Tuesday , 27 October 2026
Home आगरा Agra News: Focus on women’s diseases and problems in the ‘Look in to the future’…#agranews
आगराटॉप न्यूज़हेल्थ

Agra News: Focus on women’s diseases and problems in the ‘Look in to the future’…#agranews

207

आगरालीक्स…महिलाओं में कई ऐसे रोग होते हैं, जिन्हें रोका जा सकता है लेकिन शर्म और झिझक से घुट-घुट कर जी रहीं महिलाएं. आगरा में डॉक्टरों ने इन रोगों के बारे में कई ऐसी जानकारियां दी जिसने ये रोग रोके जा सकते हैं….

  • ‘लुक इन टू द फ्यूचर‘, आब्स गायनी, वूमन हैल्थ रीजनरेटिव गायनेकोलाॅजी एंड जेनेटिक्स सम्मेलन में दूसरे दिन विशेषज्ञों ने बताया कि उन रोगों का भविष्य क्या है जिनकी वजह से आज घुट-घुट कर जी रही हैं महिलाएं

महिलाओं से जुड़ी तमाम ऐसी समस्याएं हैं जो बड़ी बीमारी में बदल जाती हैं। इन्हें रोका जा सकता है, लेकिन शर्म और झिझक के चलते महिलाएं किसी से बात नहीं करतीं। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर वे बात करें तो ऐसी बीमारियों को रोका जा सकता है बल्कि वे कुछ भी नहीं हैं। इंडियन सोसायटी आॅफ एस्थेटिक एंड रीजनरेटिव मेडिसिन (इनसर्ग) द्वारा फाॅग्सी यंग टेलेंट प्रमोशनल कमेटी, जेनेटिक्स कमेटी के सहयोग से आॅब्स गायनी, वूमन हैल्थ रीजनरेटिव गायनेकोलाॅजी एंड जेनेटिक्स सम्मेलन 26 से 28 अगस्त 2022 तक फतेहाबाद रोड स्थित होटल ताज कन्वेंशन सेंटर में आयोजित किया गया है। इसकी थीम लुक इन टू द फ्यूचर है। इस थीम के जरिए महिलाओं से जुड़ी उन समस्याओं या रोगों पर ध्यान केंद्रित करने की कोशिश है, जो भविष्य में विकराल रूप ले सकते हैं और समाधान अभी खोजे जाने की जरूरत है। सम्मेलन के दूसरे दिन तकनीकी सत्र सुबह आठ बजे से शुरू हुए। सोसाइटी कीं उपाध्यक्ष और उजाला सिग्नस रेनबो हॉस्पिटल कीं निदेशक डाॅ. जयदीप मल्होत्रा ने भारत में एस्थेटिक गायनेकोलाॅजी के भविष्य पर बात की। कहा कि न सिर्फ निजी बल्कि सरकारी क्षेत्र के अस्पतालों में भी अब यह सुविधा शुरू की जाने लगी है। यह एक सुपर स्पेशियलिटी डिवीजन है, जिसका उद्देश्य महिलाओं की निजी स्वास्थ्य समस्याओं का निवारण करना है। ऐसी समस्याओं में स्ट्रेस यूरिनरी इनकंटीनेंस, संबंध बनाने में परेशानी, योनि के रास्ते से शरीर के हिस्से का बाहर आना, फीमेल जेनिटल म्यूटिलेशन आदि मुख्य रूप से शामिल हैं। डाॅ. प्रीति जिंदल ने स्टेªस यूरिनरी इनकंटिनेंस के नाॅन इनवेसिव उपचार के बारे में बताया। कहा कि प्रथम दृष्टया मूत्र असंयम पर ऐसे उपचार पर ध्यान देना चाहिए जिसमें किसी सर्जिकल या इनवेसिव प्रोसीजर की जरूरत नहीं होती। डाॅ. अर्चना वर्मा और डाॅ. कविता बापट ने एक डिस्कशन में महिलाओं की निजी समस्याओं पर विशेषज्ञों की अलग-अलग राय जानी।

