आगरालीक्स….(14 November 2021 Agra News) आगरा में बीमार 8 साल के बेटे के लिए मां का दर्द—प्लीज इलाज करा दीजिए. हम उसे तड़प—तड़प कर मरते हुए नहीं देख सकते. वीडियो वायरल. अब मुंबई में होगा इलाज. जानिए क्या है बीमारी
कालिंदी विहार का है मामला
आगरा के कालिंदी विहार में रहने वाली एक महिला ने अपने बीमार 8 साल के बेटे के इलाज के लिए सरकार से गुहार लगाई है. वीडियो में महिला ने रोते हुए अपना दर्द जाहिर किया. महिला का कहना है कि सरकार उसका इलाज कराए नहीं तो पूरे परिवार को इच्छामृत्यु दी जाए. पीड़ित महिला का वीडियो वायरल होने के आगरा का स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया है. जनप्रतिनिधि भी पीड़ित महिला के घर पहुंचे हैं. उसके 8 साल के बेटे के इलाज का पूरा भरोसा दिया गया है. उसका इलाज अब मुंबई में होगा. जानिए क्या है पूरा मामला….
DMD बीमारी से जूझ रहा है देव
थाना एत्माद्दौला क्षेत्र के कालिंदी विहार में दीपक शर्मा रहते हैं. उनके साथ उनकी पत्नी निधि, 15 साल की बेटी पीहू और 8 साल का बेटा देव रहता है. दीपक शर्मा पेशे से बिजली मेकेनिक हैं और वे यहां पर किराये के कमरे में रहते हैं. दीपक के बेटे देव शर्मा को DMD ( duchenne muscular dystrophy ) नामक बीमारी है. देव को तीन साल की उम्र से ही चलने फिरने में दिक्कत शुरू हो गई. कई डॉक्टरों को दिखाया, हर जगह इलाज भी कराया लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ. दिल्ली जाने पर उन्हें इस बीमारी के बारे में पता चला और इसका इलाज ही न होने की बात सामने आई. लेकिन परिवार का मन फिर भी नहीं माना और बच्चे को जयपुर ले गए लेकिन वहां भी कुछ फायदा नहीं हुआ और लौटा दिया गया.
देव के लिए सबकुछ बेच दिया
देव को इस बीमारी का इलाज दिलाने के लिए दीपक शर्मा ने अपना सबकुछ बेच दिया. घर में रखे सोने चांदी के जेवर से लेकर एक प्लॉट, जिसे उन्होंने अपना घर बनाने के लिए खरीदा था वो भी बेचना पड़ गया. घर की माली हालत ठीक नहीं है. कोरोनाकाल में इनके ऊपर और ज्यादा विपत्तियां आ गईं. बेटी लोगों द्वारा दी गई पुरानी कॉपियां और किताबों को लेकर स्कूल जाती है.
वीडियो में मां ने जाहिर किया दर्द
सब जगह से निराश होने के बाद देव की मां निधि ने सोशल मीडिया का सहारा लिया है और इसके लिए एक वीडियो भी जारी किया है. वीडियो में निधि का रोते हुए कहना है कि हमें पता चला है कि मुंबई में बोर नैरो का इंजेक्शन लगवाने से उसे फायदा हो सकता है पर हमारे पास कुछ नहीं है. केंद्रीय मंत्री प्रो एसपी सिंह बघेल का पत्र लेकर दिल्ली एम्स भी गए लेकिन कुछ फायदा नहीं हुआ. निधि का कहना है कि हमने सुना है है कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री द्वारा करोड़ों रुपये खर्च करके लोगों का इलाज कराया गया है. उन्होंन दोनों से अपील की है कि मेरे बेटे का भी इलाज करवा दीजिए. हम उसे तड़प—तड़प कर मरता हुआ नहीं देखना चाहते. अगर इलाज न मिला तो इच्छा मृत्यु की मांग करेंगे.
स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची
इधर सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद रविवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम पीड़ित परिवार के घर पहुंची. यहां डॉ. नंदन कुमार भी पहुंचे. विधायक राम प्रताप सिंह चौहान भी पहुंच गए. स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि DMD लाइलाज बीमारी है. ये ज्यादातर लड़कों में ही होती है और दो से तीन साल की उम्र में ही बच्चा खड़ा नहीं हो पाता और उसे व्हील चेयर का सहारा लेना पड़ता है. इसके कारण दिल की बीमारियां भी हो जाती हैं. आमतौर पर ऐसे बच्चों की उम्र 20 से 22 साल ही बताई गई है. हेल्प आगरा के सुनील जैन का भी कहना है कि इस बीमारी का कोई इलाज नहीं है. बोन नैरो के लिए बहुत खर्चा होता है. इस संबंध में विधायक रामप्रताप सिंह चौहान का कहना है कि बच्चे को इलाज के लिए मुंबई भेजा जाएगा. उसके इलाज में जितना भी खर्चा आएगा, उसका पूरा एस्टीमेट मुख्यमंत्री राहत कोष के माध्यम से दिया जाएगा. परिवार की जितनी संभव हो सकेगी उतनी सहायता की जाएगी.