आगरालीक्स ….हादसे में एक हाथ गंवा चुके महाराष्ट्र के युवक को ब्रेन डेड गुजरात के युवक का दान में मिला हाथ लगाया गया। हाथ के ट्रांसप्लांट की सर्जरी 13 घंटे चली।
मुंबई की एक फैक्ट्री में हादसे में 22 साल के प्रथमेश का बायां हाथ और दाएं हाथ की तीन उंगलियां खो दी थी। प्रथमेश ने हाथ प्रत्यारोपण के लिए आवेदन किया। उनके पास नौ फरवरी को फोन आया। परिवार के लोग हाथ ट्रांसप्लांट कराने के लिए तैयार हो गए।

गुजरात से मुंबई बर्फ में पैक कर लाया गया हाथ
अहमदाबाद, गुजरात में बाइक से हुए हादसे में ब्रेन डेड एक युवक के परिजनों ने आर्गन डोनेट किए। इसमें हाथ भी थे, इसके लिए प्रथमेश के परिजनों से संपर्क किया गया, वे हाथ ट्रांसप्लांट कराने के लिए तैयार हो गए। गुजरात से हाथों को एक विशेष घोल और बर्फ में पैक कर चार्टर्ड फ्लाइट से मुंबई लाया गया।
इस तरह हाथ किया गया ट्रांसप्लांट
मुंबई के ग्लोबल हॉस्पिटल में प्लास्टिक सर्जन, माइक्रोवेस्कुलर, आर्थोपेडिक सर्जन के साथ ही एनेस्थीसिया की टीम ने एक साथ 13 घंटे तक सर्जरी की। ट्रांसप्लांट सर्जरी के हेड डॉ. नीलेश सतभाई ने मीडिया को बताया कि पहले पहले प्रथमेश और जो हाथ दान में मिला था उसका ब्लड ग्रुप और हृयूमन ल्यूकोसाइट एंटीजन का क्रोसमैच कराया गया। यह सही मिलने के बाद पहले बाएं हाथ की उंगलियों की सर्जरी की गई, जिससे पता चल सके कि प्रथमेश का शरीर ट्रांसप्लांट को स्वीकार कर रहा है कि नहीं। इसके बाद दाएं हाथ को ट्रांसप्लांट करने के लिए पहले हडडी शरीर से जोड़ी गई, इसके बाद मांसपेशियां और धमनियों की सर्जरी की गई। डॉक्टरों का कहना है कि ट्रांसप्लांट सफल रहा है और नौ महीने में हाथ सही तरह से काम करने लगेगा।