आगरालीक्स….. आगरा में कोरोना की दूसरी लहर में मरीजों की जान बचाने के लिए स्टेरॉयड की मांग बढ़ी तो फव्वारा दवा बाजार से नकली स्टेरॉयइड इंजेक्शन बेचे गए। कर्नाटक से औषधि विभाग की टीम फव्वारा दवा बाजार पहुंची और बिल खंगाले, टीम ने 680 स्टेरॉयड की दवाओं के बिल न दिखाने पर राजू ड्रग हाउस की संचालिका रेखा भगत्यानी को सात दिन का नोटिस दिया है।

आगरा में 21 अप्रैल 2021 को राजू ड्रग हाउस के मैनेजर रंजीत और हॉकर राहुल को औषधि विभाग की टीम ने जाइडस कैडिला कंपनी की स्टेरॉयड दवा डेकाडुराबोलिन 50 एमजी नकली बेचने के आरोप में अरेस्ट कर जेल भेज दिया था। राजू ड्रग हाउस फव्वारा पर यह दवा रिद्धि फार्मा फार्मा बेलगाम, कर्नाटक से खरीदी गई थी। जाइडस कंपनी ने इस दवा को नकली दवा बताया था। इस मामले में बेलगाम, कर्नाटक और स्थानीय औषधि विभाग की टीम जांच में जुटी हुई है।
680 दवा की बिक्री का नहीं मिला रिकॉर्ड
बेलगाम के सहायक औषधि आयुक्त रघुराम और स्थानीय औषधि आयुक्त राजकुमार शर्मा और कपिल शर्मा ने मंगलवार को राजू ड्रग हाउस पर जांच की। ड्रग इंस्पेक्टर राजकुमार शर्मा का कहना है कि पिछले साल राजू ड्रग हाउस द्वारा 2600 डेकाडुराबोलिन 50 एमजी टैबलेट रिद्धि फार्मा फार्मा बेलगाम से खरीदे गए थे, कई घंटे तक चली जांच के बाद राजू ड्रग हाउस द्वारा 680 टैबलेट की बिक्री का ब्योरा नहीं दिया गया है, ब्योरा देने के लिए सात दिन का नोटिस दिया है।
सस्ते के चक्कर में खरीदी नकली दवा
ड्रग इंस्पेक्टर राजकुमार शर्मा का कहना है कि डेकाडुराबोलिन टैबलेट पर एमआरपी 338.40 रुपये थी, इसकी कोरोना की दूसरी लहर में मांग बढ़ गई थी। राजू ड्रग हाउस द्वारा यह दवा 203 रुपये में रिद्धि फार्मा से खरीदी थी, सस्ती के चलते दवा खरीद ली गई। इस मामले में जेल भेजे गए रंजीत और राहुल जमानत पर जेल से बाहर हैं।