आगरालीक्स…आगरा में विवि की वर्ष 2021—22 के द्वितीय सेमेस्टर की आगामी परीक्षाएं ओएमआर पर आधारित होंगी. बीएड, एमएड, एलएलबी, बीएएलएलबी 2022 की परीक्षाएं भी ओएमआर होंगी. पेपर आउट प्रकरण में ये करेंगे जांच
डॉ भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की परीक्षा समिति की बैठक कुलपति प्रोफेसर विनय कुमार पाठक की अध्यक्षता में हाइब्रिड मोड में आज अपराह्न 3:00 बजे संपन्न हुई. जिसमें प्रति कुलपति प्रोफेसर अजय तनेजा, कुलसचिव संजीव कुमार सिंह, परीक्षा नियंत्रक अजय कृष्ण यादव, वित्त अधिकारी ए के सिंह, प्रोफेसर मीनाक्षी श्रीवास्तव, प्रोफेसर प्रदीप श्रीधर, प्रोफेसर दीपमाला श्रीवास्तव, प्रोफेसर एसपी सिंह, डॉ. प्रीति जौहरी, औटा के महामंत्री डॉ भूपेंद्र चिकारा आदि उपस्थित रहे.

बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णय इस प्रकार रहे-
- विश्वविद्यालय की वर्ष 2021 22 की द्वितीय सेमेस्टर की आगामी परीक्षाएं ओएमआर पर आधारित होंगी. कुलपति ने बताया कि विद्यार्थियों को असुविधा न हो, इस दृष्टि से उन्हें पर्याप्त विकल्प उपलब्ध कराया जाएगा. उन्हें 75 में से केवल 50 वस्तुनिष्ठ प्रश्नों के उत्तर देने होंगे.
- बीएड पाठ्यक्रम सत्र 2022 प्रथम वर्ष और द्वितीय वर्ष एवं एम एड पाठ्यक्रम सत्र 2022 एवं एलएलबी तथा बी ए एल एल बी की वर्ष 2022 की परीक्षाएं भी ओएमआर पर आधारित होंगी.
- विश्वविद्यालय की आगामी विस्तृत उत्तरीय परीक्षाओं में प्रयोग की जाने वाली उत्तर पुस्तिकाएं अब 24 पृष्ठों की होंगी. कुलपति ने परीक्षा नियंत्रक को निर्देशित किया है कि अब विश्वविद्यालय डिजिटल मूल्यांकन की पद्धति पर चलेगा, अतः उत्तर पुस्तिकाएं भी उसी व्यवस्था के अनुरूप बारकोड लगाकर तैयार की जाएँ.
- पेपर आउट प्रकरण, उसमें कोचिंग और शिक्षकों की संलिप्तता, विश्वविद्यालय द्वारा स्ववित्तपोषित महाविद्यालय को दी गई संबद्धता और उनमें अवस्थापना सुविधाओं की कमी आदि की जांच करने के लिए माननीय कुलपति जी द्वारा 4 सदस्यीय समिति का गठन किया गया है, जिसमें प्रति कुलपति प्रोफेसर अजय तनेजा, सेंट जॉन्स कॉलेज के प्राचार्य प्रोफेसर एसपी सिंह, आरसीए गर्ल्स डिग्री कॉलेज मथुरा की प्राचार्य डॉ प्रीति जौहरी और औटा के महामंत्री डॉ भूपेंद्र चिकारा रहेंगे. समिति उपर्युक्त सभी बिंदुओं की जांच करके उनके कारण और निवारण सहित एक विस्तृत आख्या यथाशीघ्र प्रस्तुत करेगी.
- अंक चार्ट में परीक्षा फल से संबंधित संशोधन हेतु डॉ राजीव वर्मा और डॉक्टर राजेश कुशवाहा को नामित किया गया है. इस कार्य हेतु उन्हें ₹1000 प्रति माह पारिश्रमिक भी प्रदान किया जाएगा.
- विश्वविद्यालय की मौखिक परीक्षा हेतु नियुक्त किए गए परीक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया, किसी परिस्थिति वश नाम परिवर्तन किए जाने आदि की प्रक्रिया और अन्य किसी प्रकार की जानकारी देने के लिए प्रोफेसर वी के सारस्वत द्वारा एक वीडियो तैयार कर विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर जारी किया जाएगा.