आगरालीक्स…आगरा के दयालबाग की जीवनशैली अपनाई जाए तो वायु गुणवत्ता को साफ रखा जा सकता है. डीईआई में वाद विवाद प्रतियोगिता में स्टूडेंट्स ने रखे अपने विचार
दयालबाग जैसी जीवन शैली अपनाकर जहाँ लोग साईकिल की सवारी करते हैं भारत की हवा को स्वच्छ की जा सकती है। हां हमें इस डायरेक्शन में काम करना होगा केवल बात करने से काम नहीं चलेगा, यह कहना है डीईआई की स्टूडेंट गरिमा कुमारी का. दयालबाग शिक्षण संस्थान, दयालबाग, आगरा में “भारत की हवा स्वच्छ हो सकती है क्या? ” विषय पर एक वाद विवाद प्रतियोगिता का आयोजन विज्ञान संकाय के प्रांगण में किया गया । इस प्रतियोगिता में संकाय के विभिन्न विषयों के छात्र तथा छात्राओं ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया तथा प्रतियोगिता में भाग लेने वाले व अपने विचार को अच्छी तरह से प्रस्तुत करने वालों को पुरस्कृत करने के लिए भी चुना गया।
कई देशों का अस्तित्व आ सकता है खतरे में
स्वच्छ वायु आज के समय में मिलना बहुत ही मुश्किल हो गया है । स्वच्छ वायु स्वस्थ शरीर के लिए बहुत ही जरूरी है लेकिन वातावरण में विभिन्न स्रोतों से उत्पन्न गैस तथा धूल कण वायु की गुणवत्ता को खराब कर रहे हैं। आज के समय में वायु गुणवत्ता में कमी एक वैश्विक चुनौती बन गया है। इस चुनौती ने मनुष्य के अस्तित्व को खतरे में डाल दिया है। दयालबाग शिक्षण संस्थान के रसायन विज्ञान के प्रवक्ता डॉ रंजीत कुमार ने बताया कि हाल ही में इंटरनेशनल पैनल ऑन क्लाइमेट चेंज के रिपोर्ट बहुत ही भयानक है जिसके अनुसार आने वाले समय में अगर वायु गुणवत्ता में सुधार नहीं किया गया तथा प्रदूषण का बढ़ना जारी रहा तो कई सारे देश का अस्तित्व ही शायद खतरे में पड़ जाएगा। भारत की हवा भी स्वच्छ नहीं रहा है तथा खास करके शहरों की वायु गुणवत्ता बहुत ही खराब है। वायु गुणवत्ता खराब वाले शहरों में विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के अनुसार आगरा भी है । आगरा के वायु गुणवत्ता को सुधार के लिए पहल करने की बहुत ही जरूरी है। डा कुमार के अनुसार इसके लिए खासकर के युवाओं को आगे आना होगा तथा अपने आने वाले भविष्य को स्वच्छ हवा उपलब्ध कराने की जिम्मेवारी को समझना होगा । इसी को ध्यान में रखते हुए आज के बाद विवाद प्रतियोगिता का विषय क्या भारत की हवा स्वच्छ हो सकती है रखा गया है।
आज के प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने अपने विचारों से देश की हवा को स्वच्छ कैसे बनाये तथा क्या-क्या उपाय करने चाहिए विषय पर अपना दृष्टिकोण रखा। आज के प्रतियोगिता में विषय के पक्ष व विपक्ष में अपने विचार प्रतिभागियों ने रखें। विषय के पक्ष में विचार रखने वाले प्रतिभागियों में कुमारी चंचल प्रथम, गरिमा कुमारी द्वितीय तथा अर्पण तृतीय स्थान प्राप्त किए। विपक्ष में विचार रखने वालों में प्रथम स्थान शुभी शर्मा, द्वितीय स्थान गरिमा शर्मा तथा तृतीय स्थान वर्षा ने प्राप्त किए। वाद विवाद प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में डॉ कविता रायजादा तथा सुश्री दीपाली कुशवाहा थी। डॉ कविता रायजादा ने प्रतिभागियों को वाद विवाद प्रतियोगिता के मानदंड, नियम तथा उसकी बारीकियों से अवगत कराया तथा विजय प्रतिभागियों के उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी। वाद विवाद प्रतियोगिता के कन्वीनर डॉक्टर आमला चोपड़ा थी। इस अवसर पर वाद विवाद प्रतियोगिता के कोऑर्डिनेटर डा रंजीत कुमार, डॉ कविता रायजादा, सुश्री दीपाली कुशवाहा, श्री रजनीकांत आदि उपस्थित थे।