आगरालीक्स…(29 September 2021 Agra News) आगरा में पार्षद ने मेयर के खिलाफ मोर्चा खोला. कहा—सड़कें, मैनहोल कवर, नालियों, नालों का निर्माण न टिकाऊ न गुणवत्ता वाले…भ्रष्टाचार की भरमार
कांग्रेस के पार्षद ने खोला मोर्चा, प्रेस कांफ्रेंस में लगाए बड़े आरोप
आगरा में कांग्रेस के पार्षद शिरोमणि सिंह ने बुधवार को प्रेस वार्ता कर आगरा नगर निगम में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए मेयर के खिलाफ मोर्चा खोला है. उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम जनता के पैसे से करवाये जाने वाले काम अनुभवी ठेकेदारों से न करवा कर मनमाने तरीके से करवाता रहा है. अब तो हद यह हो गयी है कि उन लोगों को ठेके दिये जा रहे है जो कि खुद न करके अपना ठेका दूसरी कंपनियों से करवा रहे हैं. ऐसे में निगम के द्वारा करवाये जा रहे निर्माण कार्यों में न तो गुणवत्ता है और न हीं वे टिकाऊ ही हैं. सड़कें, मैनहोल कवर, नालियों, नालों की दीवारे आदि बनने के कुछ ही दिन में गिरासू हो जा रहे हैं. सड़कों के फुटपाथ की बदहाली अपने आप में एक पूरी व्यथा कथा है. प्रेस कांफ्रेंस में शहर कांग्रेस अध्यक्ष देवेन्द्र कुमार चिल्लू, पूर्व शहर अध्यक्ष राम टंडन, भारत भूषण गप्पी, अनिल शर्मा सेक्रेटरी सिविल सोसाइटी ऑफ़ आगरा , अमित खत्री, अजहर वारसी उपस्थित रहे.
टेंडर देने में मेयर की मनमानी
उन्होंने आरोप लगाते हुए घटिया निर्माण करवाने के मामले जनता के सामने आने से बेपरवाह निगम ने अब कमला नगर के मेन मार्केट के कामों का ठेका नौ करोड रूपये में उठाया गया है, चिंता इस बात की नहीं कि किस कंपनी या ठेकेदार को काम करने को दिया गया है,मुद्दा यह है कि इसे जिस तरह से ठेकेदार को दिया गया है,वह कर भी पायेगा या नहीं। यह ठेका 122 प्रतिशत अधिक धनराशि पर उठाया गया है. वह भी उस स्थिति में जबकि नगर निगम के अधिकांश ठेके बिलो एस्टीमेट आ रहे हैं. उनहोंने आरोप लगाया कि जीआरसी इंफ्राटेक कंपनी के नाम कमला नगर मेन मार्केट के काम का ठेका दिया गया है, जिसे एक अन्य कंपनी गर्ग रिसर्फेसिंग कंपनी, जिसको डमी कंपनी माना जा रहा है। टेंडर में लगाये गये कई डॉक्यूमेंट भी मूल कंपनी के हैं जो कि फाइल की सरसरी निगरानी में ही सामने आ सकते हैं।
एक क्षेत्र में ज्यादा हो रहे काम
कांग्रेसी नेताओं ने कहा कि देखने में आ रहा है के मेयर जोकि पूरे आगरा के हैं, वो आगरा की उत्तरी विधान सभा में ज्यादा से ज्यादा काम करा रहे हैं. इस के पीछे उनकी क्या मंशा है? क्या वो इस क्षेत्र से विधान सभा का चुनाव लड़ना चाहते है? अगर ऐसा है, तो वो खुल कर कहें और पूरे आगरा के साथ अन्याय ना करें.
गंगाजल आया लेकिन पानी की समस्या नहीं गई
उन्होंने कहा कि आगरा पिछले 30 सालों से महानगर पीने के पानी की समस्या से जूझ रहा है. अब तो गंगा जल भी आ गया फिर भी नागरिकों में से अधिकांश को पानी खरीद कर ही पीना पड़ रहा है और पानी की समस्या से जूझ रहा है. गंगा जल के आलावा भी बहुत से विकल्प हैं. जल कल विभाग हाथ पर हाथ रख कर बैठा है. मेयर कहने पर भी कुछ करवा नहीं पा रहे हैं.
मेयर के कार्यकाल में घटा विज्ञापन
नगर निगम की आम दनी का एक बड़ा जरिया विज्ञापन राजस्व है, किन्तु वह भी मेयर के कार्यकाल में काफी घट गया है. नवीन जैन के मेयर बनने से पूर्व विज्ञापन से आमदनी उठान पर थी और 5 करोड़ का आंकड़ा छु रही थी. लेकिन सिर्फ 3 साल के आकड़ों का अध्यन करें तो लगता है आमदनी कम होती जा रही है.
डबल इंजन की सरकार
कांग्रेस के शहर अध्यक्ष देवेन्द्र कुमार चिल्लू ने कहा “डबल इंजन की सरकार, भ्रष्टाचार के साथ नगर निगम को मेयर, घर की कंपनी की तरह चला रहे हैं. उनके खर्चे का हिसाब नगर निगम के मुख्य वित्त और लेखा अधिकारी के पास नहीं हैं. जबकि हर साल नगर निगम का वित्त का लेखा जोखा ऑडिट होता है और विधान सभा के पटल तक में रखा जाता है. सिविल सोसाइटी ऑफ़ आगरा के सेक्रेटरी ने कहा – “हम चाहते हैं के नगर निगम की आमदनी बढे. जब तक आमदनी नहीं बढेगी, नगर की साफ सफाई कैसे होगी. हम हर उस पार्टी के साथ हैं, जो आगरा के विकास की बात करेगा.” कांग्रेस पार्षद डा शिरोमणि सिंह ने पत्रकारों को बताया कि निगम के भ्रष्टाचार की लड़ाई वह दलगत आधार पर नहीं लड रहे है, यह जनता की लड़ाई के तौर पर उन्होंने ली हुई है. वह अपनी पार्टी के अकेले पार्षद जरूर है किन्तु इस संघर्ष में जनता का साथ उन्हें है. मेरा तो सरकार , आयुक्त के अलावा भाजपाईयों से ही खास आग्रह है कि वह पार्टी की कमेटी बनाकर नगर निगम की सेवाओं और कार्यों में आयी गिरावट की स्वयं जांच करवाये