आगरालीक्स…खटिया के ऊपर सो रहा मानव, खटिया के नीचे 12 फीट लंबा मगरमच्छ. दोनों ने एक दूसरे को देखा…..फिर देखो किस तरह दोनों एक दूसरे से डरे…क्योंकि डर सबको लगता है….
आप जिस चारपाई पर सो रहे हो, उसके नीचे आपको पता लगे कि 12 फीट लंबा एक मगरमच्छ है तो दहशत में आपकी हालत क्या होगी….यह सबको पता है लेकिन ये जरूरी नहीं है कि मगरमच्छ को देखकर आप ही डरे हों, हो सकता है कि मगरमच्छ भी आपको देखकर डर गया हो. कुछ ऐसा ही मामला सामने आया है आगरा मंडल के मैनपुरी जिले से. यहां एक आश्रम में रहने वाले संत जब चारपाई पर सो रहे थे तो उन्हें कुछ खटपट महसूस हुई. जागने पर नीचे देखा तो एक 12 फीट लंबा मगरमच्छ पड़ा हुआ था. यह देखते ही संत के पसीने छूट गए और उसने परिजनों को जगाने के लिए जोर से शोर मचा दिया. इधर मगरमच्छ भी अचानक हुए इस शोर से इतना घबरा गया कि वो पास ही झाड़ियों में जा छुपा.

मामला मैनपुरी के बिछवां थाना क्षेत्र स्थित काली नदी के किनारे स्थित एक आश्रम का है. बीती रात आश्रम में एक मगरमच्छ घुस आया जो कि चारपाई पर सो रहे संत बाबा योगेश्वारानंद के नीचे चारपाई के नीचे पहुंच गया. रात करीब 12 बजे उन्हें कुछ आहट हुई, इस पर वह पेशाब करने के लिए उठे तो उनकी नजर चारपाई के पास ही एक मगरमच्छ पर दिखाई दी. मगरमच्छ को देखते ही वह देशत में आ गए और पास लेटे अन्य परिजनों को जगाने के लिए तेजी से शोर मचाया. शोर सुनकर मगरमच्छ भी वहां से भागकर झाड़ियों में जा छुपा. रातभर सभी लोग जागते रहे. सुबह इसकी सूचना थाना पुलिस और वन विभाग को दी गई. ग्रामीणों की भीड़ भी मौके पर जमा हो गई.
सचूना पर थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई. इसके साथ ही संभागीय वन अधिकारी वानेंद्र सिंह और रेंजर महेंद्र सिंह भी वन विभाग की टीम के अन्य सदस्यों के साथ वहां आ गए. तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद मगरमच्छ को पकड़ लिया गया. वन विभाग पहले उसे काली नदी में ही छोड़ना चाहती थी लेकिन ग्रामीणों के कहने पर उसे फर्रूखाबाद स्थित गंगा नदी में ले जाकर छोड़ा जाएगा. मगरमच्छ की लंबाई लगभग 12 फीट और वजन लगभग दो कुंतल है.