आगरालीक्स…आगरा में सोमवार से बच्चे स्कूल जाएंगे, लेकिन दोपहर में 12 या एक बजे यानी 42 डिग्री टेम्परेचर में वापस आएंगे…सोचने वाली बात तो है.
आगरा के लगभग सभी स्कूलों में 4 अप्रैल से नये सेशन की पढ़ाई शुरू होने जा रही है. सोमवार से बच्चे नई क्लास में पढ़ेंगे. बच्चों में स्कूल जाने को लेकर उत्साह भी है. हो भी क्यों न, दो साल से कोविड के कारण आनलाइन पढ़ाई हुई है. बच्चें हों या फिर पेरेंट्स या फिर स्कूल…लगभग सभी का मानना है कि बच्चों की अच्छी पढ़ाई स्कूल जाने से ही हो सकती है. आनलाइन पढ़ाई में बच्चों को पढ़ाया तो बहुत गया लेकिन इस आनलाइन पढ़ाई से कितने बच्चे सीखे हैं, ये सभी जानते हैं. खैर इस बार कोरोना नहीं है लेकिन आगरा में पढ़ रही भीषण गर्मी ने जरूरी बच्चों को कुछ टेंशन देने का काम किया है. ये हाल बच्चों के पेरेंट्स का भी है.

गर्मी को देखते हुए स्कूलों ने स्कूल में पहुंचने का टाइम सुबह सात बजे तो कर दिया है लेकिन जब स्कूल की छुट्टी होगी, उस समय आगरा का तापमान 42 डिग्री के करीब होगा. ऐसे में बच्चे किस हालत में घर पहुंचेंगे, बस यही टेंशन पेरेंट्स को खाये जा रही है. उनका यह सोचना भी जायज है क्योंकि आगरा में पिछले कई दिनों से भीषण गर्मी पड़ रही है और आगरा का तापमान लगातार 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ है. मौसम विभाग ने लू चलने का अलर्ट पहले से ही जारी किया हुआ है.
42 डिग्री से अधिक है तापमान
रविवार को आगरा का अधिकतम तापमान 42.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. यह सामान्य से 8 डिग्री सेल्सियस अधिक है. दिन के समय शरीर को जलाने वाली धूप पड़ रही है. एक पल भी धूप में ठहरना मुश्किल हो रहा है. लोग दिन के समय जरूरी काम से बाहर जाने से भी बच रहे हैं, लेकिन छोटे—छोटे बच्चों को दिन में ही यानी 42 डिग्री तापमान में ही स्कूल से वापस घर आना होगा. अमूमन देखा गया है कि अप्रैल के महीने में गर्मी तो होती है लेकिन फिर भी इतनी अधिक गर्मी नहीं होती है जितनी इस बार पड़ रही है. लोगों का कहना है कि मार्च और अप्रैल में ही गर्मी के तेवर इतने तल्ख हैं तो जब मई और जून की गर्मी आएगी तब क्या होगा.