आगरालीक्स….(9 February 2022 Agra News) आगरा में 12 घंटे बाद मतदान शुरू हो जाएगा. एक प्रत्याशी ने विधायक बनने पर मिलने वाली सैलरी न लेने तो दूसरे ने जिला बनाने का चुनावी वादा किया है। जानें विधायक को हर महीने कितनी सैलरी मिलती है।
आगरा में 12 घंटे बाद मतदान शुरू हो जाएगा. एक प्रत्याशी ने विधायक बनने पर मिलने वाली सैलरी न लेने तो दूसरे ने जिला बनाने का चुनावी वादा किया है। जानें विधायक को हर महीने कितनी सैलरी मिलती है। सूर्खियों में पूर्व राज्यपाल बेबीरानी मौर्य, कांग्रेस प्रत्याशी रामवीर सिकरवार, बसपा प्रत्याशी राकेश बघेल भी हैं। आगरा में पहले चरण में 10 फरवरी को नौ विधानसभा सीटों के लिए मतदान होना है। आठ फरवरी को प्रचार थमने के बाद प्रत्याशियों ने अपने सोशल मीडिया पर चुनावी वायदे किए हैं। इसके साथ ही प्रत्याशियों के प्रोफाइल से लेकर उनकी चुनावी सभाओं और भाषणों से सुर्खियों में है।
फतेहाबाद से सपा रालोद प्रत्याशी रुपाली दीक्षित का वादा, नहीं लेंगी सैलरी
आगरा की फतेहाबाद सीट से सपा प्रत्याशी रुपाली दीक्षित ने चुनावी वादा किया है कि वे विधायक को मिलने वाली हर महीने की सैलरी से एक रुपया भी नहीं लेंगी। इस सैलरी को अपने क्षेत्र की बेटियों को अच्छी शिक्षा दिलवाने में लगाएंगी।

चर्चा में पूर्व राज्यपाल बेबीरानी मौर्य, सबसे ज्यादा किया खर्चा
आगरा ग्रामीण सीट से भाजपा प्रत्याशी पूर्व राज्यपाल, उत्तराखंड बेबी रानी मौर्य ने चुनाव में सबसे ज्यादा खर्च किया है। वे राज्पाल रहने के बाद अब विधानसभा चुनाव लड़ रही हैं, वीवीआइपी प्रत्याशी होने के चलते वे भी सुर्खियों में हैं।
कांग्रेस प्रत्याशी फौजी अपने भाषण से बने चर्चा का विषय
खेरागढ़ से कांग्रेस प्रत्याशी रामनाथ सिंह सिकरवार रिटायर फौजी हैं। वे अपने भाषण से सुर्खियों में हैं। अपने भाषण में वे अधिकारियों और सिस्टम को जमकर खरी खोटी सुना रहे हैं। उनके समर्थन में रोड शोक करने आईं कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के लिए भीड़ उमड़ी थी।
बाह को जिला बनाने का दावा
सपा प्रत्याशी मधुसूदन शर्मा बाह से चुनाव लड़ रहे हैं। उन्होंने बाह को जिला बनाने का चुनावी वादा किया है, साथ ही स्टेडियम बनाने की बात कही है। ये भी सुर्खियों में हैं।
एत्मादपुर सीट से भाजपा छोड़ बसपा में आए राकेश बघेल भी सुर्खियों में
सपा छोड़कर भाजपा में शामिल हुए डॉ. धर्मपाल सिंह की एत्मादपुर सीट पर जीत पक्की मानी जा रही थी लेकिन भाजपा से जिला पंचायत अध्यक्ष रहे राकेश बघेल ने बसपा की टिकट ले ली। इसके बाद से एत्मादपुर सीट पर समीकरण बदल गए हैं और वे भी चर्चा में हैं।
किस राज्य में हर महीने विधायकों को कितनी सैलरी
उत्तर प्रदेश 187000 रुपये
तेलंगना 250000
दिल्ली 210000
मध्य प्रदेश 210000
सबसे कम
त्रिपुरा 34000