आगरालीक्स आगरा में ग्राम न्यायालय का पहला फैसला, एक साल की सजा और अर्थदंड भी लगाया। जिले में तीन ग्राम न्यायालय हैं, अक्टूबर 2020 में इनकी स्थापना की गई।
आगरा में अक्टूबर 2020 में किरावली, बाह और एत्मादपुर में तीन ग्राम न्यायालय की स्थापना की गई। इनमें लघु आपराधिक वादों के साथ ही पांच से 10 हजार रुपये मूल्य के सिविल वादों का निस्तारण किया जाता है, राजस्व संबंधित वाद और नहर कटिंग, मेड कटिंग जैसे मुकदमों का निस्तारण किया जाता है।

पहला फैसला, बस चालक को सुनाई सजा
जिले में तीन ग्राम न्यायालय है, पहला फैसला किरावली ग्राम न्यायालय ने सुनाया है। अछनेरा क्षेत्र के अभुआपुरा निवासी प्रधान बाबूलाल शर्मा 20 जनवरी 1998 को शाम को तहसील से घर लौट रहे थे। आगरा जयपुर हाईवे पर रोडवेज बस ने चपेट में ले लिया, अस्पताल में मौत हो गई। बस चालक चंद्रभान निवासी जाटवपुरा एटा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने चार्जशीट लगा दी, दीवानी न्यायालय में में सुनवाई शुरू हो गई, गवाही और जिरह पूरी होने के बाद भी फैसला नहीं आया।
ग्राम न्यायालय में स्थानांतरित किया गया केस
उधर, इस मामले को ग्राम न्यायालय किरावली में केस स्थानांतरित कर दिया गया। किरावली ग्राम न्यायालय के न्यायाधीश हरिहर गुप्ता ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद फैसला सुनाया। इसमें रोडवेज बस चालक को एक साल की कैद और 4500 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। वादी मुकेश शर्मा का कहना है कि 24 साल से पैरवी कर रहा था, दीवानी न्यायालय में कितनी बार तारीख पर गया, ग्राम न्यायालय ने बहुत कम समय में फैसला सुना दिया।