एंब्रियोलाॅजिस्ट डाॅ. केशव मल्होत्रा ने महिला और पुरूष दोनों में ही बांझपन के कुछ आनुवांशिक कारणों पर प्रकाश डाला। साथ ही यह भी बताया कि उनका निदान और उपचार कैसे किया जाता है। कहा कि आनुवांशिक विकार डीएनए में परिवर्तन के कारण होते हैं जो एक या एक से अधिक जीन को प्रभावित कर सकते हैं। कुछ मामलों में ये विकार आपको अपने माता-पिता से विरासत में मिले हो सकते हैं। पुरूषों के आनुवांशिक कारणों पर नजर डालें तो गुणसूत्रों की खराबी या असंतुलन पुरूष बांझपन का एक बड़ा कारण हो सकता है।
आयोजन अध्यक्ष और उजाला सिग्नस रेनबो हॉस्पिटल के निदेशक डाॅ. नरेंद्र मल्होत्रा ने बताया कि मूत्र का बार-बार रिसना, योनि का सूखापन, खुजली का बार-बार होना, गर्भाशय का बाहर खिसकना, संभोग में दर्द या तकलीफ जैसी समस्याएं महिलाओं को लग सकती हैं, लेकिन वे इनके बारे में बताती नहीं हैं। जब तकलीफ हद से पार होती है तो पता चलता है लेकिन देर हो चुकी होती है। इससे अच्छा है कि बात करें क्योंकि इन सभी समस्याओं का इलाज मौजूद है और बहुत एडवांस है। मामूली दवाओं से भी रोग ठीक हो जाते हैं।

आॅब्स एंड गायनी की जेनेटिक टेस्टिंग में कैसे आगे बढ़ें ?
डाॅ. मंदानिकी प्रधान और डाॅ. नीहारिका मल्होत्रा की मध्यस्थता में एक पैनल डिस्कशन हुआ जिसका विषय था कि आॅब्स एंड गायनी की जेनेटिक टेस्टिंग की दिशा में आगे कैसे बढ़ा जाए। इसके दो मुख्य बिंदु थे कि एक चिकित्सक के लिए जेनेटिक परीक्षण कराना किन परिस्थ्तिियों में जरूरी हो जाता है और दूसरा कि मरीजों में जानकारी का अभाव एक बड़ी बाधा है। वे जानते ही नहीं कि यह जेनेटिक परीक्षण उन्हें भविष्य की किन बड़ी मुश्किलों से बचा सकते हैं। इसलिए जानकारी होना जरूरी है। अपने चिकित्सक से बात करें। सर गंगाराम हाॅस्पिटल कीं डाॅ. वेरोनिका अरोड़ा, डाॅ. वेनी थापर, डाॅ. आरती चितकारा, डाॅ. रिजू, डाॅ. पूनम गोयल, डाॅ. सुप्रिया आरवारी, डाॅ. सरिता अग्रवाल, डाॅ. प्रेरणा, डाॅ. आराधना द्विवेदी, डाॅ. सीमा वाष्र्णेय आदि पैनलिस्ट थे।

तकनीकी ज्ञान का आदान-प्रदान
तकनीकी सूत्रों के अलावा दिन भर में कई पैनल डिस्कशन हुए जिसमें जेनेटिक सिंड्रोम के सीजेरियन कैस की चुनौतियां, प्रीनेटल स्क्रीनिंग, एनर्जी बेस्ड डिवाइसिज, एसयूआई सर्जरी के मैनेजमेंट, नाॅन इनवेसिव सैक्सुअल रेज्युवेनेशन आदि मुख्य टाॅपिक थे। पैनल डिस्कशन डाॅ. सेल्विाप्रिया, डाॅ. कविता गौतम, डाॅ. सीता पाल, डाॅ. गिरीश माने, डाॅ. मिलिंद शाह, डाॅ. विद्या पंचोली, डाॅ. रागिनी अग्रवाल, डाॅ. जेबी शर्मा, डाॅ. करिश्मा, डाॅ. जयरानी कामराज, डाॅ. मनिंदर आहूजा, डाॅ. लीला व्यास की मध्यस्थता में हुए।

