आगरालीक्स…आगरा में अब हर्निया के आपरेशन भी हो सकेंगे सस्ते. एसएन मेडिकल कॉलेज में ईटेप से हुई हर्निया की सर्जरी हुई सस्ती. जानिए
दूरबीन विधि से हर्निया के आपरेशन महंगे हैं लेकिन अब ईटेप विधि से हर्निया के आपरेशन सस्ते हो गए हैं। इसमें सामान्य सर्जरी में इस्तेमाल होने वाले मेश इस्तेमाल किए जा सकते हैं। शनिवार को एसोसिएशन आफ सर्जन्स आफ आगरा और एसएन मेडिकल कालेज द्वारा आयोजित हर्नियाकान 2022 में अलग अलग विधि से हर्निया के आपरेशन किए गए।
एम्स, दिल्ली के डा. असुरी कृष्णा ने बताया कि सामान्य विधि से हर्निया के आपरेशन में कम कीमत के मेश इस्तेमाल किए जाते हैं। मगर, दूरबीन विधि से हर्निया का आपरेशन करने के लिए डबल लेयर के मेश इस्तेमाल होते हैं, ये महंगे आते हैं। मगर, अब दूरबीन विधि से ईटेप के द्वारा हर्निया की सर्जरी की जा सकती है। इसमें सामान्य सर्जरी में इस्तेमाल होने वाले मेश प्रयोग में लाए जाते हैं। प्रो. राजीव सिन्हा पूर्व विभागाध्यक्ष एमएलबी मेडिकल कॉलेज झांसी ने कहा कि हर्निया के 40 फीसद मरीज वे होते हैं जो किसी भी तरह के पेट का आपरेशन करवा चुके हैं। इससे मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं और हर्निया हो जाता है। जबकि 10 फीसद जन्मजात होते हैं, डेढ़ साल के बच्चे में हर्निया का आपरेशन कर दिया जाता है।
डा. प्रोबाल एमएलएन मेडिकल कालेज प्रयागराज ने कहा कि सामान्य विधि से हर्निया का आपरेशन करने पर दर्द अधिक होता है और तीन दिन बाद छुटटी मिलती है। जबकि दूरबीन विधि से दर्द बहुत कम होता है और अगले दिन घर चले जाते हैं। यूपीएएसआइ के सचिव डा. निखिल सिंह ने बताया कि पेट के हिस्से वाले हर्निया महिलाओं में ज्यादा होते हैं, पेट के नीचे के हिस्से में हर्निया के केस पुरुषों में अधिक मिलते हैं। एसोसिएशन आफ सर्जन्स आफ आगरा के अध्यक्ष डा. सुनील शर्मा ने बताया कि 20 आपरेशन किए गए, डाक्टर और जूनियर डाक्टरों को हर्निया के आपरेशन करने का प्रशिक्षण दिया गया।
लाइव टेलीकास्ट हुआ
ओटी में आपरेशन हुए और लेक्चर थिएटर में लाइव टेलीकास्ट किया गया। एसएन के कार्यवाहक प्राचार्य डा. टीपी सिंह, सर्जरी विभागाध्यक्ष डा. जूही सिंघल, डा. प्रशांत लवानियां, डा. सुरेंद्र पाठक, डा. अमित श्रीवास्तव, डा. समीर कुमार, डा. राजेश गुप्ता, डा. जेपीएस शाक्य, डा. अरुण राठौर, डा. संदीप गुप्ता, डा. करन रावत, डा. ज्ञान प्रकाश, डा. मनोज सिंघल, डा. आरएम पचौरी, डा. अनंग उपाध्याय, डा. रवि गोयल, डा. एचएल राजपूत, डा. एसके चंद्रा, डा. सरीना अग्रवाल, डा. अनुभव गोयल मौजूद रहे।