आगरालीक्स…आगरा में पॉलीथिन छोड़ पेपर बैग इस्तेमाल करने की अपील की जा रही है. श्री बांके बिहारी वेलफेयर सोसाइटी ने पेपर से बनाए बैग बांटकर दिया संदेश
विश्व पेपर बैग दिवस के अवसर पर आगरा की ‘श्री बांके बिहारी वेलफेयर सोसाइटी’ द्वारा पेपर से बनाए गये बैग मार्केट में वितरित किए। प्लास्टिक धीमा जहर है। जिसे हम अनजाने में अपनाकर अपना ही नहीं अपने लोगों का भी जीवन खतरे में डाल रहे हैं। थोड़ी सी सुविधा के लिए इससे होने वाले नुकसान को हम इग्नोर करते हैं। अब जब दुष्प्रभाव बहुत बढ़ गया तो हमारी सरकारों को भी समझ आया और प्लास्टिक खत्म करने को नीतियां बनीं, लेकिन जब तक हम स्वयं प्लास्टिक छोड़ने का संकल्प नहीं लेंगे तब तक प्लास्टिक का जहर हमारे पर्यावरण को खराब करता रहेगा।
संस्था के संस्थापक डॉ मदन मोहन शर्मा का कहना है कि हमें भी ये देखना होगा कि हम कम से कम प्लास्टिक का इस्तेमाल करें।आज पेपर बैग दिवस के मौके पर बच्चों ने पुराने न्यूज़ पेपर से बैग बनाए और उन्हें मार्केट में समान लेने आये लोगों और दुकानदारों को दिया। सभी से अपील की गयी कि बाजार जाने पर अपने साथ सामान रखने के लिए कपड़े का थैला ले जाएं। सामान को प्लास्टिक के थैलों में न लेकर कागज के थैलों में लें। वेलफेयर सोसाइटी संरक्षक अंकुर अग्रवाल (सी.ए) प्राचीन कैलाश मंदिर महंत गौरव गिरी,डॉ राजेश कुशवाह,डॉ सतीश यादव,वरुण सिकरवार विवेक पाराशर सोमेश गिरी ने संयुक्त रूप से लोगों को समझाया कि प्लास्टिक बैग के इस्तेमाल से गन्दगी बढ़ती है।यह जल्दी नष्ट नहीं होता और लम्बे समय तक अपने प्लास्टिक फॉर्म में ही रहता है जिससे मिटटी भी प्रदूषित होती है।लोगों को इसे समझना होगा और पर्यावरण को बचाने के लिए प्लास्टिक के बदले पेपर बैग का इस्तेमाल करना चाहिए।
संरक्षक डॉ योगेश बिंदल, डॉ अलका बिंदल ने प्लास्टिक प्रदूषण से निजात पाने के लिए सभी को आगे आना होगा। स्वयं के साथ आस- पड़ोस के अन्य लोगों को भी पेपर बैग के इस्तेमाल के लिए प्रेरित करना होगा।इस मौके पर प्रमुख रूप से सागर गिरी, रामू गिरी,ध्रुव,पंकज,शेखर उपाध्याय,मनोज सिंघल, नकुल सारस्वत,दीपक, अभिषेक,अमित सारस्वत आदि उपस्थित थे