शर्म और झिझक के कारण बीमारी न छुपाएं
सोसायटी कीं अध्यक्ष निर्वाचित डाॅ. रागिनी अग्रवाल ने बताया कि एस्थेटिक और रीजनरेटिव गायनेकोलाॅजी एक विशाल क्षेत्र है। महिलाओं की ऐसी बीमारियों या समस्याओं को लेकर जिनके बारे में वह शर्म और झिझक की वजह से परिवार में किसी को नहीं कहतीं और लंबे समय से इन बीमारियों के साथ जीती रहती हैं। ऐसे में होता यह है कि कई बार बीमारी नियंत्रण से बाहर चली जाती है और बात जीवन मरण तक पहुंच जाती है।

अंधविश्वास और पर्दाप्रथा हावी
उपाध्यक्ष डाॅ. लीला व्यास ने बताया कि आज भी समाज में प्रचलित अंधविश्वास और बीमारी पर पर्दा डालने की प्रथा हावी है। महिलाएं स्वतंत्र होकर निर्णय नहीं ले पातीं और समस्याओं का समय पर इलाज नहीं करातीं। यौन रोगों के बारे में तो वह बात तक नहीं करतीं।

महिलाओं को नवजीवन देने की क्षमता
फौगसी की अध्यक्ष डॉ शांता कुमारी ने बताया कि रीजनरेटिव एंड काॅस्मेटिक गायनेकोलाॅजी महिलाओं के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होंगी। इस तरह की समस्याओं से पीड़ित महिलाएं विशेषज्ञों को अपनी निजी परेशानियों से अवगत कराकर इन सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं का लाभ लेंगी। यह सेवाएं ग्रसित महिलाओं को नवजीवन प्रदान करेंगी।

Written by
Agraleaks Team

AgraLeaks is a prominent digital news platform dedicated to delivering timely and reliable news from Agra and the surrounding regions. Established over a decade ago, AgraLeaks has become a trusted source of local journalism, covering a wide range of topics including city news, politics, education, business, sports, health, and cultural events. Its mission is to keep citizens informed and connected with developments that directly impact their community. With a strong focus on hyperlocal reporting, AgraLeaks provides real-time updates on important incidents, civic issues, public events, and government initiatives. Over the years, it has built a reputation for fast reporting and comprehensive coverage, making it one of the most recognized local news portals in Agra. The platform also features regional, national, and international news to offer readers a broader perspective beyond the city. Driven by the principle “Apki Khabar Hamari Nazar” (Your News, Our Watch), AgraLeaks continues to serve as a vital voice of the city, empowering readers with accurate information and strengthening the local media ecosystem through digital journalism.

Related Articles

आगरा

Agra Graduates’ MLC election Live: Results for the first round are in…#agranews

आगरालीक्स…आगरा एमएलसी स्नातक चुनाव की मतगणना अपडेट. पहले राउंड के नतीजे आए..जानिए...

आगरा

Agra News: Three trucks collide on Agra-Lucknow Expressway; one driver killed…#agranews

आगरालीक्स…आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर तीन ट्रकों की भिड़ंत, एक चालक की मौत, दो...

टॉप न्यूज़

Festival Market Agra: On Karwa Chauth, the trend of giving customized and personalized gifts—beyond just jewelry—is on the rise…#agranews

आगरालीक्स...करवाचौथ पर ज्वैलरी ही नहीं कस्टमाइज्ड और पर्सनल गिफ्ट्स का भी बढ़ा...

टॉप न्यूज़

Agra News: Agra College Staff Club elections; results declared…#agranews

आगरालीक्स…आगरा कॉलेज स्टाफ क्लब के चुनाव में कांटे की टक्कर, नतीजे हुए...

error: Content is protected !!