेचा नहीं जा सकता. उक्त स्थान पर न तो कोई औषधि निर्माण लाइसेंस है और न ही किसी पंजीकृत चिकित्सा व्यवसायी का क्लिनिक संबंधित अभिलेख है. टीम ने यहां से ₹12 लाख मूल्य की अवैध औषधियां सीज की गईं और 08 नमूने लिए गए. आरोपी सुमित माधवानी के विरुद्ध थाना कोतवाली (फाउन्टैन), आगरा में भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत FIR दर्ज की गई.
यहाँ भी बिना किसी लाइसेंस या वैध अभिलेख के भारी मात्रा में 'Physician Samples' बिक्री के उद्देश्य से भंडारित पाए गए. टीम ने यहां से ₹15 लाख मूल्य की दवाएं सीज की गईं और 12 नमूने लिए गए. आरोपी सुमित गुप्ता के विरुद्ध थाना कोतवाली (फाउन्टन), आगरा में BNS की सुसंगत धाराओं में FIR दर्ज कराई गई है.
छह मेडिकल स्टोरों पर भी हुई कार्रवाई
एफएसडीए की ओर से छह मेडिकल स्टोरों पर भी कार्रवाई की गई. इनमें पोरवाल मेडकेयर पर भंडारित clindamycin इन्जेक्शन का Cold Chain Break पाए जाने पर ₹7,63,680 का स्टॉक सीज किया गया.
हारे का सहारा एंटरप्राइजेज पर क्रय-विक्रय अभिलेखों में अनियमितता; 3 संदिग्ध नमूने संग्रहित कर रिपोर्ट औषधि अनुज्ञापन प्राधिकारी को प्रेषित की गई.
सर्वेश्वर फार्मा पर क्रय-विक्रय अभिलेखों में अनियमितता पाई गई. तीन नमूने लिए गए और धारा 22(1)डी के तहत इन दवाओं की बिक्री पर तत्काल रोक लगाई गई.
साईं कृपा डिस्ट्रीब्यूटर से दो संदिग्ध औषधियों के नमूने जांच के लिए भेजे गए.
माधव कृपा एजेंसीज, दुर्गा मेडिकोस से भी तीन तीन संदिग्ध दवाओं के नमूने जांच के लिए लिए गए
3.63 करोड़ से अधिक की दवाएं जब्त, चार एफआईआर
जनपद आगरा में अब तक की कार्यवाही में ₹3.63 करोड़ से अधिक मूल्य की अवैध, नकली, फिजिशियन सैंपल और सरकारी सप्लाई की औषधियां जब्त की जा चुकी हैं और कुल 04 FIR दर्ज की गयी है. औषधि एवं प्रसाधन अधिनियम 1940 तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) के अंतर्गत दोषियों के विरुद्ध विधिक कार्यवाही की जा रही है.
आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उत्तर प्रदेश द्वारा दिनांक 11/06/2026 को जनपद-आगरा के सभी मेडिकल एसोसिएशनों, आगरा दवा मण्डी के भवन स्वामियों एवं जिला प्रशासन के साथ बैठक कर समस्त थोक विक्रय प्रतिष्ठानों के सत्यापन कराये जाने के निर्देश दिये गये जिसमें लम्बे समय से निष्क्रिय लाइसेंस व शटर बंद प्रतिष्ठानों को निरस्त करने के निर्देश दिये गये. आगरा दवा मण्डी के भवन स्वामियों को भी यह निर्देश दिये गये कि वह पुष्टि करले कि वैध किरायेदार ही प्रतिष्ठान पर काबिज है तथा उनके पास वैध लाइसेंस है एवं उनके द्वारा अपने प्रतिष्ठानों पर प्रतिष्ठान का नाम व लाइसेंस नम्बर को अनिवार्य रूप से अंकित कराया गया है. साथ ही यह भी स्पष्ट निर्देश दिये गये कि कही भी दवा का अवैध भण्डारण करते हुये यदि कोई पाया जाता है तो Stock को जब्त करते हुये सम्बन्धित के विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही की जायें.